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शुद्धि क्रियाओं से निरोगी होने का ज्ञान कराया
Updated Mon, 30 Oct 2017 01:22 AM IST
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मुजफ्फरनगर। ग्रीन लैंड माडर्न जूनियर हाई स्कूल में चल रहे योग शिविर में शुद्धि क्रिया सुरेंद्रपाल सिंह आर्य के निर्देशन में कराई गई।
इस दौरान कुंजल क्रिया, रबर नेति, सूत्र नेति, जल नेति तथा दंड धौति कराई गई। योगाचार्य सुरेंद्रपाल सिंह आर्य ने कहा कि शुद्धि क्रियाओं के द्वारा मौसम परिवर्तन के कारण होने वाले रोगों से बचा जा सकता है। आंख, कान, नाक तथा गले संबंधित रोग शुद्धि क्रियाओं से दूर होते हैं। नाक की हड्डी का बढ़ना, मांस का बढ़ना, नजला, जुकाम तथा साइनस का रोग निवारण का सर्वोत्तम उपचार शुद्धि क्रिया ही है, परंतु ये क्रियाए हठयोग की क्रियाए है इनका अभ्यास कुशल प्रशिक्षक के निर्देशन में ही करना चाहिए अन्यथा हानि भी हो सकती है। केंद्र प्रमुख राजसिह पुंडीर व सुरेंद्र पाल सिंह आर्य ने दंड धौति का प्रदर्शन किया।
जिला प्रधान पवन सिंह बालियान ने कहा कि योग भारतीय संस्कृति का मूल आधार है। यम नियम का जीवन में पालन करने से योग साधना में सफलता मिलती हैं। शुद्धि क्रिया करने वालों में मुख्य रूप से यज्ञदत्त आर्य, दिनेश कुमार, आचार्य रामकिशन सुमन, राजीव रघुवंशी, राजसिह पुंडीर, मुनेश मान आदि रहे।
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इस दौरान कुंजल क्रिया, रबर नेति, सूत्र नेति, जल नेति तथा दंड धौति कराई गई। योगाचार्य सुरेंद्रपाल सिंह आर्य ने कहा कि शुद्धि क्रियाओं के द्वारा मौसम परिवर्तन के कारण होने वाले रोगों से बचा जा सकता है। आंख, कान, नाक तथा गले संबंधित रोग शुद्धि क्रियाओं से दूर होते हैं। नाक की हड्डी का बढ़ना, मांस का बढ़ना, नजला, जुकाम तथा साइनस का रोग निवारण का सर्वोत्तम उपचार शुद्धि क्रिया ही है, परंतु ये क्रियाए हठयोग की क्रियाए है इनका अभ्यास कुशल प्रशिक्षक के निर्देशन में ही करना चाहिए अन्यथा हानि भी हो सकती है। केंद्र प्रमुख राजसिह पुंडीर व सुरेंद्र पाल सिंह आर्य ने दंड धौति का प्रदर्शन किया।
जिला प्रधान पवन सिंह बालियान ने कहा कि योग भारतीय संस्कृति का मूल आधार है। यम नियम का जीवन में पालन करने से योग साधना में सफलता मिलती हैं। शुद्धि क्रिया करने वालों में मुख्य रूप से यज्ञदत्त आर्य, दिनेश कुमार, आचार्य रामकिशन सुमन, राजीव रघुवंशी, राजसिह पुंडीर, मुनेश मान आदि रहे।
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