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मौत का सबब बन रही गंग नहर
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मौत का सबब बन रही गंगनहर
मुजफ्फरनगर। गर्मी से बचाव को लापरवाही से गंग नहर में नहाना जानलेवा साबित हो रहा है। गंग नहर में नहाते समय कई की मौत हो चुकी है। तीन दिन पहले नहाते समय गंग नहर में डूबे भोपा के गांव नन्हेडी निवासी प्रमोद का शव रविवार को मिला है। खतौली में गंगनहर नहाते समय हरियाणा के इंजीनियर अजय की मौत हो गई थी। यह हादसे उन लोगों के लिए सबब है, जो बिना तैराकी जाने ही गहरी गंगनहर में नहाते हैं।
गर्मी के मौसम में गंग नहर में नहाते हुए लोगों के डूबने की घटनाएं बढ़ती है। सबसे ज्यादा हादसे खतौली में होते हैं। खतौली में गंगनहर में स्नानघाट पर नहाने के लिए सिंचाई विभाग की ओर से पर्याप्त सुविधाएं और सुरक्षा के इंतजाम नहीं हैं। स्नानघाट पर चेतावनी लिखी है, लेकिन चेतावनी पर नहाने वाले गौर नहीं करते। खतौली में घाट पर रेलिंग लगाई थी, रेलिंग में जंजीर बंधी होती थी। जिन जंजीरों को पकड़कर लोग स्नानघाट पर नहाते थे। धीरे-धीरे रेलिंग टूट गई, जिससे जंजीर भी नहीं रही। सिंचाई विभाग की ओर से स्नानघाट पर लोगों के नहाने के लिए कोई सुविधा और सुरक्षा इंतजाम भी नहीं है। अब स्नानघाट पर नहाना खतरे से कम नहीं है। 9 जून को गंगनहर में नहाते हुए हरियाणा का इंजीनियर अजय डूब गया था। मंसूरपुर मिल में काम करने वाले मोहल्ला देवीदास निवासी आशीष भी नहाते हुए गहरे पानी में समा गया था। इनके अलावा मोहल्ला जैननगर निवासी मोनू प्रजापति, मोहल्ला होली चौक निवासी पंकज, मोहल्ला सराफान के साजिद, खेडी फिरोजाबाद के उवैश की भी गंग नहर में नहाते हुए मौत हो गई थी। भोपा निवासी सोनू और पप्पू की भी गंग नहर में डूबने से मौत हुई थी।
ये है खतरनाक स्पॉट
जनपद में पुरकाजी, भोपा, खतौली, रतनपुरी क्षेत्र से होकर गंग नहर गुजरती है। पुरकाजी के धमात, भोपा, निरगाजनी, जौली, चितौड़ा, खतौली घाट, बालाजीपुरम घाट, सठेड़ी पुल गंग नहर के खतरनाक स्पॉट है। इन्हीं स्थानों पर नहाते समय डूबने की ज्यादा घटनाएं होती है।
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कांवड़ यात्रा में भी डूबते है शिवभक्त
आगामी जुलाई माह में कांवड़ यात्रा होने वाली है। कांवड़ यात्रा के दौरान भी खतौली में सबसे अधिक गंग नहर में नहाते समय शिव भक्तों के डूबने के हादसे हो चुके है। हालांकि अब यहां पर कांवड़ यात्रा के दौरान गोताखोर तैनात किए जाते है।
बिना तैराकी गंग नहर में नहाने से बचे
चौधरी चरण सिंह जिला स्पोर्ट्र्स स्टेडियम के तैराकी कोच तिलकराम का कहना है कि तैराकी जाने बिना गंग नहर में नहाने से बचना चाहिए। गंग नहर में पानी गहरा और बहाव तेज रहता है, कुशल तैराक ही गंग नहर में नहा सकते हैं।
खतौली में स्नानघाट की टूटी रेलिंग को शीघ्र ही ठीक कराया जाएगा। कांवड़ यात्रा को लेकर भी स्नानघाट पर सुरक्षा के इंतजाम कराए जाएंगे। इसके अलावा चेतावनी नोटिस बोर्ड भी लगेंगे -बिरेंद्र सिंह, एसडीओ, सिंचाई विभाग।
