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पंजीकृत श्रमिक और उनके बच्चे होंगे ट्रेंड
Updated Sat, 10 Jun 2017 01:15 AM IST
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पंजीकृत श्रमिक और उनके बच्चे होंगे ट्रेंड
मुजफ्फरनगर। श्रम विभाग में पंजीकृत श्रमिक और उनके बच्चों को सरकार नि:शुल्क ट्रेनिंग देगी। ट्रेनिंग के दौरान मजदूरी से मिलने वाले पैसे की भरपाई सरकार करेगी। श्रमिकों को अपना नाम केवल श्रम विभाग में रजिस्टर्ड कराना होगा। कम से कम आठवीं पास को ही योजना का लाभ मिल सकेगा।
प्रदेश सरकार ने श्रमिकों को ट्रेंड करने के लिए अभियान चलाया है। जो श्रमिक श्रम विभाग में पंजीकृत हैं, वह खुद भी ट्रेनिंग ले सकते हैं और अपने बच्चों को भी ट्रेंड करा सकते हैं। श्रम विभाग ऐसे श्रमिकों और उनके बच्चों की सूची तैयार कर कौशल विकास मिशन को भेजेगा, जहां उन्हें ट्रेनिंग दी जाएगी। सहायक श्रमायुक्त अनिल सिंह ने बताया कि लगभग 80 प्रकार की ट्रेनिंग दी जा रही है। इसमें सिलाई, कढ़ाई, ब्यूटीशियन, मोबाइल रिपेयर, इलेक्ट्रिक, टीवी मरम्मत, कंप्यूटर सहित लगभग 80 प्रकार की ट्रेनिंग दी जा सकेगी। श्रम विभाग की इस योजना में खास बात यह है कि श्रमिक जब तक ट्रेनिंग लेगा, उसको मिलने वाली मजदूरी का पैसा सरकार देगी। ऐसा इसलिए किया गया है, जिससे परिवार में रोजी-रोटी का संकट पैदा न हो। शर्त यह है कि वह श्रमिक विभाग में पंजीकृत हो और आवेदक की आयु 14 से 35 वर्ष के बीच हो।
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मुजफ्फरनगर। श्रम विभाग में पंजीकृत श्रमिक और उनके बच्चों को सरकार नि:शुल्क ट्रेनिंग देगी। ट्रेनिंग के दौरान मजदूरी से मिलने वाले पैसे की भरपाई सरकार करेगी। श्रमिकों को अपना नाम केवल श्रम विभाग में रजिस्टर्ड कराना होगा। कम से कम आठवीं पास को ही योजना का लाभ मिल सकेगा।
प्रदेश सरकार ने श्रमिकों को ट्रेंड करने के लिए अभियान चलाया है। जो श्रमिक श्रम विभाग में पंजीकृत हैं, वह खुद भी ट्रेनिंग ले सकते हैं और अपने बच्चों को भी ट्रेंड करा सकते हैं। श्रम विभाग ऐसे श्रमिकों और उनके बच्चों की सूची तैयार कर कौशल विकास मिशन को भेजेगा, जहां उन्हें ट्रेनिंग दी जाएगी। सहायक श्रमायुक्त अनिल सिंह ने बताया कि लगभग 80 प्रकार की ट्रेनिंग दी जा रही है। इसमें सिलाई, कढ़ाई, ब्यूटीशियन, मोबाइल रिपेयर, इलेक्ट्रिक, टीवी मरम्मत, कंप्यूटर सहित लगभग 80 प्रकार की ट्रेनिंग दी जा सकेगी। श्रम विभाग की इस योजना में खास बात यह है कि श्रमिक जब तक ट्रेनिंग लेगा, उसको मिलने वाली मजदूरी का पैसा सरकार देगी। ऐसा इसलिए किया गया है, जिससे परिवार में रोजी-रोटी का संकट पैदा न हो। शर्त यह है कि वह श्रमिक विभाग में पंजीकृत हो और आवेदक की आयु 14 से 35 वर्ष के बीच हो।
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