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UP: अखिलेश सरकार में विकास पर हुए खर्च की जांच शुरू, मुरादाबाद व बरेली मंडल में हुए कामों का नहीं मिला हिसाब

Sat, 13 Jul 2024 11:57 AM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद Published by: विमल शर्मा Updated Sat, 13 Jul 2024 11:57 AM IST
सार

अखिलेश सरकार के दौरान मुरादाबाद और बरेली मंडल के गांवों में करवाए गए विकास कार्यों की जांच की जा रही है। इसमें मुरादाबाद जिले के 18 गांव शामिल हैं। विधानसभा पंचायतीराज समिति के आदेश के बाद इसकी जांच शुरू कर दी गई है।

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UP: Investigation expenditure development during Akhilesh gov, accounts Moradabad and Bareilly not found
योगी आदित्यनाथ और अखिलेश यादव - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

वर्ष 2016-17 में मुरादाबाद और बरेली मंडल की 100 से अधिक ग्राम पंचायतों में विकास पर खर्च धनराशि का ब्योरा नहीं दिया गया। इसमें मुरादाबाद जिले के भी 18 गांव शामिल हैं। विधानसभा पंचायतीराज समिति के आदेश के बाद अब इसकी जांच शुरू कर दी गई है।

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वर्ष 2016-17 में जिले में 583 ग्राम पंचायतें थीं। उस दौरान ग्राम पंचायतों में सड़क, नाली, खड़ंजा आदि का निर्माण कराया गया था। ऑडिट टीम ने जब ऑडिट किया तो इनमें से करीब 18 गांवों में हुए कार्यों के खर्च का ब्योरा नहीं दिया गया।
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ऑडिट टीम ने ग्राम प्रधान व सचिव से खर्च से संबंधित बिल, बाउचर आदि मांगे तो वे उपलब्ध नहीं करा सके। यही स्थिति मंडल के अन्य जिलों के साथ-साथ बरेली मंडल के जिलों की भी निकली। मामला कई साल पुराना होने के कारण ठंडे बस्ते में चला गया था।
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पांच जुलाई 2024 को पंचायतीराज समिति के सभापति की अध्यक्षता में लखनऊ में हुई बैठक के दौरान बरेली और मुरादाबाद मंडल से संबंधित जिलों की ग्राम पंचायतों के ऑडिट रिपोर्ट की समीक्षा के दौरान ये तथ्य सामने आया।

इसके बाद पंचायतीराज समिति के सभापति ने ऐसी ग्राम पंचायतों की जांच के साथ ऑडिट में न मिलने वाली रकम की रिकवरी तत्कालीन प्रधान व सचिव से करने, गबन मिलने पर संबंधित के खिलाफ एफआईआर के आदेश दिए हैं।


डीपीआरओ वाचस्पति झा ने बताया कि जिले में 18 ग्राम पंचायतें ऐसी हैं, जिनमें 2016-17 में खर्च की गई धनराशि का ऑडिट टीम को ब्योरा नहीं मिला है। उन्होंने बताया कि पंचायतीराज समिति के सभापति के निर्देश पर सीडीओ द्वारा इसकी जांच कराई जा रही है। जांच के दौरान जो तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

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