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मुजफ्फरनगर। गर्मी से बचाव को लापरवाही से गंग नहर में नहाना जानलेवा साबित हो रहा है। गंग नहर में नहाते समय कई की मौत हो चुकी है। तीन दिन पहले नहाते समय गंग नहर में डूबे भोपा के गांव नन्हेडी निवासी प्रमोद का शव रविवार को मिला है। खतौली में गंगनहर नहाते समय हरियाणा के इंजीनियर अजय की मौत हो गई थी। यह हादसे उन लोगों के लिए सबब है, जो बिना तैराकी जाने ही गहरी गंगनहर में नहाते हैं।
गर्मी के मौसम में गंग नहर में नहाते हुए लोगों के डूबने की घटनाएं बढ़ती है। सबसे ज्यादा हादसे खतौली में होते हैं। खतौली में गंगनहर में स्नानघाट पर नहाने के लिए सिंचाई विभाग की ओर से पर्याप्त सुविधाएं और सुरक्षा के इंतजाम नहीं हैं। स्नानघाट पर चेतावनी लिखी है, लेकिन चेतावनी पर नहाने वाले गौर नहीं करते। खतौली में घाट पर रेलिंग लगाई थी, रेलिंग में जंजीर बंधी होती थी। जिन जंजीरों को पकड़कर लोग स्नानघाट पर नहाते थे। धीरे-धीरे रेलिंग टूट गई, जिससे जंजीर भी नहीं रही। सिंचाई विभाग की ओर से स्नानघाट पर लोगों के नहाने के लिए कोई सुविधा और सुरक्षा इंतजाम भी नहीं है। अब स्नानघाट पर नहाना खतरे से कम नहीं है। 9 जून को गंगनहर में नहाते हुए हरियाणा का इंजीनियर अजय डूब गया था। मंसूरपुर मिल में काम करने वाले मोहल्ला देवीदास निवासी आशीष भी नहाते हुए गहरे पानी में समा गया था। इनके अलावा मोहल्ला जैननगर निवासी मोनू प्रजापति, मोहल्ला होली चौक निवासी पंकज, मोहल्ला सराफान के साजिद, खेडी फिरोजाबाद के उवैश की भी गंग नहर में नहाते हुए मौत हो गई थी। भोपा निवासी सोनू और पप्पू की भी गंग नहर में डूबने से मौत हुई थी।
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ये है खतरनाक स्पॉट
जनपद में पुरकाजी, भोपा, खतौली, रतनपुरी क्षेत्र से होकर गंग नहर गुजरती है। पुरकाजी के धमात, भोपा, निरगाजनी, जौली, चितौड़ा, खतौली घाट, बालाजीपुरम घाट, सठेड़ी पुल गंग नहर के खतरनाक स्पॉट है। इन्हीं स्थानों पर नहाते समय डूबने की ज्यादा घटनाएं होती है।
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कांवड़ यात्रा में भी डूबते है शिवभक्त
आगामी जुलाई माह में कांवड़ यात्रा होने वाली है। कांवड़ यात्रा के दौरान भी खतौली में सबसे अधिक गंग नहर में नहाते समय शिव भक्तों के डूबने के हादसे हो चुके है। हालांकि अब यहां पर कांवड़ यात्रा के दौरान गोताखोर तैनात किए जाते है।
बिना तैराकी गंग नहर में नहाने से बचे
चौधरी चरण सिंह जिला स्पोर्ट्र्स स्टेडियम के तैराकी कोच तिलकराम का कहना है कि तैराकी जाने बिना गंग नहर में नहाने से बचना चाहिए। गंग नहर में पानी गहरा और बहाव तेज रहता है, कुशल तैराक ही गंग नहर में नहा सकते हैं।
खतौली में स्नानघाट की टूटी रेलिंग को शीघ्र ही ठीक कराया जाएगा। कांवड़ यात्रा को लेकर भी स्नानघाट पर सुरक्षा के इंतजाम कराए जाएंगे। इसके अलावा चेतावनी नोटिस बोर्ड भी लगेंगे -बिरेंद्र सिंह, एसडीओ, सिंचाई विभाग।