यूपी एटीएस: आतंकी पहले भी मुरादाबाद को बना चुके हैं ठिकाना, अब अरशद वारसी के नेटवर्क में शामिल युवकों की तलाश
दिल्ली पुलिस के आईएस आतंकी अरशद वारसी की मुरादाबाद से गिरफ्तारी के बाद स्थानीय खुफिया तंत्र अलर्ट हो गया है। इसके बाद यूपी एटीएस समेत अन्य एजेंसियां अरशद वारसी के नेटवर्क की तलाश शुरू कर दी है। इससे पहले भी जिले में कई आतंकी अपना ठिकाना बना चुके हैं।
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मुरादाबाद को आतंकी लगातार अपना ठिकाना बना रहे हैं। आईएस के आतंकी अरशद वारसी की जिले से गिरफ्तारी के बाद एक बार फिर से इसकी तस्दीक हुई है। इससे पहले लश्कर-ए-ताइबा के आतंकी फरहान और हिजबुल के संदिग्ध आतंकी अहमद रजा की भी जिले से गिरफ्तारी हो चुकी है।
मुगलपुरा थाना क्षेत्र से 27 अक्तूबर 2017 को आईबी, एटीएस और पुलिस की संयुक्त टीम ने गोधरा कांड के आरोपी और लश्कर-ए-ताइबा के सदस्य फरहान को गिरफ्तार किया था। जांच में सामने आया था कि उसे छह अगस्त 2007 को दिल्ली की स्पेशल टीम ने पोटा मामले में गिरफ्तार किया था।
कोर्ट ने सात साल की सजा सुनाई थी। 2009 में दिल्ली हाईकोर्ट से वह जमानत पर छूट गया। कोर्ट ने उसका पासपोर्ट जब्त करने के साथ विदेश जाने पर रोक लगाई थी। सिद्धार्थनगर जनपद के शोहरतगढ़ निवासी फरहान मुरादाबाद आ गया था। वह मुगलपुरा क्षेत्र में किराये का मकान में रह रहा था।
यहीं रहते हुए उसने ड्राइविंग लाइसेंस और राशन कार्ड बनवा लिए थे। इन दस्तावेजों से ही उसने पासपोर्ट और वीजा बनवाकर कुवैत भी गया था। इसके अलावा मूंढापांडे के मिलक गुलड़िया निवासी अहमद रजा उर्फ शाहरुख जयपुर स्थित मदरसे में पढ़ाई करने गया था। दीनी तालीम लेने के बाद वहीं मदरसे में पढ़ाने लगा था।
इसी दौरान वह हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी फिरदौस निवासी अनंतनाग (जम्मू कश्मीर) के संपर्क में आ गया था। उसने अनंतनाग जाकर हथियार चलाने की ट्रेनिंग ली थी। तीन अगस्त 2023 को एटीएस ने उसे गिरफ्तार किया था। इसके अलावा तेलंगाना में म्यांमार का रहना वाला रोहिंग्या भी पकड़ा गया था।
पुलिस ने उसके पास से एक पासपोर्ट बरामद किया था। ये पासपोर्ट कांठ थाना क्षेत्र के गांव अकबरपुर चैंदरी के पते पर बनवाया था। आरोपी इसी पासपोर्ट की मदद से सऊदी अरब की यात्रा करके आया था। इस मामले में तेलंगाना पुलिस के दरोगा ने कांठ थाने में केस भी दर्ज कराया था।
अब तक उसके मददगार नहीं पकड़े गए हैं। इतना नहीं रोहिंग्या महिला ने मुरादाबाद में अपना ठिकाना बना लिया। म्यांमार निवासी रोहिंग्या महिला फातिमा उर्फ अमीना उर्फ मोटी, उसकी बेटी रिहाना, गुलशन और अर्शी पकड़ी गई थीं। यहां आने पहले महिला 17 साल तक मेरठ में ठिकाना बनाकर रही थी।
कुछ संदिग्ध लोगों को चिह्नित किया
दिल्ली पुलिस की कार्रवाई के बाद स्थानीय खुफिया तंत्र के अलावा यूपी एटीएस भी अलर्ट हो गई है। इनपुट मिलने के बाद टीमों ने अरशद वारसी का मुरादाबाद में नेटवर्क की तलाश शुरू कर दी है। आतंकी यहां किसके संपर्क में था। उसके साथ कौन कौन लोग थे।
इसकी जांच पड़ताल शुरू कर दी गई है। टीमों ने कुछ संदिग्ध लोगों को चिह्नित किया है। जिसके बारे में टीमें जानकारी जुटा रही है। इसके अलावा के मोबाइल की कॉल डिटेल के अलावा सोशल मीडिया एकाउंट भी खंगाले जा रहे हैं।