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उत्कल के साथ पटरी पर लौटी जिंदगी
Updated Wed, 23 Aug 2017 12:51 AM IST
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उत्कल के साथ पटरी पर लौटी जिंदगी
मुजफ्फरनगर। खतौली हादसे के बाद पुरी-हरिद्वार कलिंग उत्कल एक्सप्रेस पटरी पर लौट आई। मुजफ्फरनगर रेलवे स्टेशन पर मंगलवार को 13 मिनट की देरी से पहुंची ट्रेन में यात्रियों की पहले जैसी भीड़ नहीं थी। सहारनपुर-दिल्ली रेलमार्ग बहाल होने के बाद स्टेशन पर रौनक लौट आई।
शनिवार का दिन रेलयात्रियों के लिए काल बनकर आया। पुरी से हरिद्वार जा रही ट्रेन संख्या 18477 कलिंग उत्कल एक्सप्रेस खतौली में दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी, जिसमें मृतकों की संख्या 23 हो चुकी है। सैकड़ों घायलों का उपचार चल रहा है। अभी तक एक शव की शिनाख्त नहीं हो पाई है। रेल मंत्रालय ने घायलों को मुआवजा दे दिया है, जबकि अन्य मुआवजे के लिए आरक्षित रेल यात्रियों की तहकीकात हो रही है। भीषण हादसे के तीन दिन बाद पुरी से हरिद्वार उत्कल एक्सप्रेस पहली बार 18.08 बजे पहुंची। ट्रेन में यात्रियों की पहले जैसे भीड़ नहीं थी। आरक्षित बोगियां खाली दिखीं। ठहराव के दौरान इक्का-दुक्का यात्री ही स्टेशन पर उतरे। मेरठ कैंट से प्रस्थान करने के बाद ट्रेन का अगला स्टॉपेज मुजफ्फरनगर है। खतौली में जिस जगह पर उत्कल पटरी से उतरी थी, यात्रियों ने खिड़कियों और दरवाजों से हादसे की भयावहता का अहसास किया। क्षतिग्रस्त डिब्बे और मलबे को देखकर हादसे के खौफ का अनुमान लगाया गया। मुजफ्फरनगर के प्लेटफॉर्म नंबर दो पर पहुंची उत्कल एक्सप्रेस को लेकर मुसाफिरों में कौतूहल था। ट्रेन में वेंडरों और खाद्य सामग्री बेचने वालों की आवाजाही भी कम ही दिखी। उधर, दिल्ली-सहारनपुर रेलमार्ग पर ट्रेनों का संचालन शुरू होने के बाद आरक्षण विंडो पर मंगलवार को टिकट की कतारें दिखी।
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मुजफ्फरनगर। खतौली हादसे के बाद पुरी-हरिद्वार कलिंग उत्कल एक्सप्रेस पटरी पर लौट आई। मुजफ्फरनगर रेलवे स्टेशन पर मंगलवार को 13 मिनट की देरी से पहुंची ट्रेन में यात्रियों की पहले जैसी भीड़ नहीं थी। सहारनपुर-दिल्ली रेलमार्ग बहाल होने के बाद स्टेशन पर रौनक लौट आई।
शनिवार का दिन रेलयात्रियों के लिए काल बनकर आया। पुरी से हरिद्वार जा रही ट्रेन संख्या 18477 कलिंग उत्कल एक्सप्रेस खतौली में दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी, जिसमें मृतकों की संख्या 23 हो चुकी है। सैकड़ों घायलों का उपचार चल रहा है। अभी तक एक शव की शिनाख्त नहीं हो पाई है। रेल मंत्रालय ने घायलों को मुआवजा दे दिया है, जबकि अन्य मुआवजे के लिए आरक्षित रेल यात्रियों की तहकीकात हो रही है। भीषण हादसे के तीन दिन बाद पुरी से हरिद्वार उत्कल एक्सप्रेस पहली बार 18.08 बजे पहुंची। ट्रेन में यात्रियों की पहले जैसे भीड़ नहीं थी। आरक्षित बोगियां खाली दिखीं। ठहराव के दौरान इक्का-दुक्का यात्री ही स्टेशन पर उतरे। मेरठ कैंट से प्रस्थान करने के बाद ट्रेन का अगला स्टॉपेज मुजफ्फरनगर है। खतौली में जिस जगह पर उत्कल पटरी से उतरी थी, यात्रियों ने खिड़कियों और दरवाजों से हादसे की भयावहता का अहसास किया। क्षतिग्रस्त डिब्बे और मलबे को देखकर हादसे के खौफ का अनुमान लगाया गया। मुजफ्फरनगर के प्लेटफॉर्म नंबर दो पर पहुंची उत्कल एक्सप्रेस को लेकर मुसाफिरों में कौतूहल था। ट्रेन में वेंडरों और खाद्य सामग्री बेचने वालों की आवाजाही भी कम ही दिखी। उधर, दिल्ली-सहारनपुर रेलमार्ग पर ट्रेनों का संचालन शुरू होने के बाद आरक्षण विंडो पर मंगलवार को टिकट की कतारें दिखी।
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