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Moradabad News: मुसाफिर खाना टैक्स वसूली को नहीं पहुंची नगर निगम की टीम
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मुरादाबाद। टैक्स वसूली के लिए नगर निगम की टीम बुधवार मुसाफिरखाना नहीं पहुंची, लेकिन नगर निगम की टीम द्वारा मंगलवार को दी गई चेतावनी के चलते मुसाफिरखाना कमेटी, उसके दुकानदारों व ठहरे मुसाफिरों में दहशत का माहौल रहा। मुसाफिर खाना कमेटी के लोगों ने निगम द्वारा बताए जा रहे टैक्स को काफी अधिक लगाया गया बताया है। वहीं नगर निगम प्रशासन ने कमेटी द्वारा रविवार तक 31 लाख का टैक्स जमा न करने पर सोमवार को मुसाफिर खाना सील करने की चेतावनी दी है।
रेलवे स्टेशन के सामने स्थित 52 कमरों व 13 दुकानों वाले इस मुसाफिरखाना के भवन को मंगलवार नगर निगम की टीम सील करने पहुंची थी। मुख्य कर निर्धारण अधिकारी आरती सिंह की अगुवाई में पहुंची इस टीम ने मुसाफिरखाना कमेटी के लोगों को 31 लाख रुपये का टैक्स बकाया होने का नोटिस थमाया था। टैक्स जमा न करने पर टीम सीलिंग की कार्रवाई भी करने जा रही थी, लेकिन वहां किरायेदार होटल स्वामियोें ने खाना खराब हो जाने व प्रबंध कमेटी के लोगों ने मुसाफिर खाने में कुछ लोगोें के ठहरे होने की बात कही थी। जिसके बाद अधिकारी टैक्स जमा करने के लिए एक दिन की मोहलत देकर बुधवार को पुन: मौके पर पहुंच भवन सील करने की चेतावनी दे गए थे। होटल स्वामियों को भी बुधवार खाना न बनाने की हिदायत दी थी। इस चेतावनी के चलते बुधवार सुबह से लेकर शाम तक मुसाफिरखाना के दुकानदारों, उसमें ठहरे लोगों व कमेटी के लोगों में अफरा-तफरी का माहौल रहा। देर शाम तक जब टीम नहीं पहुंची तब लोगों राहत की सांस ली।
कमेटी की ओर से कोरोना का प्रकोप शुरू होने से पहले तक मुसाफिर खाना का टैक्स जमा किया जाता रहा है। नगर निगम फिजूल में बढ़ा कर 31 लाख रुपये का टैक्स बकाया बता रहा है। जबकि वास्तव में चार-पांच लाख रुपये का टैक्स बकाया होगा। इतना टैक्स जमा करने को कमेटी तैयार भी है।
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शकीलउर्रहमान शम्शी, मैनेजर, मुसाफिर खाना
मुसाफिर खाना पर पिछले कई सालों का टैक्स बकाया है। जो बढ़कर 31 लाख रुपये हो गया है। टैक्स जमा करने के लिए बुधवार का समय दिया गया था। लेकिन टैक्स जमा नहीं किया गया। अब कमेटी को रविवार तक की मोहलत दी गई है। टैक्स जमा नहीं होता है तो अब सोमवार को नगर निगम की टीम मौके पर पहुंच भवन को सील कर देगी।
अनिल कुमार सिंह, अपर नगर आयुक्त
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रेलवे स्टेशन के सामने स्थित 52 कमरों व 13 दुकानों वाले इस मुसाफिरखाना के भवन को मंगलवार नगर निगम की टीम सील करने पहुंची थी। मुख्य कर निर्धारण अधिकारी आरती सिंह की अगुवाई में पहुंची इस टीम ने मुसाफिरखाना कमेटी के लोगों को 31 लाख रुपये का टैक्स बकाया होने का नोटिस थमाया था। टैक्स जमा न करने पर टीम सीलिंग की कार्रवाई भी करने जा रही थी, लेकिन वहां किरायेदार होटल स्वामियोें ने खाना खराब हो जाने व प्रबंध कमेटी के लोगों ने मुसाफिर खाने में कुछ लोगोें के ठहरे होने की बात कही थी। जिसके बाद अधिकारी टैक्स जमा करने के लिए एक दिन की मोहलत देकर बुधवार को पुन: मौके पर पहुंच भवन सील करने की चेतावनी दे गए थे। होटल स्वामियों को भी बुधवार खाना न बनाने की हिदायत दी थी। इस चेतावनी के चलते बुधवार सुबह से लेकर शाम तक मुसाफिरखाना के दुकानदारों, उसमें ठहरे लोगों व कमेटी के लोगों में अफरा-तफरी का माहौल रहा। देर शाम तक जब टीम नहीं पहुंची तब लोगों राहत की सांस ली।
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कमेटी की ओर से कोरोना का प्रकोप शुरू होने से पहले तक मुसाफिर खाना का टैक्स जमा किया जाता रहा है। नगर निगम फिजूल में बढ़ा कर 31 लाख रुपये का टैक्स बकाया बता रहा है। जबकि वास्तव में चार-पांच लाख रुपये का टैक्स बकाया होगा। इतना टैक्स जमा करने को कमेटी तैयार भी है।
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शकीलउर्रहमान शम्शी, मैनेजर, मुसाफिर खाना
मुसाफिर खाना पर पिछले कई सालों का टैक्स बकाया है। जो बढ़कर 31 लाख रुपये हो गया है। टैक्स जमा करने के लिए बुधवार का समय दिया गया था। लेकिन टैक्स जमा नहीं किया गया। अब कमेटी को रविवार तक की मोहलत दी गई है। टैक्स जमा नहीं होता है तो अब सोमवार को नगर निगम की टीम मौके पर पहुंच भवन को सील कर देगी।
अनिल कुमार सिंह, अपर नगर आयुक्त
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