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एक्टिव केस फाइडिंग में 43 लोगों में मिली टीबी
Updated Sat, 10 Mar 2018 11:32 PM IST
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एक्टिव केस फाइडिंग में 43 लोगों में मिली टीबी
मुजफ्फरनगर। जिला क्षय रोग विभाग की देखरेख में चले एक्टिव केस फाइडिंग (एसीएफ) में 120 लोगों की टीम ने 10 दिनों तक सर्वे किया। जिले की 10 प्रतिशत आबादी यानि तीन लाख लोगों पर टीबी के अनेक लक्षण पता लगाए गए। हालांकि टीमों ने दो लाख 75 हजार व्यक्तियों पर सर्वे पूर्ण किया है। इस पर 43 लोगों में टीबी पाई गई है, जिनका विभाग ने तत्काल प्रभाव से उपचार शुरू कर दिया है।
वर्ष 2019 तक टीबी को जड़ से खत्म करने का केंद्र सरकार ने लक्ष्य रखा है। इसको लेकर विशेष कार्ययोजना तैयार की गई, जिसमेें सामान्य व्यक्तियों, आबादी के बीच चिकित्सकों की टीम से सर्वे कराया गया, क्योंकि टीबी के ऐसे कई लक्षण होते हैं, जो व्यक्ति को महसूस नहीं होते। इनके बढ़ने पर टीबी का पता चलता है। स्वास्थ्य विभाग की मंशा है कि टीबी को पनपते ही खत्म किया जाए। इसको लेकर जनपद में एक्टिव केस फाइडिंग (एसीएफ) कार्यक्रम चलाया गया। शहर की खालापार, इंद्रा कालोनी, मल्हूपुरा, लद्दावाला, पुरकाजी, चरथावल, खतौली नगर आदि क्षेत्रों में तीन लाख लोगों पर सर्वे का लक्ष्य रखा गया, जिनमें टीबी के लक्षणों का पता लगाना था। 10 दिन तक तक चले अभियान में 100 स्वास्थ्य कर्मचारियों, 20 सुपरवाइजरों की टीम ने दो लाख 75 हजार लोगों पर सर्वे पूर्ण किया, जिसके चलते 43 लोगों में टीबी के लक्षण मिले हैं। यह लोग पूरी तरह से टीबी की गिरफ्त में पाए गए हैं। इनका तत्काल विभाग में उपचार शुरू किया गया। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ लोकेश कुमार गुप्ता ने बताया कि 10 मार्च को सर्वे पूर्ण हो गया है। अभियान में करीब 43 लोगों में टीबी के लक्ष्ण मिले हैं। इनका उपचार शुरू करा दिया गया है। आगे भी शासन की गाइडलाइन के मुताबिक अभियान को अंजाम दिया जाएगा।
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मुजफ्फरनगर। जिला क्षय रोग विभाग की देखरेख में चले एक्टिव केस फाइडिंग (एसीएफ) में 120 लोगों की टीम ने 10 दिनों तक सर्वे किया। जिले की 10 प्रतिशत आबादी यानि तीन लाख लोगों पर टीबी के अनेक लक्षण पता लगाए गए। हालांकि टीमों ने दो लाख 75 हजार व्यक्तियों पर सर्वे पूर्ण किया है। इस पर 43 लोगों में टीबी पाई गई है, जिनका विभाग ने तत्काल प्रभाव से उपचार शुरू कर दिया है।
वर्ष 2019 तक टीबी को जड़ से खत्म करने का केंद्र सरकार ने लक्ष्य रखा है। इसको लेकर विशेष कार्ययोजना तैयार की गई, जिसमेें सामान्य व्यक्तियों, आबादी के बीच चिकित्सकों की टीम से सर्वे कराया गया, क्योंकि टीबी के ऐसे कई लक्षण होते हैं, जो व्यक्ति को महसूस नहीं होते। इनके बढ़ने पर टीबी का पता चलता है। स्वास्थ्य विभाग की मंशा है कि टीबी को पनपते ही खत्म किया जाए। इसको लेकर जनपद में एक्टिव केस फाइडिंग (एसीएफ) कार्यक्रम चलाया गया। शहर की खालापार, इंद्रा कालोनी, मल्हूपुरा, लद्दावाला, पुरकाजी, चरथावल, खतौली नगर आदि क्षेत्रों में तीन लाख लोगों पर सर्वे का लक्ष्य रखा गया, जिनमें टीबी के लक्षणों का पता लगाना था। 10 दिन तक तक चले अभियान में 100 स्वास्थ्य कर्मचारियों, 20 सुपरवाइजरों की टीम ने दो लाख 75 हजार लोगों पर सर्वे पूर्ण किया, जिसके चलते 43 लोगों में टीबी के लक्षण मिले हैं। यह लोग पूरी तरह से टीबी की गिरफ्त में पाए गए हैं। इनका तत्काल विभाग में उपचार शुरू किया गया। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ लोकेश कुमार गुप्ता ने बताया कि 10 मार्च को सर्वे पूर्ण हो गया है। अभियान में करीब 43 लोगों में टीबी के लक्ष्ण मिले हैं। इनका उपचार शुरू करा दिया गया है। आगे भी शासन की गाइडलाइन के मुताबिक अभियान को अंजाम दिया जाएगा।
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