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कोटेदार ने पीडीएस रिपोर्ट पर पहले ही बांट दिया राशन
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बिलारी तहसील के गेट पर आपूर्ति विभाग की टीम के खिलाफ प्रदर्शन करतीं महिला कार्डधारक
- फोटो : BILARI
तहसील क्षेत्र के तेवर खास गांव में शुक्रवार दोपहर बाद राशन की दुकान पर जांच करने पहुंची आपूर्ति विभाग की टीम को स्टॉक में खाद्य सामग्री मौजूद मिली, लेकिन कोटेदार ने पीडीएस रिपोर्ट में निर्धारित तिथि से एक दिन पहले ही राशन वितरण करना दर्शा दिया। कोटेदार से पूछताछ की गई तो कार्डधारक महिलाओं ने आपूर्ति विभाग की टीम के खिलाफ विरोध प्रदर्शन और हंगामा कर दिया। टीम ने कोटेदार के परिजनों पर अभद्रता करने का आरोप लगाया है। आरोपी कोटेदार के खिलाफ कार्रवाई कराने के लिए जिला अधिकारी को रिपोर्ट भेज दी है।
आपूर्ति कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार शुक्रवार दोपहर बाद बिलारी के आपूर्ति निरीक्षक जयवीर सिंह और आपूर्ति लिपिक अमित गर्ग क्षेत्र के तेवर खास गांव के राशन कोटेदार रिजवान की दुकान पर यह जांच करने गए थे, वितरण की अंतिम तिथि 31 मार्च तक कोटेदार द्वारा राशन कार्ड धारकों में नियमानुसार राशन का वितरण किया गया है या नहीं। आपूर्ति निरीक्षक ने बताया कि जब वह दुकान पर पहुंचे तब दुकान बंद थी और राशन कोटेदार बाहर बैठा हुआ था। कोटेदार से जानकारी लेने और उसके दुकान संबंधी अभिलेख चेक करने पर पता चला कि पीडीएस रिपोर्ट के अनुसार कोटेदार ने 497 राशन कार्ड धारकों को ई-पास मशीन के जरिये समस्त खाद्य सामग्री वितरण होना दर्शा दिया, जबकि वास्तव में कोटेदार द्वारा एक भी कार्ड धारक को गेहूं, चावल, नमक, चना आदि कोई खाद्य सामग्री नहीं दी गई।
आपूर्ति निरीक्षक ने बताया कि राशन कोटेदार की दुकान खुलवाने के बाद जब स्टॉक चेक किया गया तो उसमें गेहूं के 226 कट्टे, चावल के 151 कट्टे, रिफाइंड के 755 पैकेट, चने के 725 पैकेट और नमक के 275 पैकेट रखे मिले। आपूर्ति टीम को जांच में स्पष्ट हो गया कि स्टॉक में दुकान में समस्त खाद्य सामग्री मौजूद होने के बावजूद एक दिन पहले ही कोटेदार ने पीडीएस रिपोर्ट में समस्त खाद्य सामग्री वितरण होना दिखा दिया। आपूर्ति निरीक्षक का आरोप है कि जब कोटेदार को लगा कि उसके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है तब कोटेदार के परिजनों ने जांच प्रक्रिया को बाधित किया और बदसलूकी करनी शुरू कर दी। मौके पर कुछ कार्ड धारकों ने जब यह बयान देने शुरू कर दिए कि उन्हें खाद्यान्न नहीं मिला है तब कोटेदार के परिजन हंगामा करने लगे। महिलाओं ने विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरानकुसुम, अकबरी, प्रेमवती, प्रवेश देवी, केलावती, संतोष, नीता, फरीदन, फरजाना, सावित्री, नूरजहां, भगवानदेई आदि मुख्य थीं।
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वहीं आपूर्ति निरीक्षक के अनुसार जांच टीम बीच में ही जांच छोड़कर तहसील कार्यालय वापस आ गई। आपूर्ति निरीक्षक के अनुसार पूरी स्थिति से डीएम, एसडीएम और डीएसओ को अवगत करा दिया गया है तथा आरोपी कोटेदार के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई किए जाने के लिए जिलाधिकारी को संस्तुति कर दी गई है।
एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
ग्राम प्रधान के पति रनपाल सिंह और पूर्व प्रधान मुशैयद अली खां एसडीएम आवास पर पहुंचे और राशन कोटेदार के पक्ष में एसडीएम को ज्ञापन दिया। ज्ञापन में ग्रामीणों ने कहा कि उन्हें अपने गांव के कोटेदार से कोई समस्या नहीं है। एसडीएम घनश्याम वर्मा ने इस मामले में आपूर्ति निरीक्षक से जांच रिपोर्ट मांगी है।
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आपूर्ति कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार शुक्रवार दोपहर बाद बिलारी के आपूर्ति निरीक्षक जयवीर सिंह और आपूर्ति लिपिक अमित गर्ग क्षेत्र के तेवर खास गांव के राशन कोटेदार रिजवान की दुकान पर यह जांच करने गए थे, वितरण की अंतिम तिथि 31 मार्च तक कोटेदार द्वारा राशन कार्ड धारकों में नियमानुसार राशन का वितरण किया गया है या नहीं। आपूर्ति निरीक्षक ने बताया कि जब वह दुकान पर पहुंचे तब दुकान बंद थी और राशन कोटेदार बाहर बैठा हुआ था। कोटेदार से जानकारी लेने और उसके दुकान संबंधी अभिलेख चेक करने पर पता चला कि पीडीएस रिपोर्ट के अनुसार कोटेदार ने 497 राशन कार्ड धारकों को ई-पास मशीन के जरिये समस्त खाद्य सामग्री वितरण होना दर्शा दिया, जबकि वास्तव में कोटेदार द्वारा एक भी कार्ड धारक को गेहूं, चावल, नमक, चना आदि कोई खाद्य सामग्री नहीं दी गई।
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आपूर्ति निरीक्षक ने बताया कि राशन कोटेदार की दुकान खुलवाने के बाद जब स्टॉक चेक किया गया तो उसमें गेहूं के 226 कट्टे, चावल के 151 कट्टे, रिफाइंड के 755 पैकेट, चने के 725 पैकेट और नमक के 275 पैकेट रखे मिले। आपूर्ति टीम को जांच में स्पष्ट हो गया कि स्टॉक में दुकान में समस्त खाद्य सामग्री मौजूद होने के बावजूद एक दिन पहले ही कोटेदार ने पीडीएस रिपोर्ट में समस्त खाद्य सामग्री वितरण होना दिखा दिया। आपूर्ति निरीक्षक का आरोप है कि जब कोटेदार को लगा कि उसके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है तब कोटेदार के परिजनों ने जांच प्रक्रिया को बाधित किया और बदसलूकी करनी शुरू कर दी। मौके पर कुछ कार्ड धारकों ने जब यह बयान देने शुरू कर दिए कि उन्हें खाद्यान्न नहीं मिला है तब कोटेदार के परिजन हंगामा करने लगे। महिलाओं ने विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरानकुसुम, अकबरी, प्रेमवती, प्रवेश देवी, केलावती, संतोष, नीता, फरीदन, फरजाना, सावित्री, नूरजहां, भगवानदेई आदि मुख्य थीं।
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वहीं आपूर्ति निरीक्षक के अनुसार जांच टीम बीच में ही जांच छोड़कर तहसील कार्यालय वापस आ गई। आपूर्ति निरीक्षक के अनुसार पूरी स्थिति से डीएम, एसडीएम और डीएसओ को अवगत करा दिया गया है तथा आरोपी कोटेदार के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई किए जाने के लिए जिलाधिकारी को संस्तुति कर दी गई है।
एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
ग्राम प्रधान के पति रनपाल सिंह और पूर्व प्रधान मुशैयद अली खां एसडीएम आवास पर पहुंचे और राशन कोटेदार के पक्ष में एसडीएम को ज्ञापन दिया। ज्ञापन में ग्रामीणों ने कहा कि उन्हें अपने गांव के कोटेदार से कोई समस्या नहीं है। एसडीएम घनश्याम वर्मा ने इस मामले में आपूर्ति निरीक्षक से जांच रिपोर्ट मांगी है।