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योग से तनाव और अवसाद निवारण के तरीके बताए
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योग से तनाव निवारण के तरीके बताए
मुजफ्फरनगर। भारतीय योग संस्थान के तत्वावधान में योग साधना केंद्र ग्रीन लैंड मॉडर्न जूनियर हाईस्कूल में चल रहे तनाव व अवसाद रोग निवारण शिविर का समापन हो गया। कार्यक्रम में योग और प्राणायाम के जरिये जीवन को रोग मुक्त और सुखद बनाने की जानकारी दी गई।
भारतीय योग संस्थान के प्रांतीय कार्यकारिणी सदस्य सुरेंद्र पाल सिंह आर्य ने ओम ध्वनि और गायत्री मंत्र से योग साधना शुरू कराई। आसन, प्राणायाम और ध्यान के बाद केंद्र प्रमुख राज सिंह पुंडीर ने तनाव कम करने में प्राणायाम का महत्व बताया। कहा कि प्राणायाम का अभ्यास मन को स्थिरता प्रदान करता है। स्थिर मन शांत और रोग मुक्त होता है। शांत मन तनाव से भी सर्वथा मुक्त रहता है। जिला प्रधान पवन सिंह बालियान ने बताया कि संस्थान का उद्देश्य योग को घर-घर तक पहुंचाना है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि आज के परिवेश में स्वस्थ रहने के लिए योग आवश्यक है। योग भारतीय संस्कृति की देन है, इसको बीच के कालखंड में हमने भुला दिया था। इस अवसर पर मुख्य अतिथि को पत्रिका योग मंजरी भेंट की गई। यज्ञदत्त आर्य व बेबी सैनी आदि ने योग की महिमा व ईश्वर भक्ति के भजन प्रस्तुत किए। प्रसाद वितरण के बाद कार्यक्रम का समापन वैदिक प्रार्थना और शांति पाठ से हुआ। अंकुर मान, राजीव रघुवंशी, नीरज बंसल, राजमोहन, डा. जीत सिंह तोमर, राममेहर, सविता, पूनम, गायत्री, अर्चना सिंह, रेखा शर्मा आदि का सहयोग रहा।
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मुजफ्फरनगर। भारतीय योग संस्थान के तत्वावधान में योग साधना केंद्र ग्रीन लैंड मॉडर्न जूनियर हाईस्कूल में चल रहे तनाव व अवसाद रोग निवारण शिविर का समापन हो गया। कार्यक्रम में योग और प्राणायाम के जरिये जीवन को रोग मुक्त और सुखद बनाने की जानकारी दी गई।
भारतीय योग संस्थान के प्रांतीय कार्यकारिणी सदस्य सुरेंद्र पाल सिंह आर्य ने ओम ध्वनि और गायत्री मंत्र से योग साधना शुरू कराई। आसन, प्राणायाम और ध्यान के बाद केंद्र प्रमुख राज सिंह पुंडीर ने तनाव कम करने में प्राणायाम का महत्व बताया। कहा कि प्राणायाम का अभ्यास मन को स्थिरता प्रदान करता है। स्थिर मन शांत और रोग मुक्त होता है। शांत मन तनाव से भी सर्वथा मुक्त रहता है। जिला प्रधान पवन सिंह बालियान ने बताया कि संस्थान का उद्देश्य योग को घर-घर तक पहुंचाना है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि आज के परिवेश में स्वस्थ रहने के लिए योग आवश्यक है। योग भारतीय संस्कृति की देन है, इसको बीच के कालखंड में हमने भुला दिया था। इस अवसर पर मुख्य अतिथि को पत्रिका योग मंजरी भेंट की गई। यज्ञदत्त आर्य व बेबी सैनी आदि ने योग की महिमा व ईश्वर भक्ति के भजन प्रस्तुत किए। प्रसाद वितरण के बाद कार्यक्रम का समापन वैदिक प्रार्थना और शांति पाठ से हुआ। अंकुर मान, राजीव रघुवंशी, नीरज बंसल, राजमोहन, डा. जीत सिंह तोमर, राममेहर, सविता, पूनम, गायत्री, अर्चना सिंह, रेखा शर्मा आदि का सहयोग रहा।
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