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नये मतदाता बनाने को 31 अक्तूबर तक चलेगा अभियान
Updated Sat, 01 Sep 2018 12:34 AM IST
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मुजफ्फरनगर। भारत निर्वाचन आयोग निर्वाचक नामावलियों के संक्षिप्त पुनरीक्षण को लेकर विशेष अभियान चलाया गया है। एक सितंबर से 31 अक्तूबर तक नये वोट बनवाने के लिए विशेष अभियान दिवस भी लगेंगे। रविवार के दिन सभी बूथों पर बीएलओ तैनात रहेंगे। एक जनवरी 2019 को 18 साल पूरे करने वाले युवा आवेदन कर सकेंगे।
कलक्ट्रेट सभागार में पत्रकार वार्ता में डीएम राजीव शर्मा ने बताया कि एक सितंबर से लेकर 31 अक्तूबर तक मतदाता सूची पुनरीक्षण का कार्यक्रम चलेगा। इस बीच मतदाता दावे और आपत्तियां कर सकेंगे। 13 सितंबर, 10 अक्तूबर, 24 अक्तूबर को ग्राम सभा और स्थानीय निकायों मतदाता सूची को पढ़कर सुनाया जाएगा। जिले में पांच रविवार नौ सितंबर, 23 सितंबर, सात अक्तूबर, 14 अक्तूबर, 28 अक्तूबर को विशेष अभियान चलाया जाएगा। बूथ लेवल राजनीतिक दलों के एजेंटों की मौजूदगी में नाम बढ़ाने और घटाने के लिए आवेदन लिए जाएंगे।
आपत्तियों का निस्तारण दस नवंबर तक होगा। दस दिसंबर तक इन्हें डाटाबेस किया जाएगा और चार जनवरी को मतदाता सूची का प्रकाशित हो जाएगा। समस्त प्रक्रिया को ऑनलाइन देखी जा सकेगी। एडीएम प्रशासन अमित सिंह ने बताया कि मतदाताओं को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान जिला और तहसील स्तर पर चलेगा। इसी कड़ी में एक सितंबर को एसडी पब्लिक स्कूल में कार्यक्रम होगा। एसएसपी सुधीर कुमार ने कहा कि मतदाताओं को अभी से अपने वोट की देखभाल कर लेनी चाहिए। बाद में चुनाव के दौरान ये चीजें विवाद का कारण बनती है। वार्ता में एडीएम सियाराम मौर्य भी मौजूद रहे।
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जिले में 1923078 वोट
मुजफ्फरनगर। अभियान शुरू होने के समय जिले में वर्तमान में सभी छह विधानसभा सीटों पर 19 लाख 23 हजार 78 वोट हैं। इसमें बुढ़ाना में सबसे ज्यादा तीन लाख 60 हजार 678 और मीरापुर में सबसे कम दो लाख 96 हजार 45 वोट हैं।
औपचारिकता बनकर रह जाता है अभियान
मुजफ्फरनगर। भारत निर्वाचन आयोग का अभियान यहां हर बार औपचारिकता बनकर रह जाता है। तैनात किए जाने वाले बीएलओ ड्यूटी पर ही नहीं जाते। जो ड्यूटी पर जाते है, वह मतदेय स्थल तक नहीं जाते। फर्जी तरीके से कागजों की पूर्ति कर दी जाती है। अफसर भी केवल औपचारिकता ही पूरी करते हैं। यही कारण होता है कि मतदाता सूचियों में गड़बड़ी मिलती है। अब देखना यह है कि इस बार चुनाव आयोग को प्रशासन कितनी गंभीरता से लेता है।
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कलक्ट्रेट सभागार में पत्रकार वार्ता में डीएम राजीव शर्मा ने बताया कि एक सितंबर से लेकर 31 अक्तूबर तक मतदाता सूची पुनरीक्षण का कार्यक्रम चलेगा। इस बीच मतदाता दावे और आपत्तियां कर सकेंगे। 13 सितंबर, 10 अक्तूबर, 24 अक्तूबर को ग्राम सभा और स्थानीय निकायों मतदाता सूची को पढ़कर सुनाया जाएगा। जिले में पांच रविवार नौ सितंबर, 23 सितंबर, सात अक्तूबर, 14 अक्तूबर, 28 अक्तूबर को विशेष अभियान चलाया जाएगा। बूथ लेवल राजनीतिक दलों के एजेंटों की मौजूदगी में नाम बढ़ाने और घटाने के लिए आवेदन लिए जाएंगे।
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आपत्तियों का निस्तारण दस नवंबर तक होगा। दस दिसंबर तक इन्हें डाटाबेस किया जाएगा और चार जनवरी को मतदाता सूची का प्रकाशित हो जाएगा। समस्त प्रक्रिया को ऑनलाइन देखी जा सकेगी। एडीएम प्रशासन अमित सिंह ने बताया कि मतदाताओं को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान जिला और तहसील स्तर पर चलेगा। इसी कड़ी में एक सितंबर को एसडी पब्लिक स्कूल में कार्यक्रम होगा। एसएसपी सुधीर कुमार ने कहा कि मतदाताओं को अभी से अपने वोट की देखभाल कर लेनी चाहिए। बाद में चुनाव के दौरान ये चीजें विवाद का कारण बनती है। वार्ता में एडीएम सियाराम मौर्य भी मौजूद रहे।
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जिले में 1923078 वोट
मुजफ्फरनगर। अभियान शुरू होने के समय जिले में वर्तमान में सभी छह विधानसभा सीटों पर 19 लाख 23 हजार 78 वोट हैं। इसमें बुढ़ाना में सबसे ज्यादा तीन लाख 60 हजार 678 और मीरापुर में सबसे कम दो लाख 96 हजार 45 वोट हैं।
औपचारिकता बनकर रह जाता है अभियान
मुजफ्फरनगर। भारत निर्वाचन आयोग का अभियान यहां हर बार औपचारिकता बनकर रह जाता है। तैनात किए जाने वाले बीएलओ ड्यूटी पर ही नहीं जाते। जो ड्यूटी पर जाते है, वह मतदेय स्थल तक नहीं जाते। फर्जी तरीके से कागजों की पूर्ति कर दी जाती है। अफसर भी केवल औपचारिकता ही पूरी करते हैं। यही कारण होता है कि मतदाता सूचियों में गड़बड़ी मिलती है। अब देखना यह है कि इस बार चुनाव आयोग को प्रशासन कितनी गंभीरता से लेता है।