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पीएम की कुर्सी तक पहुंचने को मुलायम ने बिछाईं गोटियां
प्रदीप अवस्थी/ अमर उजाला, इटावा
Updated Sun, 06 Oct 2013 08:46 AM IST
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प्रधानमंत्री की कुर्सी तक पहुंचने के लिए तीसरे मोर्चे के गठन को लेकर सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने गोटें बिछा दी हैं। यूपीए सरकार की हो रही फजीहत और भाजपा को सांप्रदायिक दल का तमगा लगने से उत्साहित सपा मुखिया तीसरे मोर्चे के गठन को लेकर छोटे दलों को जोड़ने के लिए सक्रिय हो चुके हैं।
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इसी क्रम में 30 अक्तूबर को दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में छोटे दलों का जमघट लगने जा रहा है। माकपा के थिंक टैंक प्रकाश करात की अगुवाई में आठ से अधिक छोटे दल शामिल होंगे। इटावा में मुलायम सिंह यादव ने इस बात के संकेत दिए।
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मुलायम ने कहा कि 2014 के लोकसभा चुनाव में किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिल रहा है। गठबंधन की ही सरकार बनेगी। ऐसे में तीसरा मोर्चा का विकल्प खुला है। लोग भाजपा और कांग्रेस से ऊब चुके हैं। नए विकल्प को मौका देने के लिए तैयार हैं।
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ऐसे में तीसरे मोर्चे की सरकार बनी तो सपा सबसे बड़े दल के तौर पर इसका नेतृत्व करेगी। उन्होंने संकेत दिए कि 30 अक्तूबर को प्रकाश करात की अगुवाई में होने वाली बैठक में अधिक से अधिक क्षेत्रीय दलों ने बैठक में हिस्सेदारी करने की इच्छा जताई है।
राजद को भी तीसरे मोर्चे में भूमिका की तलाश
उधर, पार्टी सूत्रों का कहना है कि लालू प्रसाद यादव को सीबीआई अदालत से सजा होने के बाद राजद भी तीसरे मोर्चे में अपनी भूमिका की तलाश में है। जनता दल सेक्युलर, डीएमके, तेलंगाना राष्ट्र समिति के नेता भी बैठक में शामिल हो सकते हैं।
तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी को मनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। 30 अक्तूबर की बैठक में एक दर्जन छोटे दल यदि उपस्थित होते हैं तो इसे मोर्चा गठन के क्षेत्र में सफलता माना जाएगा। इसके बाद ही आगे की रणनीति तय की जाएगी।
तय यह भी होगा कि मोर्चा गठन के बाद चुनाव लड़ा जाए या जीत हासिल करने के बाद गठन किया जाए। इस संबंध में सपा मुखिया की कई राजनीतिक दलों की बात हो चुकी है। 30 अक्तूबर के बाद किसी नतीजे पर पहुंचा जाएगा।