{"_id":"5af09d914f1c1b57098b8a0a","slug":"101525718417-muzaffarnagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सावधान! आपके मासूम की जान को खतरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सावधान! आपके मासूम की जान को खतरा
Updated Tue, 08 May 2018 12:10 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुजफ्फरनगर।
अच्छी शिक्षा देने के साथ साथ बच्चों को घर से स्कूल और स्कूल से घर तक सुरक्षा की जिम्मेदारी भी शिक्षण संस्थानों की होती है, लेकिन कुछ स्कूल बच्चों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। परिवहन विभाग की जांच में 116 स्कूली वाहन अनफिट पाए गए हैं। ये वाहन मानकों को पूरा नहीं कर रहे हैं। परिवहन विभाग के नियमों को ताक पर रखकर इन वाहनों से बच्चों को स्कूल लेकर जाते हैं, वहीं गाड़ी की क्षमता से अधिक बच्चों को गाड़ी में बैठाकर स्कूल पहुंचाया जा रहा है।
कुशीनगर हादसे के बाद भी परिवहन विभाग ने कोई सबक नहीं लिया है। एआरटीओ प्रशासन राजीव कुमार बंसल ने कुछ दिन पूर्व 350 स्कूली वाहनों को नुमाइश मैदान में निरीक्षण के लिए बुलवाया था। इनमें से 200 स्कूली वाहन नुमाइश मैदान में पहुंचे थे। एआरटीओ की जांच में 200 में से 40 स्कूली वाहन अनफिट मिले थे और 160 स्कूली वाहन सहीं पाए गए थे। इसके बाद शेष 150 स्कूली वाहनों का निरीक्षण किया गया। जिसमें से 76 स्कूली वाहन अनफिट मिले। ये वाहन विभाग के मानकों को पूरा नहीं कर रहे थे। पूरी जांच पड़ताल करने के बाद 350 स्कूली वाहनों में से 234 स्कूली वाहन सहीं निकले हैं। वहीं 116 स्कूली वाहन अनफिट मिले। इन वाहनों के मानक पूरा करने के लिए स्कूल संचालकों को एआरटीओ ने चेतावनी भी दी हुई है। इनमें से अधिकांश वाहन बिना मानक पूरे किए बच्चों को स्कूल ले जा रहे हैं। स्कूल वाहन की क्षमता 30 सीट की है और उसमें 50 से अधिक बच्चे बैठाकर ले जाते हैं। इस ओर अभिभावकों का भी कोई ध्यान नहीं है। एआरटीओ प्रशासन राजीव कुमार बंसल का कहना है कि ऐसे स्कूली वाहनों पर कार्रवाई के लिए अभियान चलाया जा रहा है। अभी हाल में 350 स्कूली वाहनों की जांच की गई थी। जिसमें से 116 वाहन अनफिट मिले थे। इन वाहनों को मानक पूरा करने की चेतावनी दी गई थी।
विज्ञापन
अच्छी शिक्षा देने के साथ साथ बच्चों को घर से स्कूल और स्कूल से घर तक सुरक्षा की जिम्मेदारी भी शिक्षण संस्थानों की होती है, लेकिन कुछ स्कूल बच्चों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। परिवहन विभाग की जांच में 116 स्कूली वाहन अनफिट पाए गए हैं। ये वाहन मानकों को पूरा नहीं कर रहे हैं। परिवहन विभाग के नियमों को ताक पर रखकर इन वाहनों से बच्चों को स्कूल लेकर जाते हैं, वहीं गाड़ी की क्षमता से अधिक बच्चों को गाड़ी में बैठाकर स्कूल पहुंचाया जा रहा है।
कुशीनगर हादसे के बाद भी परिवहन विभाग ने कोई सबक नहीं लिया है। एआरटीओ प्रशासन राजीव कुमार बंसल ने कुछ दिन पूर्व 350 स्कूली वाहनों को नुमाइश मैदान में निरीक्षण के लिए बुलवाया था। इनमें से 200 स्कूली वाहन नुमाइश मैदान में पहुंचे थे। एआरटीओ की जांच में 200 में से 40 स्कूली वाहन अनफिट मिले थे और 160 स्कूली वाहन सहीं पाए गए थे। इसके बाद शेष 150 स्कूली वाहनों का निरीक्षण किया गया। जिसमें से 76 स्कूली वाहन अनफिट मिले। ये वाहन विभाग के मानकों को पूरा नहीं कर रहे थे। पूरी जांच पड़ताल करने के बाद 350 स्कूली वाहनों में से 234 स्कूली वाहन सहीं निकले हैं। वहीं 116 स्कूली वाहन अनफिट मिले। इन वाहनों के मानक पूरा करने के लिए स्कूल संचालकों को एआरटीओ ने चेतावनी भी दी हुई है। इनमें से अधिकांश वाहन बिना मानक पूरे किए बच्चों को स्कूल ले जा रहे हैं। स्कूल वाहन की क्षमता 30 सीट की है और उसमें 50 से अधिक बच्चे बैठाकर ले जाते हैं। इस ओर अभिभावकों का भी कोई ध्यान नहीं है। एआरटीओ प्रशासन राजीव कुमार बंसल का कहना है कि ऐसे स्कूली वाहनों पर कार्रवाई के लिए अभियान चलाया जा रहा है। अभी हाल में 350 स्कूली वाहनों की जांच की गई थी। जिसमें से 116 वाहन अनफिट मिले थे। इन वाहनों को मानक पूरा करने की चेतावनी दी गई थी।
विज्ञापन