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कर्मों का खेल बड़ा विचित्र: ज्ञान सागर
Updated Wed, 19 Jul 2017 12:40 AM IST
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कर्मों का खेल बड़ा विचित्र : ज्ञान सागर
मुजफ्फरनगर। श्री दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र वहलना में श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए ज्ञान सागर जी महाराज ने कहा कि कर्मों का खेल बड़ा विचित्र है। प्रत्येक जीव का कर्म और भाग्य अलग है।
आचार्य श्री ने कहा कि जब हम संसार की ओर दृष्टि डालते हैं, तब पाते हैं कि एक व्यक्ति कुत्ते को भी गाड़ी में बैठा रहा है और दूसरा मां को भी दुत्कार रहा है। एक व्यक्ति की आवाज से चारों ओर सब आ जाते हैं और एक व्यक्ति की आवाज सभी अनसुनी कर रहे हैं। एक व्यक्ति की दुकान अच्छी चल रही है, एक ग्राहक के लिए तरस रहा है। एक हर समय बीमार और दूसरा स्वस्थ रहता है। किसी छात्र को जल्द याद हो जाता है, किसी को नहीं होता। इन सभी विचित्रताओं को देखते हुए लगता है कि व्यक्ति जैसे कर्म करता है, वैसा ही फल मिलता है।
यदि जीवन में सब कुछ अच्छा चाहते हो तो आज से ही अपने अच्छे भाव रखना प्रारंभ कर दो। इसी से जीवन सुखद होगा। सुख दुख के बटन आपके ही हाथ में हैं। जो स्विच ऑन करोगे वही फल मिलेगा। अच्छे कर्म करो ताकि अच्छा फल मिल सके। संगीतकार दीपक शर्मा एंड पार्टी की स्वर लहरी ने सभी को मंत्रमुग्ध किया। वर्षा योग पर अनीता दीदी ने विचार रखे। संचालन पुनीत जैन ने किया।
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मुजफ्फरनगर। श्री दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र वहलना में श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए ज्ञान सागर जी महाराज ने कहा कि कर्मों का खेल बड़ा विचित्र है। प्रत्येक जीव का कर्म और भाग्य अलग है।
आचार्य श्री ने कहा कि जब हम संसार की ओर दृष्टि डालते हैं, तब पाते हैं कि एक व्यक्ति कुत्ते को भी गाड़ी में बैठा रहा है और दूसरा मां को भी दुत्कार रहा है। एक व्यक्ति की आवाज से चारों ओर सब आ जाते हैं और एक व्यक्ति की आवाज सभी अनसुनी कर रहे हैं। एक व्यक्ति की दुकान अच्छी चल रही है, एक ग्राहक के लिए तरस रहा है। एक हर समय बीमार और दूसरा स्वस्थ रहता है। किसी छात्र को जल्द याद हो जाता है, किसी को नहीं होता। इन सभी विचित्रताओं को देखते हुए लगता है कि व्यक्ति जैसे कर्म करता है, वैसा ही फल मिलता है।
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यदि जीवन में सब कुछ अच्छा चाहते हो तो आज से ही अपने अच्छे भाव रखना प्रारंभ कर दो। इसी से जीवन सुखद होगा। सुख दुख के बटन आपके ही हाथ में हैं। जो स्विच ऑन करोगे वही फल मिलेगा। अच्छे कर्म करो ताकि अच्छा फल मिल सके। संगीतकार दीपक शर्मा एंड पार्टी की स्वर लहरी ने सभी को मंत्रमुग्ध किया। वर्षा योग पर अनीता दीदी ने विचार रखे। संचालन पुनीत जैन ने किया।
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