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13 गांव ऐसे, जहां रिश्तेदार भी आने से कतराते हैं
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जानसठ-तिसंग मार्ग।
- फोटो : KHATAULI
जानसठ। जानसठ-तिसंग मार्ग पर रोडवेज बसों का संचालन बंद होने से कई गांवों के लोग परेशान हैं। गढ़ी देहात, नयागांव फैजाबाद, मेहलकी, राजपुर, तिलोरा, खलवाड़ा, तिसंग, सोंहजनी, मनफोड़ा, नंगली, सैदीपुर मनफोड़ा, घटायन, उत्तरी घटायन गांवों में जानसठ कस्बे से जाने के लिए यातायात की कोई सुविधा नहीं है। इससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। 18 किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर हालात ऐसे है कि रिश्तेदार भी आने से कतराते है।
रिश्तेदारों को अपने वाहनों से लाते हैं
डॉक्टर विक्रम सिंह का कहना है कि जानसठ कस्बे से अपने रिश्तेदारों को अपने वाहनों पर लाना पड़ता है। यातायात की सुविधा नहीं होने की वजह से रिश्तेदार भी कम ही आते हैं। बसों का संचालन नहीं होने से बाहर से आने वाले रिश्तेदारों को काफी परेशानी होती है।
जनप्रतिनिधि भी ध्यान नहीं देते
भाकियू नेता कृष्ण पाल मलिक का कहना है कि ग्रामीणों की समस्या की ओर से जनप्रतिनिधि भी कोई ध्यान नहीं देते हैं। चुनाव में वायदा तो करते हैं, लेकिन चुनाव जीतने के बाद भूल जाते हैं।
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ग्रामीण पैदल भी सफर करते हैं
ग्रामीण लक्ष्मी चंद का कहना है कि बसों का संचालन नहीं होने से जानसठ कस्बे में आने जाने के लिए जिन ग्रामीणों पर अपने वाहन नहीं हैं, उन्हें पैदल ही सफर करने को मजबूर होना पड़ता हैं।
ग्रामीण कई बार मांग उठा चुके हैं
महावीर सिंह का कहना है कि ग्रामीण बसों का संचालन कराने की मांग कई बार उठा चुके हैं। इसके बावजूद भी समस्या जस की तस हैं। बसों का संचालन नहीं होने से ग्रामीण मुसीबत झेल रहे हैं।
खतौली रोडवेज डिपो में बसों की कमी है। जानसठ-तिसंग मार्ग पर रोडवेज बसों का संचालन कराने के लिए शासन को लिखकर भेजा जाएगा। रोडवेज बस उपलब्ध होते ही लोगों की समस्या का समाधान का समाधान करा दिया जाएगा। - बशीर अहमद, एआरएम, खतौली, रोडवेज डिपो।
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रिश्तेदारों को अपने वाहनों से लाते हैं
डॉक्टर विक्रम सिंह का कहना है कि जानसठ कस्बे से अपने रिश्तेदारों को अपने वाहनों पर लाना पड़ता है। यातायात की सुविधा नहीं होने की वजह से रिश्तेदार भी कम ही आते हैं। बसों का संचालन नहीं होने से बाहर से आने वाले रिश्तेदारों को काफी परेशानी होती है।
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जनप्रतिनिधि भी ध्यान नहीं देते
भाकियू नेता कृष्ण पाल मलिक का कहना है कि ग्रामीणों की समस्या की ओर से जनप्रतिनिधि भी कोई ध्यान नहीं देते हैं। चुनाव में वायदा तो करते हैं, लेकिन चुनाव जीतने के बाद भूल जाते हैं।
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ग्रामीण पैदल भी सफर करते हैं
ग्रामीण लक्ष्मी चंद का कहना है कि बसों का संचालन नहीं होने से जानसठ कस्बे में आने जाने के लिए जिन ग्रामीणों पर अपने वाहन नहीं हैं, उन्हें पैदल ही सफर करने को मजबूर होना पड़ता हैं।
ग्रामीण कई बार मांग उठा चुके हैं
महावीर सिंह का कहना है कि ग्रामीण बसों का संचालन कराने की मांग कई बार उठा चुके हैं। इसके बावजूद भी समस्या जस की तस हैं। बसों का संचालन नहीं होने से ग्रामीण मुसीबत झेल रहे हैं।
खतौली रोडवेज डिपो में बसों की कमी है। जानसठ-तिसंग मार्ग पर रोडवेज बसों का संचालन कराने के लिए शासन को लिखकर भेजा जाएगा। रोडवेज बस उपलब्ध होते ही लोगों की समस्या का समाधान का समाधान करा दिया जाएगा। - बशीर अहमद, एआरएम, खतौली, रोडवेज डिपो।