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Moradabad News: गेहूं, मटर और लाई की फसल पानी में डूबी, किसानों ने मुआवजे की मांग की
Mon, 26 Jan 2026 02:19 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
Updated Mon, 26 Jan 2026 02:19 AM IST
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ठाकुरद्वारा। सिंचाई विभाग की लापरवाही से गांव राजूपुर मिलक के किसानों की लाखों की गेहूं, लाई, मटर आदि की फसल पानी में डूब कर नष्ट हो गई। किसानों का आरोप है कि सिंचाई विभाग ने पुलिया निर्माण के लिए लगाए गए डायवर्जन में लापरवाही की।
जिससे नहर में छोड़ा गया पानी उनके खेतों में घुस गया। जिससे करीब 400 बीघा खेतों में खड़ी फसल पानी डूबकर नष्ट हो गई। गांव के किसान विक्रम सिंह, मदन सिंह,देव दत्त, राजेंद्र सिंह आदि 14 की फसल सिंचाई विभाग की लापरवाही से प्रभावित हुई और नष्ट हुई। किसानों ने बताया कि गांव के पास सिंचाई विभाग ने पुलिया का निर्माण कराया रास्ते को जारी रखने के लिए डायवर्सन रोड बनाया जिसमें सिंचाई विभाग ने नहर के पानी के निकासी के लिए उसमें पाइप डाला था। पुलिया का निर्माण पूरा कर दिया गया इसके बाद शनिवार की रात को नहर में तेजी से पानी छोड़ा गया। डायवर्जन में लगे पाइप को हटाकर पानी की निकासी को सुचारू नहीं किया गया। जिससे नहर में छोड़ा गया पानी किसानों के खेतों में घुस गया और उनकी फसल बर्बाद हो गई।
किसानों ने इसकी शिकायत विभाग के अधिशासी अभियंता और एसडीओ से कर नष्ट का मुआवजा नष्ट की फसल का मुआवजा देने की मांग की। किसानों की शिकायत पर विभाग के जेई अहमद अंसारी जांच करने पहुंचे तो मौके पर उन्होंने पाया कि किसानों की फसल पानी में डूबी हुई है उनका कहना था कि डायवर्जन पाइप में कूड़ा अटक गया था। इसलिए पानी खेतों में चला गया था। उन्होंने किसानों को आश्वासन दिया कि वह अपनी जांच रिपोर्ट अपने वरिष्ठ अधिकारियों को भेज कर अवगत करा देंगे। उनके स्तर से ही इस मामले में निर्णय लिया जाएगा।
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जिससे नहर में छोड़ा गया पानी उनके खेतों में घुस गया। जिससे करीब 400 बीघा खेतों में खड़ी फसल पानी डूबकर नष्ट हो गई। गांव के किसान विक्रम सिंह, मदन सिंह,देव दत्त, राजेंद्र सिंह आदि 14 की फसल सिंचाई विभाग की लापरवाही से प्रभावित हुई और नष्ट हुई। किसानों ने बताया कि गांव के पास सिंचाई विभाग ने पुलिया का निर्माण कराया रास्ते को जारी रखने के लिए डायवर्सन रोड बनाया जिसमें सिंचाई विभाग ने नहर के पानी के निकासी के लिए उसमें पाइप डाला था। पुलिया का निर्माण पूरा कर दिया गया इसके बाद शनिवार की रात को नहर में तेजी से पानी छोड़ा गया। डायवर्जन में लगे पाइप को हटाकर पानी की निकासी को सुचारू नहीं किया गया। जिससे नहर में छोड़ा गया पानी किसानों के खेतों में घुस गया और उनकी फसल बर्बाद हो गई।
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किसानों ने इसकी शिकायत विभाग के अधिशासी अभियंता और एसडीओ से कर नष्ट का मुआवजा नष्ट की फसल का मुआवजा देने की मांग की। किसानों की शिकायत पर विभाग के जेई अहमद अंसारी जांच करने पहुंचे तो मौके पर उन्होंने पाया कि किसानों की फसल पानी में डूबी हुई है उनका कहना था कि डायवर्जन पाइप में कूड़ा अटक गया था। इसलिए पानी खेतों में चला गया था। उन्होंने किसानों को आश्वासन दिया कि वह अपनी जांच रिपोर्ट अपने वरिष्ठ अधिकारियों को भेज कर अवगत करा देंगे। उनके स्तर से ही इस मामले में निर्णय लिया जाएगा।
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