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बिल्डरों को बताने होंगे एजेंटों के नाम
Updated Fri, 11 Aug 2017 12:56 AM IST
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बिल्डरों को बताने होंगे एजेंटों के नाम
मुजफ्फरनगर। डेवलेपमेंट एक्ट 2016 को विकास प्राधिकरण में लागू कर दिया गया है। बृहस्पतिवार को एमडीए ने बिल्डर्स, इंजीनियर्स की बैठक ली और सभी को नए नियमों से अवगत कराया गया।
एमडीए वीसी वीके यदुवंशी ने बैठक में कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 27 जुलाई को नए एक्ट की वेबसाइट का शुभारंभ कर चुके हैं। 500 वर्ग मीटर या इससे अधिक क्षेत्रफल में आठ फ्लैट से अधिक बनाने वाले सभी बिल्डर्स, डेवलेपर्स और एजेंट का एमडीए में अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा। बिल्डर और खरीदार के मध्य यूनिवर्सल प्रकृति का एग्रीमेंट होगा, जो अभी तक नहीं था। दस प्रतिशत से अधिक धनराशि बिना एग्रीमेंट के नहीं ले सकेंगे। विलंब से भुगतान की स्थिति में पेनाल्टी का क्लाज बिल्डर एवं खरीदार के लिए अलग-अलग था, जो कि अब एक समान ब्याज दर पर होगी। एजेंटों के माध्यम से फ्लैट बेचने वालों को एजेंटों का रजिस्ट्रेशन कराना होगा। खरीदार अब ऑन लाइन शिकायत कर सकता है। बिल्डर्स को प्रोजेक्ट की धनराशि को एस्क्रो अकाउंट में रखना होगा। एक प्रोजेक्ट की धनराशि को दूसरे प्रोजेक्ट में स्थानांतरित नहीं की जा सकेगी। प्रभारी सचिव राजवीर सिंह मावी, अमित चौधरी, शंकर सिंह, दिनेश राठी, रेशू गोयल, जयवीर सिंह, नफीस राना, ललित कुमार, राजेंद्र साहनी, सिद्धार्थ अग्रवाल आदि रहे।
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मुजफ्फरनगर। डेवलेपमेंट एक्ट 2016 को विकास प्राधिकरण में लागू कर दिया गया है। बृहस्पतिवार को एमडीए ने बिल्डर्स, इंजीनियर्स की बैठक ली और सभी को नए नियमों से अवगत कराया गया।
एमडीए वीसी वीके यदुवंशी ने बैठक में कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 27 जुलाई को नए एक्ट की वेबसाइट का शुभारंभ कर चुके हैं। 500 वर्ग मीटर या इससे अधिक क्षेत्रफल में आठ फ्लैट से अधिक बनाने वाले सभी बिल्डर्स, डेवलेपर्स और एजेंट का एमडीए में अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा। बिल्डर और खरीदार के मध्य यूनिवर्सल प्रकृति का एग्रीमेंट होगा, जो अभी तक नहीं था। दस प्रतिशत से अधिक धनराशि बिना एग्रीमेंट के नहीं ले सकेंगे। विलंब से भुगतान की स्थिति में पेनाल्टी का क्लाज बिल्डर एवं खरीदार के लिए अलग-अलग था, जो कि अब एक समान ब्याज दर पर होगी। एजेंटों के माध्यम से फ्लैट बेचने वालों को एजेंटों का रजिस्ट्रेशन कराना होगा। खरीदार अब ऑन लाइन शिकायत कर सकता है। बिल्डर्स को प्रोजेक्ट की धनराशि को एस्क्रो अकाउंट में रखना होगा। एक प्रोजेक्ट की धनराशि को दूसरे प्रोजेक्ट में स्थानांतरित नहीं की जा सकेगी। प्रभारी सचिव राजवीर सिंह मावी, अमित चौधरी, शंकर सिंह, दिनेश राठी, रेशू गोयल, जयवीर सिंह, नफीस राना, ललित कुमार, राजेंद्र साहनी, सिद्धार्थ अग्रवाल आदि रहे।
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