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Moradabad News: हेड कांस्टेबल को धमकाने पीएसी तक पहुंच गया था विधायक के करीब थाना प्रभारी

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 01 Apr 2026 02:03 AM IST
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The station in-charge, close to the MLA, had reached the PAC to threaten the head constable.
मुरादाबाद।जब मैनाठेर बवाल से जुड़े मुकदमों में एफआर लगाने की प्रक्रिया शुरू की गई तो एक वादी ने बयान दर्ज कराने से इन्कार कर दिया था। बताया जा रहा है एक विधायक के करीबी थाना प्रभारी वादी को धमकाने पीएसी तक पहुंच गया था। इस मामले की शिकायत पुलिस अफसरों तक पहुंची थी लेकिन शासन से मिले निर्देश पर वादी की शिकायत को दरकिनार कर मुकदमे में एफआर लगा दी थी।
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छह जुलाई 2011 को मैनाठेर के असालतनगर बघा में आरोपी की गिरफ्तारी के दौरान पुलिस पर धार्मिक पुस्तक का अपमान करने का आरोप लगाते हुए लोगों ने हंगामा कर दिया था। इसके बाद संभल मुरादाबाद मार्ग पर तीन जगह जाम लगाकर लोगों ने प्रदर्शन किया। मैनाठेर थाने और डींगरपुर पुलिस चौकी में भी लगा दी थी। सूचना पर मौके पर जा रहे डीआईजी को भीड़ ने घेरकर हमला कर दिया था। इस मामले में छह अलग अलग प्राथमिकी दर्ज कराई गईं थी। एक प्राथमिकी 23वीं पीएसी के हेड कांस्टेबल अनिल कुमार की ओर से दर्ज कराई थी। जिसमें 15 नामजद आरोपी थे। उस वक्त पीएसी का वाहन मुरादाबाद से संभल जा रहा था। भीड़ ने इस वाहन में आग लगा दी थी। बाद में गवाहों को बयान बदलने के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया था लेकिन पीएसी के हेड कांस्टेबल अनिलकुमार ने बयान बदलने से इन्कार कर दिया था। बावजूद इसके थाना प्रभारी पीएसी वाहिनी में ही पहुंच गए थे और उन्होंने वादी को धमकाया था। वादी ने इस मामले की शिकायत पुलिस अफसरों से की थी लेकिन अफसरों ने कोई ध्यान नहीं दिया था। बताया जा रहा है कि अफसरों पर पहले से ही निर्देश था कि हर हालत में इन केसों को खत्म करना है। बावजूद इसके पुलिस की ओर से कोर्ट में 11 जुलाई 2012 को कोर्ट में फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी। जिसमें दावा किया गया है कि विवेचना में नामजद आरोपियों की नामजद गलत पाई है। एक विधायक के करीबी इस थाना प्रभारी को दूसरे थाने की कमान सौंपी गई तो वहां एक हत्या के मामले में फंस गया था। इसके बाद विधायक भी उसे नहीं बचा पाए।
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