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उत्तराखंड जाने के लिए खत्म हुई कोविड रिपोर्ट की अनिवार्यता
Thu, 24 Sep 2020 02:45 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
Published by: मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 24 Sep 2020 02:45 AM IST
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उत्तराखंड सरकार ने प्रदेश में प्रवेश करने के लिए कोविड-19 की निगेटिव जांच रिपोर्ट और दो दिन ठहरने की बाध्यता खत्म कर दी है। बुधवार से नई व्यवस्था लागू हो गई है। इससे मुरादाबाद एवं आसपास के लोगों को बड़ी राहत मिली है। मुरादाबाद के कई निर्यातकों और नेताओं के उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र में फार्म हाउस और कॉटेज बने हैं। इनके अलावा मुरादाबाद से बड़ी संख्या में लोग पर्यटन और धार्मिक स्थलों के लिए जाते हैं।
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उत्तराखंड में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ने के बाद सरकार ने बार्डर सील कर कोविड जांच रिपोर्ट की अनिवार्यता कर दी थी। साथ ही उत्तराखंड में दो दिन तक होटल या लॉज में क्वारंटीन रहने की बाध्यता थी। इससे उत्तराखंड जाने वालों को परेशानी झेलनी पड़ रही थी। घूमने और धार्मिक स्थलों के लिए जाने वालों ने अपने कार्यक्रम टाल दिए थे।
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जिन लोगों के मुक्तेश्वर, नैनीताल, रामनगर, भवाली और रानीखेत में फार्म हाउस और कॉटेज बने हैं वो भी नहीं जा पा रहे थे। उत्तराखंड सरकार ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बुधवार से कोविड की निगेटिव जांच रिपोर्ट और दो दिन ठहरने की बाध्यता खत्म कर दी है। लेकिन स्मार्ट सिटी देहरादून की वेबसाइट पर पंजीकरण कराने की अनिवार्यता बरकरार रखी गई है।
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कांग्रेसी नेता अनुभव मेहरोत्रा ने बताया कि भवाली में उनका कॉटेज है। कोरोनाकाल के शुरुआती दिनों में तीन महीने से अब तक नहीं जा सके। एकबार गए तो काफी परेशानी झेलनी पड़ी। इसके बाद कोविड रिपोर्ट की अनिवार्यता होने के बाद जाना नहीं हुआ। लेकिन अब स्मार्ट सिटी देहरादून की वेबसाइट पर पंजीकरण कर आसानी से जा सकेंगे।
व्यवसायी मो. गफ्फार खान का मुक्तेश्वर में कॉटेज है। कागजी औपचारिकताएं अधिक होने से वह अपने कॉटेज तक नहीं जा पा रहे थे। कोरोनाकाल में केयरटेकर के हवाले कॉटेज छोड़ा है। स्कूल बंद होने से बच्चे मुक्तेश्वर जाने की काफी जिद कर रहे थे। लेकिन अब परिवार के साथ अपने कॉटेज जा सकेंगे।
लाइनपार निवासी राहुल सैनी बताते हैं कि रामनगर गर्जिया, अल्मोड़ा जिले के जागेश्वर धाम और चंपावत जिले के पूर्णागिरी माता मंदिर के लिए मुरादाबाद से काफी श्रद्धालु जाते हैं। कोविड जांच रिपोर्ट की अनिवार्यता से श्रद्धालु परिवार के साथ नहीं जा पा रहे थे। लेकिन अब पंजीकरण की औपचारिकताएं पूरी कर आसानी से जा सकेंगे।