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सूखा प्रभावित जिले पीएंगे वेस्ट यूपी का दूध
पुनीत शर्मा/मुरादाबाद
Updated Thu, 21 Apr 2016 11:14 AM IST
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दूध
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उत्तर प्रदेश का एक बड़ा हिस्सा सूखे से प्रभावित है। बुंदेलखंड में तो हालात सबसे ज्यादा खराब हैं। सूखा प्रभावित जनपदों में इस समय दूध का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। बच्चों को दूध मिल नहीं पा रहा है। इन हालातों को देखते हुए सरकार ने वेस्ट यूपी में पराग की डेयरियों से सूखा प्रभावित जनपदों को दूध सप्लाई करने का फैसला किया है।
यूं तो प्रदेश में करीब चालीस जिले सूखे की चपेट में हैं लेकिन बुंदेलखंड में 21 जिले बुरी तरह से प्रभावित हैं। इनमें यूपी के 7 और मध्यप्रदेश के 14 जनपद हैं। इन जिलों में दूध की किल्लत पैदा हो गई है। क्योंकि सूखे के चलते पशुओं को चारा और पानी नहीं नहीं मिल पा रहा है जिससे दूध घट गया है। अब इन इलाकों को दूध की सप्लाई के लिए प्लानिंग की गई है। मेरठ की पराग डेयरी से पाउडर वाला दूध भेजा जाएगा।
हर महीने 40 टन मिल्क पाउडर यहां से सप्लाई होगा। पराग के महाप्रबंधक डा. मोहन स्वरूप ने बताया कि अभी तो वहां पाउडर वाला ही दूध जा रहा है लेकिन बाद में दूसरा दूध भी सप्लाई होगा। उन डेयरियों से दूध भी लेने की तैयारी है जो बुंदेलखंड के आसपास में हैं। ताकि वहां आसानी से दूध की उपलब्धता कराई जा सके। प्रदेश की कई डेयरियों से बात भी हो चुकी है।
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बिहार, कर्नाटक और राजस्थान से भी आएगा दूध- पश्चिमी उत्तर प्रदेश से तो दूध की सप्लाई हाल में कराई ही जाएगी लेकिन बिहार, कर्नाटक और राजस्थान से भी दूध की मांग की जा रही है। इन राज्यों में भी डेयरी कोआपरेटिव के फेडरेशन हैं। कुछ जगहों से मिल्क पाउडर तो कुछ डेयरियों से सामान्य दूध लिया जाएगा।
अफसरों का कहना है कि इसके लिए इन राज्यों में सरकार की वार्ता चल रही है। जल्द ही इस संबंध में फैसला हो जाएगा। इन सभी राज्यों की डेयरियों में फिलहाल दूध का कहीं कोई संकट नहीं है। लिहाजा मांग के मुताबिक आसानी के दूध की उपलब्धता हो जाएगी।
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यूं तो प्रदेश में करीब चालीस जिले सूखे की चपेट में हैं लेकिन बुंदेलखंड में 21 जिले बुरी तरह से प्रभावित हैं। इनमें यूपी के 7 और मध्यप्रदेश के 14 जनपद हैं। इन जिलों में दूध की किल्लत पैदा हो गई है। क्योंकि सूखे के चलते पशुओं को चारा और पानी नहीं नहीं मिल पा रहा है जिससे दूध घट गया है। अब इन इलाकों को दूध की सप्लाई के लिए प्लानिंग की गई है। मेरठ की पराग डेयरी से पाउडर वाला दूध भेजा जाएगा।
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हर महीने 40 टन मिल्क पाउडर यहां से सप्लाई होगा। पराग के महाप्रबंधक डा. मोहन स्वरूप ने बताया कि अभी तो वहां पाउडर वाला ही दूध जा रहा है लेकिन बाद में दूसरा दूध भी सप्लाई होगा। उन डेयरियों से दूध भी लेने की तैयारी है जो बुंदेलखंड के आसपास में हैं। ताकि वहां आसानी से दूध की उपलब्धता कराई जा सके। प्रदेश की कई डेयरियों से बात भी हो चुकी है।
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बिहार, कर्नाटक और राजस्थान से भी आएगा दूध- पश्चिमी उत्तर प्रदेश से तो दूध की सप्लाई हाल में कराई ही जाएगी लेकिन बिहार, कर्नाटक और राजस्थान से भी दूध की मांग की जा रही है। इन राज्यों में भी डेयरी कोआपरेटिव के फेडरेशन हैं। कुछ जगहों से मिल्क पाउडर तो कुछ डेयरियों से सामान्य दूध लिया जाएगा।
अफसरों का कहना है कि इसके लिए इन राज्यों में सरकार की वार्ता चल रही है। जल्द ही इस संबंध में फैसला हो जाएगा। इन सभी राज्यों की डेयरियों में फिलहाल दूध का कहीं कोई संकट नहीं है। लिहाजा मांग के मुताबिक आसानी के दूध की उपलब्धता हो जाएगी।