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पालिका में 19 करोड़ के टेंडर की जंग में ईओ को हटाया
Updated Fri, 16 Jun 2017 12:44 AM IST
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पालिका में 19 करोड़ के टेंडर की जंग में ईओ को हटाया
मुजफ्फरनगर। नगर पालिका में 19 करोड़ के विकास कार्यों के टेंडर पर हर किसी की नजर है। सत्ताधारी नेताओं और अफसरों की रस्साकशी में पालिका के ईओ शिकार हो गए। सत्ताधारी नेताओं के दबाव के चलते नगर पालिका में पांच लाख से ऊपर के टेंडर अभी तक नहीं खोले गए हैं। टेंडर खोलने से पहले ही बृहस्पतिवार को ईओ अजीत सिंह को पदमुक्त कर दिया गया है।
भ्रष्टाचारमुक्त प्रशासन का दावा करने वाली योगी सरकार को बदनाम करने में पार्टी के नेता ही लगे हैं। जिन विभागों में निर्माण कार्य होते हैं और वे ठेकेदारों से जुड़े हैं, उनमें बीजेपी नेता आपस में ही उलझ रहे हैं। अफसरों के साथ नेताओं में भी कमीशन को लेकर जंग छिड़ी हैं। नगर पालिका में इस समय 19 करोड़ के काम होने हैं। सभी की निगाहें इस पर टिकी हैं। सत्ताधारी नेता अपने हिसाब से और अफसर अपने हिसाब से दबाव बना रहे हैं। इस जंग में हालात ये है कि पांच लाख से ऊपर के टेंडर पालिका खोल नहीं पाई है। दबाव के चलते ऐसा हुआ है। नेताओं और अफसरों के बीच में फंसे ईओ अजीत सिंह का अचानक स्थानांतरण करा दिया गया है। आदेश मिलते ही ईओ कार्यमुक्त हो गए। पालिका में पहले चेयरमैन को हटाया गया और अब ईओ को। इसके पीछे सत्ताधारी नेता खुलकर खेलने की तैयारी में हैं। अब देखना यह है कि कमीशन की जंग में पालिका में ओर क्या बदलाव होते हैं। उधर, पालिका में जिस तरह कमीशन को लेकर जंग छिड़ी है, ऐसे में पंजीकृत ठेकेदार काम करने से कतरा रहे हैं। पांच लाख से कम के 36 कामों में से केवल 23 के ही टेंडर आ पाए थे। पांच लाख से ऊपर के टेंडर नहीं खुले हैं। खुलने के बाद सच्चाई सामने आएगी।
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मुजफ्फरनगर। नगर पालिका में 19 करोड़ के विकास कार्यों के टेंडर पर हर किसी की नजर है। सत्ताधारी नेताओं और अफसरों की रस्साकशी में पालिका के ईओ शिकार हो गए। सत्ताधारी नेताओं के दबाव के चलते नगर पालिका में पांच लाख से ऊपर के टेंडर अभी तक नहीं खोले गए हैं। टेंडर खोलने से पहले ही बृहस्पतिवार को ईओ अजीत सिंह को पदमुक्त कर दिया गया है।
भ्रष्टाचारमुक्त प्रशासन का दावा करने वाली योगी सरकार को बदनाम करने में पार्टी के नेता ही लगे हैं। जिन विभागों में निर्माण कार्य होते हैं और वे ठेकेदारों से जुड़े हैं, उनमें बीजेपी नेता आपस में ही उलझ रहे हैं। अफसरों के साथ नेताओं में भी कमीशन को लेकर जंग छिड़ी हैं। नगर पालिका में इस समय 19 करोड़ के काम होने हैं। सभी की निगाहें इस पर टिकी हैं। सत्ताधारी नेता अपने हिसाब से और अफसर अपने हिसाब से दबाव बना रहे हैं। इस जंग में हालात ये है कि पांच लाख से ऊपर के टेंडर पालिका खोल नहीं पाई है। दबाव के चलते ऐसा हुआ है। नेताओं और अफसरों के बीच में फंसे ईओ अजीत सिंह का अचानक स्थानांतरण करा दिया गया है। आदेश मिलते ही ईओ कार्यमुक्त हो गए। पालिका में पहले चेयरमैन को हटाया गया और अब ईओ को। इसके पीछे सत्ताधारी नेता खुलकर खेलने की तैयारी में हैं। अब देखना यह है कि कमीशन की जंग में पालिका में ओर क्या बदलाव होते हैं। उधर, पालिका में जिस तरह कमीशन को लेकर जंग छिड़ी है, ऐसे में पंजीकृत ठेकेदार काम करने से कतरा रहे हैं। पांच लाख से कम के 36 कामों में से केवल 23 के ही टेंडर आ पाए थे। पांच लाख से ऊपर के टेंडर नहीं खुले हैं। खुलने के बाद सच्चाई सामने आएगी।
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