फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   muzaffarnagar riots

मुजफ्फरनगर: बुझी ही नहीं थी नफरत की ‘चिंगारी’

Thu, 31 Oct 2013 01:40 AM IST
कपिल कुमार/मुजफ्फरनगर
कपिल कुमार/मुजफ्फरनगर Updated Thu, 31 Oct 2013 01:40 AM IST
विज्ञापन
muzaffarnagar riots

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर दंगे पर विराम तो लगा पर वारदातें नहीं रुकीं। ‘गुरिल्ला वार’ में आधा दर्जन से ज्यादा जानें चली गईं। पहचान देखकर कत्ल होते रहे, पुलिस प्रशासन इन्हें रोकने में नाकाम साबित हुआ।

विज्ञापन


नतीजा, मोहम्मदपुर राय सिंह के जंगल में खून-खराबे के रूप में सामने आया। देखते ही देखते दोनों समुदायों में फायरिंग हुई और तीन लाशें बिछ गईं।

सात सितंबर के सांप्रदायिक दंगे के बाद भड़की हिंसा में 62 लोगों की जाने चली गई थीं। हिंसाग्रस्त गांवों के करीब 41 हजार लोग राहत शिविरों में पहुंच गए।

लिसाढ़, बहावड़ी, लांक, मुंडभर और कुटबा में घर फूंके गए। 54 दिन बीत गए, लेकिन नफरत की चिंगारी नहीं बुझी। ‘गुरिल्ला वार’ में एक के बाद एक कर 10 हत्याएं कर दी गईं। पुलिस बेबस दिखी और उन्मादी माहौल बिगाड़ने में लगे रहे।
विज्ञापन


शहर में हालात कुछ बेहतर हुए पर देहात में गुस्सा नहीं थमा। महिलाओं ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। लगातार हत्याओं का खौफ, ऊपर से फर्जी नामजदगी का जंजाल तनाव को और बढ़ाए हुए था। पहचान देखकर कत्ल किए गए।
विज्ञापन
विज्ञापन


मेरठ के नंगला शेखू के अमित की बुढ़ाना से लौटते समय शाहपुर में हत्या कर दी गई। शामली के बनत के कपिल को गोली लगी। भौराकलां के राज सिंह, बरला के बालेश, खामपुर के नेपाल, कूकड़ा के आबिद और मुकुंदपुर के किसान बोहरम की हत्या किसने और क्यों की, यह अभी तक पुलिस पता नहीं लगा पाई है।

सभी मामलों की जांच चल रही है। एसएसपी हरिनारायण सिंह भी कह चुके हैं कि जांच में सांप्रदायिकता के बिंदू को भी देखा जा रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed