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शहरी क्षेत्र में राशन वितरण कराना प्रशासन के लिए चुनौती

Sat, 08 Sep 2018 12:09 AM IST
Updated Sat, 08 Sep 2018 12:09 AM IST
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शहरी क्षेत्र में राशन वितरण कराना प्रशासन के लिए चुनौती
मुजफ्फरनगर। प्रदेश के 43 जिलों में नगरीय क्षेत्र में घोटाला पकड़ में आने के बाद शासन स्तर से लगातार कार्रवाई चल रही है। मुजफ्फरनगर शहर के 106 में से 99 राशन विक्रेता घोटाले में शामिल पाए गए, जिन पर मुकदमा दर्ज हो चुका है। कोटेदार इसके विरोध में हड़ताल पर है। ऐसे में नगरीय क्षेत्रों में राशन वितरण कराना प्रशासन के लिए चुनौती बनकर खड़ा हो गया है।
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प्रदेश के सभी शहरी क्षेत्रों के राशन विक्रेता इस समय हड़ताल पर है। मुजफ्फरनगर शहर के भी 106 में से 99 राशन विक्रेताओं पर घोटाले में मुकदमा दर्ज हो चुका है। शेष भी हड़ताल पर है। राशन वितरण का सभी कोटेदारों ने बहिष्कार कर दिया है। ऐसी स्थिति में शहरी क्षेत्र में राशन वितरण कराना जिला प्रशासन और पूर्ति विभाग के लिए चुनौती बन गया है। इस समय जिला पूर्ति विभाग को राहत केवल इसलिए है कि प्रदेश के अन्य जिलों के शहरी क्षेत्रों में भी राशन का वितरण नहीं हो पा रहा है। शासन स्तर पर राशन वितरण को लेकर क्या व्यवस्था की जाती है, इसी पर सबकी निगाहें हैं। जिला पूर्ति अधिकारी सुनील पुष्कर का कहना है कि शासन का जो आदेश होगा उसी के अनुसार कार्रवाई होगी।
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ग्रामीण क्षेत्र में हो रहा राशन वितरण
मुजफ्फरनगर। जिले में ग्रामीण क्षेत्र में लगभग 700 राशन विक्रेता है। शुरुआत में ऐसा लग रहा था कि ये लोग भी हड़ताल पर रहेंगे, लेकिन इन लोगों ने माल उठाकर वितरण करना शुरु कर दिया है। इससे कोटेदारों की एकता को भी झटका लगा है।
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