फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Moradabad News ›   teacher family protest in fron of chief minister office

मुख्यमंत्री आवास पर धरना देगा शिक्षक अशोक चौधरी का परिवार

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 22 Dec 2020 02:59 AM IST
विज्ञापन
teacher family protest in fron of chief minister office
मुरादाबाद। पाकबड़ा के चर्चित शिक्षक हत्याकांड में पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है। पांच माह बाद भी पुलिस वहीं खड़ी नजर आ रही है, जहां पहले दिन थी। अफसरों की ओर से भी परिवार को केवल आश्वासन ही मिल रहा है। घटना का खुलासा न होने से दुखी परिवार ने अब मुख्यमंत्री आवास पर धरना देने का निर्णय लिया है। उन्होंने इसकी जानकारी पुलिस अफसरों को भी दी है।
विज्ञापन

पाकबड़ा के गुरैठा गांव निवासी शिक्षक अशोक चौधरी पर तीन अगस्त की रात कैलसा रोड पर हमला किया गया था। घटना के समय वह दिल्ली रोड स्थित ढाबे से अपने घर लौट रहे थे। चार अगस्त की सुबह ईंट भट्ठे की कोठरी में वह घायल अवस्था में पड़े मिले थे। उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां इलाज के दौरान अशोक चौधरी की मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से हत्या की पुष्टि हुई थी। परिजनों की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर पुलिस ने अज्ञात में केस दर्ज किया था। अशोक चौधरी की पत्नी प्रीति ने पुलिस अफसरों और मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री को प्रार्थना पत्र भेजा है। जिसमें महिला ने बताया कि पुलिस ने शुरुआत के आठ-दस दिन तो तफ्तीश ठीक की, कुछ लोगों के नाम सामने भी आने लगे थे, लेकिन इसके बाद पुलिस ने अपनी तफ्तीश बंद कर दी। पुलिस के इस रवैये को देखकर नामजद तहरीर दी गई, लेकिन पुलिस ने उस तहरीर को भी केस में अभी तक शामिल नहीं किया है। महिला ने अपने प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया है कि पुलिस भाजपा के एक नेता के दबाव में इस हत्याकांड का खुलासा नहीं कर रही है। महिला का कहना है कि वह अपने परिवार के साथ अब मुख्यमंत्री आवास पर धरने पर बैठेगी। एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने बताया कि हत्याकांड की जांच जारी है। पुलिस टीमें लगीं हैं। हर एंगल पर तफ्तीश की जा रही है।
विज्ञापन

मेरे पति ने वेतन तक कर दिया दान, मैं इंसाफ के लिए भटक रही हूं
मुरादाबाद। महिला प्रीति ने अपने प्रार्थना पत्र में लिखा है कि लॉकडाउन में मेरे पति ने दूसरों की मदद की। जरूरतमंदों के घर तक राशन पहुंचाया, इतना ही नहीं जब सरकारी कर्मचारियों ने कोविड-19 पीड़ितों की मदद के लिए एक दिन का वेतन प्रधानमंत्री राहत कोष में दान किया था, तब मेरे पति ने पूरे माह का वेतन दान किया था। उन्होंने मोदी-योगी रसोई चलवाकर घर-घर खाना भिजवाया था। आज मेरे पति के अच्छे कार्यों को कोई नहीं देख रहा। एक नेता के दबाव में पूरा सिस्टम आ गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed