लेखपाल भर्ती परीक्षा: मुरादाबाद में पकड़े गए चार सॉल्वर, कोई पांच तो कोई 10 हजार एडवांस लेकर दे रहा था एग्जाम
एफटीएफ की बरेली और मेरठ यूनिट की टीमें कई दिन से सॉल्वरों और अभ्यर्थियों के बीच चल रही फोन कॉल को ट्रेस कर रहीं थीं। इसके बाद से टीमों ने सॉल्वर को पकड़ने के लिए जाल बिछा दिया था। मेरठ एसटीएफ की टीम ने मुरादाबाद में एक दिन पहले ही डेरा डाल लिया था। टीम को सूचना मिली थी कि सॉल्वर मझोला के लाइन पार स्थित एसडीएम इंटर कॉलेज और सिविल लाइंस में पीएमएस स्कूल में बैठेंगे। जहां से टीम ने सॉल्वरों को गिरफ्तार कर लिया है।
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मुरादाबाद में सॉल्वर गैंग ने लेखपाल भर्ती परीक्षा में सेंध लगा दी। एसटीएफ मेरठ यूनिट की टीम ने मुरादाबाद के दो परीक्षा केंद्रों से चार सॉल्वर पकड़े हैं। सॉल्वर पैसे लेकर अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा में बैठे थे। एसटीएफ की टीम सभी से पूछताछ कर अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
जानकारी के मुताबिक, एफटीएफ की बरेली और मेरठ यूनिट की टीमें कई दिन से सॉल्वरों और अभ्यर्थियों के बीच चल रही फोन कॉल को ट्रेस कर रहीं थीं। इसके बाद से टीमों ने सॉल्वर को पकड़ने के लिए जाल बिछा दिया था। मेरठ एसटीएफ की टीम ने मुरादाबाद में एक दिन पहले ही डेरा डाल लिया था। टीम को सूचना मिली थी कि सॉल्वर मझोला के लाइन पार स्थित स्वरुपी देवी मेमोरियल इंटर कॉलेज (एसडीएम इंटर कॉलेज) और सिविल लाइंस में पीएमएस स्कूल में बैठेंगे। टीम ने परीक्षा खत्म होने से पहले ही एसडीएम इंटर कॉलेज से मोहित और पीएमएस स्कूल से नीरज, रविंद्र और नीरज नाम के अन्य युवक को पकड़ लिया।
पकड़े गए मोहित, नीरज और रविंद्र हरियाणा के सोनीपत निवासी हैं, जबकि दूसरा नीरज बागपत के बड़ौत के सरोडा का रहने वाला है। एसटीएफ टीम में शामिल रहे सदस्यों के मुताबिक, पकड़े गए मोहित ने पूछताछ में बताया कि वह बागपत के तिंवारा निवासी संदीप की जगह परीक्षा दे रहा था। तीन महीने पहले दस हजार रुपये में परीक्षा में बैठने के लिए सौदा तय हुआ था। संदीप ने एडवांस में पांच हजार रुपये दिए थे। फर्म भरते समय फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल किया गया था। इसी आधार पर फार्म में भी गलत फोटो लगाया गया था। पुलिस अधीक्षक नगर अखिलेश भदौरिया ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों से एसटीएफ की टीम पूछताछ कर रही है।