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आंगनबाडियों की हुंकार, अरजेंट करो, परमानेंट करो
Updated Mon, 06 Nov 2017 12:22 AM IST
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हक के लिए आंगनबाड़ियों ने हुंकार भरी
मुजफ्फरनगर। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का कलक्ट्रेट में चल रहा धरना रविवार को भी जारी रहा। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने अपने पद पर स्थायी करने के लिए हुंकार भरी। कार्यकर्ताओं ने राज्य कर्मचारी का दर्जा दिए जाने की मांग की है। उधर, मजदूर संघ ने भी अपनी मांगों को लेकर दिल्ली में संसद भवन के बाहर रैली निकालने की रणनीति बनाई है।
आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ के बैनरतले महिला कार्यकर्ता पिछले 15 दिनों से कलक्ट्रेट में धरने पर बैठी है। रविवार को हुई सभा में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने कहा कि प्रदेश सरकार उनकी समस्या पर ध्यान नहीं दे रही है। सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भी पूर्ण सहयोग करते हैं, लेकिन उन्हें कर्मचारी का दर्जा नहीं मिला है। कार्यकर्ताओं ने राज्य कर्मचारी का दर्जा देने के साथ वेतन में पांच हजार रुपये की वृद्धि की मांग की है। उन्होंने कहा कि जनपद में बाल विकास पुष्टाहार ढुलाई का भुगतान पूरी तरह से नहीं किया गया है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का वर्ष 2015-16 का मानदेय भी रुका हुआ है। आंगनबाड़ियों को भी ग्रीष्म और शीतकालीन अवकाश दिया जाए। धरना प्रदर्शन के बाद नौ सूत्री ज्ञापन प्रदेश सरकार को भेजा गया। धरने में अलका चौधरी, अंजू, कविता, कुसुम, चंचल, किरण, कविता रानी, तनीवर, यशोदा, मुनेश, रेणू जैन, बबीता रानी, दीपा वर्मा, ममता, मीरा आदि मौजूद रहीं। उधर, भारतीय मजदूर संघ के कार्यकर्ताओं ने भी अपनी 14 सूत्री मांगों को लेकर दिल्ली में धरना देने के साथ संसद भवन पर रैली निकालने के लिए रविवार को रणनीति बनाई। संगठन के पदाधिकारियों ने कार्यकर्ताओं से मिलकर 17 नवंबर को होने वाली कार्यक्रम की रूपरेखा बनाई।
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मुजफ्फरनगर। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का कलक्ट्रेट में चल रहा धरना रविवार को भी जारी रहा। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने अपने पद पर स्थायी करने के लिए हुंकार भरी। कार्यकर्ताओं ने राज्य कर्मचारी का दर्जा दिए जाने की मांग की है। उधर, मजदूर संघ ने भी अपनी मांगों को लेकर दिल्ली में संसद भवन के बाहर रैली निकालने की रणनीति बनाई है।
आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ के बैनरतले महिला कार्यकर्ता पिछले 15 दिनों से कलक्ट्रेट में धरने पर बैठी है। रविवार को हुई सभा में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने कहा कि प्रदेश सरकार उनकी समस्या पर ध्यान नहीं दे रही है। सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भी पूर्ण सहयोग करते हैं, लेकिन उन्हें कर्मचारी का दर्जा नहीं मिला है। कार्यकर्ताओं ने राज्य कर्मचारी का दर्जा देने के साथ वेतन में पांच हजार रुपये की वृद्धि की मांग की है। उन्होंने कहा कि जनपद में बाल विकास पुष्टाहार ढुलाई का भुगतान पूरी तरह से नहीं किया गया है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का वर्ष 2015-16 का मानदेय भी रुका हुआ है। आंगनबाड़ियों को भी ग्रीष्म और शीतकालीन अवकाश दिया जाए। धरना प्रदर्शन के बाद नौ सूत्री ज्ञापन प्रदेश सरकार को भेजा गया। धरने में अलका चौधरी, अंजू, कविता, कुसुम, चंचल, किरण, कविता रानी, तनीवर, यशोदा, मुनेश, रेणू जैन, बबीता रानी, दीपा वर्मा, ममता, मीरा आदि मौजूद रहीं। उधर, भारतीय मजदूर संघ के कार्यकर्ताओं ने भी अपनी 14 सूत्री मांगों को लेकर दिल्ली में धरना देने के साथ संसद भवन पर रैली निकालने के लिए रविवार को रणनीति बनाई। संगठन के पदाधिकारियों ने कार्यकर्ताओं से मिलकर 17 नवंबर को होने वाली कार्यक्रम की रूपरेखा बनाई।
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