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कब्जा हटाने पहुंचे अफसरों के सामने हाईटेंशन ड्रामा
Updated Sat, 29 Jul 2017 12:31 AM IST
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केरोसिन की केन लेकर छत पर चढ़ी महिलाएं
मुजफ्फनगर। पूर्वमंत्री विद्याभूषण से जुड़ी जमीन को खाली कराने गांव बिलासपुर पहुंची टीम को उल्टे पांव दौड़ना पड़ा। जमीन खाली कराने पर केरोसिन छिड़ककर जान देने के लिए महिलाएं और परिजन घर की छत पर चढ़ गए। परिवार के लोग आत्महत्या न कर लें, इससे अफसर डर गए। हालांकि तहसीलदार ने दावा किया है कि खेती की जमीन को कब्जामुक्त करा लिया गया है, केवल घर की जमीन बाकी बची है।
शहर से सटे गांव बिलासपुर में पूर्व विधायक विद्याभूषण की 35 बीघा जमीन बताई गई है। विद्याभूषण के देहांत के बाद से ही जमीन विवादित बनी हुई है। सीआरपीसी की धारा 145 और 146 के तहत मुकदमा एसडीएम सदर की कोर्ट में चला, जो हाईकोर्ट तक पहुंचा। हाईकोर्ट ने अवैध कब्जा मानते हुए जिला प्रशासन को जमीन को कब्जा मुक्त कराने के आदेश दिए। इस संबंध में एसडीएम सदर ने एसओ नईमंडी और तहसीलदार सदर को भूमि खाली कराने के आदेश जारी किए।
इन्हीं आदेशों के क्रम में शुक्रवार को सीओ नईमंडी मणिलाल पाटीदार, तहसीलदार सदर रणजीत सिंह, एसओ नईमंडी और अन्य थानों से भारी पुलिस बल लेकर बिलासपुर पहुंचे। बिलासपुर में विवादित खेती की 35 बीघा जमीन को खाली कराया गया। इसके बाद टीम जयसिंह पाल नामक व्यक्ति के घर पर पहुंची और जमीन खाली करने के लिए कहा। अफसरों ने हाईकोर्ट के आदेश भी दिखाए। इससे पहले परिवार की महिलाएं केरोसिन की केन और सल्फास की गोली हाथ में लेकर छत पर चढ़ गईं। चेतावनी दी कि यदि उनका घर खाली कराया तो वह आत्मदाह कर लेंगे। पुलिस और प्रशासनिक अफसर मौके के हालात को देखकर डर गए। अफसरों ने महिलाओं को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं मानी। बाद में परिवार के लोगों को एक सप्ताह का समय दिया गया। ग्राम प्रधान से कहा गया कि वह एक सप्ताह में कब्जाधारी परिवार से जमीन खाली करा दें। तहसीलदार रणजीत सिंह ने बताया कि भूमि विवाद काफी पुराना है। जल्द ही घर की जमीन को भी खाली करा दिया जाएगा।
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मुजफ्फनगर। पूर्वमंत्री विद्याभूषण से जुड़ी जमीन को खाली कराने गांव बिलासपुर पहुंची टीम को उल्टे पांव दौड़ना पड़ा। जमीन खाली कराने पर केरोसिन छिड़ककर जान देने के लिए महिलाएं और परिजन घर की छत पर चढ़ गए। परिवार के लोग आत्महत्या न कर लें, इससे अफसर डर गए। हालांकि तहसीलदार ने दावा किया है कि खेती की जमीन को कब्जामुक्त करा लिया गया है, केवल घर की जमीन बाकी बची है।
शहर से सटे गांव बिलासपुर में पूर्व विधायक विद्याभूषण की 35 बीघा जमीन बताई गई है। विद्याभूषण के देहांत के बाद से ही जमीन विवादित बनी हुई है। सीआरपीसी की धारा 145 और 146 के तहत मुकदमा एसडीएम सदर की कोर्ट में चला, जो हाईकोर्ट तक पहुंचा। हाईकोर्ट ने अवैध कब्जा मानते हुए जिला प्रशासन को जमीन को कब्जा मुक्त कराने के आदेश दिए। इस संबंध में एसडीएम सदर ने एसओ नईमंडी और तहसीलदार सदर को भूमि खाली कराने के आदेश जारी किए।
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इन्हीं आदेशों के क्रम में शुक्रवार को सीओ नईमंडी मणिलाल पाटीदार, तहसीलदार सदर रणजीत सिंह, एसओ नईमंडी और अन्य थानों से भारी पुलिस बल लेकर बिलासपुर पहुंचे। बिलासपुर में विवादित खेती की 35 बीघा जमीन को खाली कराया गया। इसके बाद टीम जयसिंह पाल नामक व्यक्ति के घर पर पहुंची और जमीन खाली करने के लिए कहा। अफसरों ने हाईकोर्ट के आदेश भी दिखाए। इससे पहले परिवार की महिलाएं केरोसिन की केन और सल्फास की गोली हाथ में लेकर छत पर चढ़ गईं। चेतावनी दी कि यदि उनका घर खाली कराया तो वह आत्मदाह कर लेंगे। पुलिस और प्रशासनिक अफसर मौके के हालात को देखकर डर गए। अफसरों ने महिलाओं को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं मानी। बाद में परिवार के लोगों को एक सप्ताह का समय दिया गया। ग्राम प्रधान से कहा गया कि वह एक सप्ताह में कब्जाधारी परिवार से जमीन खाली करा दें। तहसीलदार रणजीत सिंह ने बताया कि भूमि विवाद काफी पुराना है। जल्द ही घर की जमीन को भी खाली करा दिया जाएगा।
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