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Moradabad News: सड़क पर खड़ी गाड़ियां, बाजारों में ई-रिक्शा...जाम से पटा शहर
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मुरादाबाद। शहर जाम से पटा है। प्रमुख बाजारों में न पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था है और न ई-रिक्शाओं के लिए निर्धारित स्टैंड। कहीं ई-रिक्शा वाले बीच सड़क पर सवारियां बैठाते नजर आते हैं तो कहीं बेतरतीब खड़े वाहन रास्ता रोक रहे हैं। इससे बाजारों में यातायात व्यवस्था लगातार प्रभावित हो रही है। व्यापारियों का कहना है कि तीन साल से बिगड़ती व्यवस्था के बावजूद अधिकारी और जनप्रतिनिधि समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रभावी कदम नहीं उठा रहे हैं।
बुधवार को गुरहट्टी , मंडी चौक, बर्तन बाजार, जेल रोड, जीएमडी रोड, गंज बाजार और कोर्ट रोड पर कई बार जाम लगा। शाम होते ही वाहनों का दबाव बढ़ने से स्थिति और बिगड़ गई। वाहनों की कतार के बीच राहगीरों और ग्राहकों को निकलने में परेशानी हुई। बाजारों में खरीदारी के लिए आने वाले ग्राहकों के सामने वाहन खड़ा करने की समस्या सबसे बड़ी है। व्यवस्थित पार्किंग नहीं होने के कारण लोग सड़क किनारे वाहन खड़े करने को मजबूर हैं।
उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के अनुसार, बुध बाजार में पार्किंग नहीं होने से सड़क पर ही वाहन खड़े किए जाते हैं। अमरोहा गेट पर ई-रिक्शाओं के आमने-सामने आने से अक्सर जाम की स्थिति बनती है। इसका असर मंडी चौक और चौमुखापुल तक दिखाई देता है। थोड़ी दूरी तय करने में भी लोगों को काफी समय लग जाता है।
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ई-रिक्शाओं को वन-वे करने की मांग
-युवा बर्तन व्यापार मंडल के अनुसार बाजारों में ई-रिक्शाओं का संचालन वन-वे किया जाना चाहिए। इससे आमने-सामने आने वाले ई-रिक्शाओं के कारण लगने वाले जाम को नियंत्रित किया जा सकता है। व्यापारियों ने बाजारों में व्यवस्थित पार्किंग स्थल और ई-रिक्शाओं के लिए निर्धारित स्टैंड बनाने की मांग की है। व्यापारियों का कहना है कि शासन-प्रशासन के साथ हुई कई बैठकों में पार्किंग और ई-रिक्शाओं के संचालन का मुद्दा उठाया जा चुका है। इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ।
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व्यापारी बोले...
-दिनभर जाम लगा रहता है। चौराहों पर कई बार पुलिसकर्मी नजर नहीं आते। शहर में ई-रिक्शाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। जाम के कारण ग्राहक दुकानों तक आने से बचते हैं।-राजीव बंसल, व्यापारी
-बर्तन बाजार, गंज बाजार समेत अन्य बाजारों में पार्किंग नहीं होने से ग्राहक सड़क किनारे वाहन खड़े करते हैं। ई-रिक्शाओं की भीड़ से रास्ता और संकरा हो जाता है।-राकेश अग्रवाल, व्यापारी
-बाजारों में पर्याप्त पार्किंग नहीं है, जहां वाहन खड़े किए जा सकें। सड़क पर वाहन खड़ा करना लोगों की मजबूरी है। ई-रिक्शाओं पर नियंत्रण भी जरूरी है।-कमल सपड़ा, व्यापारी
-बाजारों में सबसे ज्यादा जरूरत पार्किंग की है। बाहर से कोई व्यापारी थोक में सामान खरीदने आता है तो उसे कार खड़ी करने की जगह नहीं मिलती। इससे परेशानी बढ़ती है।-संजय गुप्ता, व्यापारी
