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कैदी के फरार होने के मामले में तीन पुलिसकर्मी निलंबित

Fri, 15 Nov 2019 03:07 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, मुरादाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, मुरादाबाद Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Fri, 15 Nov 2019 03:07 AM IST
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Three policemen suspended for prisoner escape in moradabad
सस्पेंड

मेरठ मेडिकल कालेज से पुलिस को चकमा देकर भागे कैदी के मामले में लापरवाही उजागर होने पर तीनों पुलिसकर्मियों को गुरुवार को वरिष्ठ जेल अधीक्षक ने निलंबित कर दिया है। दूसरी तरफ, फरार कैदी कमल दूसरे दिन भी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा है। उसकी तलाश में संभल, मेरठ पुलिस जुटी है। 

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वरिष्ठ जेल अधीक्षक उमेश सिंह ने बताया कि चंदौसी के मौलागढ़ में रहने वाले कमल (45) को गैर इरादतन हत्या के मामले में अदालत ने दस साल कैद की सजा सुनाई थी। 20 सितंबर 2019 को बनियाठेर पुलिस ने उसे जेल भेजा था। कमल के लीवर में परेशानी होने के कारण मंगलवार दोपहर को उसे जेल से उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। 
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वहां हालत गंभीर देख डॉक्टर ने उसे मेरठ स्थित मेडिकल कालेज रेफर कर दिया था। मुरादाबाद जेल से तीन सिपाही रतन सिंह, किशन कुमार और सुरेंद्र मथुरिया मुल्जिम कमल को लेकर मेडिकल कालेज गए थे। तीनों पर कमल की निगरानी की जिम्मेदारी थी लेकिन वह उसे मेडिकल कालेज में छोड़कर बाहर चले गए थे, मौका मिलने पर कमल मेडिकल कालेज से भाग गया। 
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डॉक्टर ने जब उसे अपने बेड से नदारद देखा तो पुलिसकर्मियों को सूचना दी, जिसके बाद उनको कमल के भागने का पता चला। वरिष्ठ  जेल अधीक्षक ने बताया कि मामले की जानकारी मिलने के बाद गुरुवार को तीनों पुलिसकर्मियों रतन सिंह, किशन कुमार और सुरेंद्र मथुरिया को उनके द्वारा निलंबित कर दिया गया है। मामला मेरठ का होने के कारण इस मामले की विस्तृत जांच मेरठ पुलिस कर रही है। 

तीनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच भी की जा जा रही है। उधर, तीनों पुलिसकर्मियों ने अधिकारियों को पूछताछ के दौरान बताया कि कमल आईसीयू में भर्ती था, उसकी तबीयत खराब थी। उनको लगा कि वह अस्पताल से भाग नहीं पाएगा, इस वजह से गच्चा खा गए। 


कहीं जेल में ही तो नहीं बनी थी योजना
कमल 15 दिन पहले भी इलाज के लिए मेरठ मेडिकल कालेज गया था। वहां उपचार के बाद उसकी हालत में सुधार आया तो वापस जिला जेल आ गया था, लेकिन दोबारा तबीयत बिगड़ने पर उसे मंगलवार को मेरठ मेडिकल कालेज ले जाया गया था। पुलिस इस बिंदू पर भी जांच कर रही है कि कहीं जेल में ही रहकर तो उसने मेडिकल कालेज से फरार होने की योजना नहीं बना ली थी, पुलिस की उससे मिलीभगत तो नहीं हैं।

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