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बच्चों की किताबों का अता-पता नहीं

Thu, 29 Jun 2017 01:19 AM IST
Updated Thu, 29 Jun 2017 01:19 AM IST
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बच्चों की किताबों का अता-पता नहीं
बच्चों को जूते-मौजे भी देगी योगी सरकार
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मुजफ्फरनगर। प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में एक जुलाई से सत्र प्रारंभ हो रहा है, लेकिन बच्चों की किताबों का अतापता नहीं है। फिलहाल बच्चों को पुरानी किताबों से ही पढ़ना पडे़गा। वहीं, योगी सरकार बच्चों को जूतों के साथ मौजे भी देगी। इसके लिए स्कूलवार बच्चों की संख्या का ब्यौरा मांगा गया है।
जनपद स्तर पर प्राइमरी और उच्च प्राथमिक के करीब 1163 विद्यालय हैं। जिनमें एक लाख तीस हजार से अधिक बच्चे पढ़ते हैं। शिक्षा अधिकार अधिनियम के तहत प्रदेश सरकार 6 से 14 साल के बच्चों को मुफ्त शिक्षा देती है। इसके लिए बच्चों को यूनिफार्म, किताबों का इंतजाम भी सरकार की जिम्मे है। जून माह की छुट्टी के बाद एक जुलाई से स्कूल खुलेंगे। सत्र प्रारंभ होने के साथ ही स्कूलों में किताबों का वितरण होता है, जो इस बार ठंडा है। जिला स्तर पर बच्चों की किताबें नहीं पहुंच सकी हैं।
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उधर, जुलाई माह में बारिश का मौसम अधिक रहता है। जिसके चलते कई बीमारियां और मच्छर पनपते हैं। इसके लिए बच्चे जुलाई से ही जूते और मौजे पहनकर स्कूल आएंगे। प्रदेश सरकार बच्चों को जूते और मौजे भी मुहैया कराएगी। इसके लिए बीएसए को आदेश जारी किए गए हैं। ब्लॉक और नगरीय क्षेत्र के स्कूलों के बच्चों की संख्या मांगी गई है। यह संख्या सर्व शिक्षा अभियान के पूरा होने से पहले भेजनी होगी, ताकि बच्चों को समय पर जूते और मौजे वितरित किए जा सकें। बीएसए चंद्रकेश सिंह यादव ने बताया कि जुलाई से शिक्षा सत्र शुरू हो जाएगा। किताबें अभी नहीं पहुंची है, जल्द ही आने की उम्मीद है।
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