-शासन-प्रशासन के साथ कई बैठकों में पार्किंग और ई-रिक्शाओं के संचालन का मुद्दा उठाया गया। इसके बावजूद अब तक समस्या के समाधान के लिए प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है।-मनोज अग्रवाल, व्यापारी
-अमरोहा गेट पर ई-रिक्शा आमने-सामने आ जाते हैं। थोड़ी देर में वाहनों की कतार लग जाती है। ई-रिक्शाओं की संख्या बढ़ने से समस्या लगातार गंभीर हो रही है।-अमरीश अग्रवाल, व्यापारी
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बुधवार को गुरहट्टी , मंडी चौक, बर्तन बाजार, जेल रोड, जीएमडी रोड, गंज बाजार और कोर्ट रोड पर कई बार जाम लगा। शाम होते ही वाहनों का दबाव बढ़ने से स्थिति और बिगड़ गई। वाहनों की कतार के बीच राहगीरों और ग्राहकों को निकलने में परेशानी हुई। बाजारों में खरीदारी के लिए आने वाले ग्राहकों के सामने वाहन खड़ा करने की समस्या सबसे बड़ी है। व्यवस्थित पार्किंग नहीं होने के कारण लोग सड़क किनारे वाहन खड़े करने को मजबूर हैं।
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उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के अनुसार, बुध बाजार में पार्किंग नहीं होने से सड़क पर ही वाहन खड़े किए जाते हैं। अमरोहा गेट पर ई-रिक्शाओं के आमने-सामने आने से अक्सर जाम की स्थिति बनती है। इसका असर मंडी चौक और चौमुखापुल तक दिखाई देता है। थोड़ी दूरी तय करने में भी लोगों को काफी समय लग जाता है।
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ई-रिक्शाओं को वन-वे करने की मांग
-युवा बर्तन व्यापार मंडल के अनुसार बाजारों में ई-रिक्शाओं का संचालन वन-वे किया जाना चाहिए। इससे आमने-सामने आने वाले ई-रिक्शाओं के कारण लगने वाले जाम को नियंत्रित किया जा सकता है। व्यापारियों ने बाजारों में व्यवस्थित पार्किंग स्थल और ई-रिक्शाओं के लिए निर्धारित स्टैंड बनाने की मांग की है। व्यापारियों का कहना है कि शासन-प्रशासन के साथ हुई कई बैठकों में पार्किंग और ई-रिक्शाओं के संचालन का मुद्दा उठाया जा चुका है। इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ।
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व्यापारी बोले...
-दिनभर जाम लगा रहता है। चौराहों पर कई बार पुलिसकर्मी नजर नहीं आते। शहर में ई-रिक्शाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। जाम के कारण ग्राहक दुकानों तक आने से बचते हैं।-राजीव बंसल, व्यापारी
-बर्तन बाजार, गंज बाजार समेत अन्य बाजारों में पार्किंग नहीं होने से ग्राहक सड़क किनारे वाहन खड़े करते हैं। ई-रिक्शाओं की भीड़ से रास्ता और संकरा हो जाता है।-राकेश अग्रवाल, व्यापारी
-बाजारों में पर्याप्त पार्किंग नहीं है, जहां वाहन खड़े किए जा सकें। सड़क पर वाहन खड़ा करना लोगों की मजबूरी है। ई-रिक्शाओं पर नियंत्रण भी जरूरी है।-कमल सपड़ा, व्यापारी
-बाजारों में सबसे ज्यादा जरूरत पार्किंग की है। बाहर से कोई व्यापारी थोक में सामान खरीदने आता है तो उसे कार खड़ी करने की जगह नहीं मिलती। इससे परेशानी बढ़ती है।-संजय गुप्ता, व्यापारी
-शासन-प्रशासन के साथ कई बैठकों में पार्किंग और ई-रिक्शाओं के संचालन का मुद्दा उठाया गया। इसके बावजूद अब तक समस्या के समाधान के लिए प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है।-मनोज अग्रवाल, व्यापारी
-अमरोहा गेट पर ई-रिक्शा आमने-सामने आ जाते हैं। थोड़ी देर में वाहनों की कतार लग जाती है। ई-रिक्शाओं की संख्या बढ़ने से समस्या लगातार गंभीर हो रही है।-अमरीश अग्रवाल, व्यापारी