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राब की मिठास और रसगुल्ले की चासनी में लिपटा गुड़ महोत्सव

Mon, 10 Jun 2019 12:36 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 10 Jun 2019 12:36 AM IST
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राब की मिठास और रसगुल्ले की चासनी में लिपटा गुड़ महोत्सव
राब की मिठास और रसगुल्ले की चासनी में लिपटा गुड़ महोत्सव
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मुजफ्फरनगर। नगर में चल रहा गुड़ महोत्सव न केवल गुड़ को व्यावसायिक ऊंचाई देने के लिहाज से अहम है, बल्कि यह परंपरा का संवाहक भी है। इस अनूठे आयोजन में संस्कृति से जुड़े खाद्य पदार्थों के साथ उनका आधुनिक रूप भी नजर आ रहा है। एक ओर राब, शक्कर और खांड़ की धूम है, तो दूसरी तरफ गुड़ के फ्लेवर से लबरेज बिस्किट और पैनकेक हर किसी का ध्यान खींच रहे हैं।

श्रीराम कॉलेज में चल रहे गुड़ महोत्सव में करीब 35 स्टॉलों पर गुड़ और उससे बनने वाले सह उत्पादों को प्रदर्शित किया गया है। आयोजन की खासियत यह है कि इसमें बुजुर्गों और युवा दोनों की पसंद के अनुसार गुड़ के खाद्य पदार्थ हैं। पुरानी पीढ़ी की पहली पसंद रही राब भी कई स्टॉल पर नजर आई। हालांकि कम ही युवा इसके बारे में जानते हैं, लेकिन उन्होंने स्टॉल पर आकर इसकी जानकारी जुटाई। राठी गुड़ उद्योग छछरौली के स्टॉल पर प्लास्टिक के कई डिब्बों में राब रखी मिली। स्टॉल पर बैठे विनीत कुमार ने बताया कि इन दिनों कोल्हू बंद हो गए हैं, अन्यथा काफी मात्रा में राब बनाकर लाते। अब इसकी बहुत डिमांड नहीं रही, लेकिन पुराने लोग इसके फायदों से परिचित हैं। ठंडी ताशीर की राब को रोटी के साथ खा सकते हैं या शरबत बनाकर पी सकते हैं। गर्मी के मौसम में यह काफी लाभदायक होता है। राब खरीद रहे बरला निवासी बुजुर्ग बलदेव सिंह ने बताया कि पहले वह हर साल एक मटका राब बनवाते थे। उन्हें इसका स्वाद बेहद पसंद रहा, लेकिन अब चंद ही कोल्हू संचालक राब बनाते हैं। जब गन्ने के रस की चासनी पकाई जाती है तो गुड़ बनने से कुछ पहले वह राब होती है। इसे मिट्टी के बर्तन में भरकर रखा जाता है। अब तो चीनी और चाय ने राब के स्वाद को खत्म कर दिया। गुड़ महोत्सव में राब देखकर अच्छा लगा। शुभम सर्वम सोसायटी बिजनौर के स्टॉल आर्गेनिक गुड़ के साथ शक्कर और खांड़ भी उपलब्ध है। स्टॉल पर मौजूद समरपाल कहते हैं कि खांड़ और शक्कर के गुणों से बुजुर्ग अच्छी तरह परिचित हैं। गुड़ महोत्सव में युवाओं को इन उत्पादों से रू-ब-रू होने का मौका मिल रहा है। पास में ही रेशू प्रोडक्ट्स के स्टॉल पर राब, गुड़ लड्डृ, खुरपा, बरफी तो नजर आए ही, इसके साथ ही गुड़ के फ्लेवर में बने पैनकेक और कई प्रकार के बिस्किट भी थे। गुड़ के स्वाद वाली टॉफी भी दिखी। स्टॉल पर मौजूद लोगों ने बताया कि रेशू प्रोडक्ट अभी इन चीजों का उत्पादन शुरू कर रही है। सरधना के झिटकरी गांव के विग्योर ऑफ विलेज फूड प्रोडक्ट के स्टॉल पर सिरके की अनेक वैरायटी नजर आईं। गन्ने, अंगूर, जामुन, अनानास, अनार, आंवला और सेब आदि के सिरके के बारे में जानकारी लेने वालों की लाइन लगी थी। हर कोई सिरके के गुणों और उसकी उपयोगिता की जानकारी चाह रहा था। स्टॉल पर मौजूद नरेश सिरोही उन्हें सिरके के बारे में बताते हैं। महोत्सव के फूड कोर्ट में भी गुड़ की चासनी में लिपटे रसगुल्ले, गजक, चिक्की, तिलनर्गी आदि का स्वाद भी लोगों को खूब भाया।
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