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Muzaffarnagar News: खोजी अभियान में मिले 19 टीबी रोगी
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- जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर चलाया गया था अभियान, पांच हजार से अधिक के भेजे थे नमूने
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। जिला क्षय रोग विभाग की ओर से चलाए गए अभियान में 19 टीबी रोगी पाए गए। दो लाख से अधिक लोगों को ओपीडी दी गई। इनमें से पांच हजार से अधिक संभावित टीबी रोगियों के नमूने जांच के लिए भेजे गए थे।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. लोकेश चंद गुप्ता ने बताया कि जिले के हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर, सीएचसी और पीएचसी पर टीबी रोगी खोज अभियान चलाया गया। 15 मई से अभियान की शुरुआत की गई थी। 21 दिनों में अब तक दो लाख से अधिक लोगों को ओपीडी दी गई। इनमें से पांच हजार 481 संभावित टीबी रोगियों की जांच के लिए नमूने भेजे गए थे। 19 लोगों की जांच रिपोर्ट टीबी पॉजीटिव आई, जिनका इलाज शुरु कर दिया गया। उन्होंने बताया कि सभी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर, 43 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और नौ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर अभियान चलाया गया था।
डॉ. लोकेश चंद गुप्ता ने बताया कि यह अभियान सात जून तक चला। इसमें क्षय रोगियों के चिन्हीकरण, जांच, उपचार, ट्रीटमेंट, निक्षय पोषण योजना के अंतर्गत डीबीटी, काउंसिलिंग व मनोसामाजिक सहयोग प्रदान किया गया। उन्होंने बताया कि एएनएम व आशा ने घर-घर जाकर लोगों की स्क्रीनिंग भी की।
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छह माह का इलाज और पांच सौ रुपये प्रतिमाह
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. लोकेश चंद गुप्ता ने बताया कि टीबी रोगियों को छह माह का मुफ्त इलाज दिया जा रहा है। इसके अलावा उन्हें हर माह पांच सौर रुपये भी दिए जाते है। यह धनराशि सीधे मरीजों के बैंक खाते में जाती है। जांच से लेकर पूरे इलाज तक की सभी सुविधाएं मुफ्त में दी जाती है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। जिला क्षय रोग विभाग की ओर से चलाए गए अभियान में 19 टीबी रोगी पाए गए। दो लाख से अधिक लोगों को ओपीडी दी गई। इनमें से पांच हजार से अधिक संभावित टीबी रोगियों के नमूने जांच के लिए भेजे गए थे।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. लोकेश चंद गुप्ता ने बताया कि जिले के हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर, सीएचसी और पीएचसी पर टीबी रोगी खोज अभियान चलाया गया। 15 मई से अभियान की शुरुआत की गई थी। 21 दिनों में अब तक दो लाख से अधिक लोगों को ओपीडी दी गई। इनमें से पांच हजार 481 संभावित टीबी रोगियों की जांच के लिए नमूने भेजे गए थे। 19 लोगों की जांच रिपोर्ट टीबी पॉजीटिव आई, जिनका इलाज शुरु कर दिया गया। उन्होंने बताया कि सभी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर, 43 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और नौ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर अभियान चलाया गया था।
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डॉ. लोकेश चंद गुप्ता ने बताया कि यह अभियान सात जून तक चला। इसमें क्षय रोगियों के चिन्हीकरण, जांच, उपचार, ट्रीटमेंट, निक्षय पोषण योजना के अंतर्गत डीबीटी, काउंसिलिंग व मनोसामाजिक सहयोग प्रदान किया गया। उन्होंने बताया कि एएनएम व आशा ने घर-घर जाकर लोगों की स्क्रीनिंग भी की।
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छह माह का इलाज और पांच सौ रुपये प्रतिमाह
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. लोकेश चंद गुप्ता ने बताया कि टीबी रोगियों को छह माह का मुफ्त इलाज दिया जा रहा है। इसके अलावा उन्हें हर माह पांच सौर रुपये भी दिए जाते है। यह धनराशि सीधे मरीजों के बैंक खाते में जाती है। जांच से लेकर पूरे इलाज तक की सभी सुविधाएं मुफ्त में दी जाती है।