यूपी में टैक्स चोरी: केरल नेटवर्क की 10 बोगस फर्मों का पंजीयन निरस्त, माल मंगाने वालों से होगी पूरी वसूली
केरल के एक कारोबारी ने बोगस फर्मों से करोड़ों की जीएसटी चोरी करते हुए दिल्ली के नेटवर्क के माध्यम से यूपी की 20 फर्मों को आईटीसी ट्रांसफर किया। जांच में इन फर्मों में से 10 का पंजीकरण निरस्त कर दिया गया। अधिकारियों के मुताबिक केरल नेटवर्क की किसी फर्म ने जीएसटी कैश या ऑनलाइन जमा नहीं किया है।
विस्तार
यूपी के मास्टर माइंड अंकित कुमार की तरह केरल के एक कारोबारी ने बोगस फर्मों के माध्यम से करोड़ों की जीएसटी चोरी की है। उसने दिल्ली के कारोबारी को माल भेजकर आईटीसी ट्रांसफर किया। दिल्ली के कारोबारी ने मुरादाबाद और संभल सहित 20 फर्मों को आईटीसी ट्रांसफर किया।
इनमें 10 फर्में निरस्त कर दी गई हैं। उच्चाधिकारियों से मिले इनपुट के आधार पर अपर आयुक्त ग्रेड-1 अशोक कुमार ने एक टीम गठित कर केरल को नेटवर्क को खंगालने के निर्देश दिए। टीम ने जांच कर बताया कि केरल के कारोबारी ने 2024 में अपनी फर्म का पंजीयन कराया था।
इसके बाद उसने दिल्ली के कारोबारी को आयरन और स्टील का माल भेजकर 154 करोड़ का टर्नओवर दिखाया। इसी प्रकार दिल्ली के कारोबारी ने जनवरी में अपनी फर्म का पंजीयन कराने के बाद मार्च तक काम किया। इस दौरान उसने आयरन, स्टील का माल मेरठ, मुरादाबाद और संभल में भेजकर 149 करोड़ का टर्नओवर दिखाते हुए आईटीसी पासआन किया।
दिल्ली के कारोबारी ने यूपी की 20 फर्मों को आईटीसी ट्रांसफर किया। इन फर्मों में मुरादाबाद की तीन, संभल और मेरठ की फर्में शामिल हैं। अपर आयुक्त ग्रेड-1 ने बताया कि इनमें दस फर्मों का पंजीयन निरस्त कराया गया है। केरल नेटवर्क के किसी कारोबारी ने जीएसटी कैश या ऑनलाइन जमा नहीं किया।
फर्मों की जांच से कई कारोबारी परेशान
मुरादाबाद जिले में 13 बोगस फर्मों की जांच से कई अन्य कारोबारी परेशान हैं। एक कर अधिवक्ता ने आशंका जताई कि जिले में कई लोग बोगस फर्मों के साथ काम कर चुके हैं। ऐसे हालात में कुछ लोगों को फंसने का डर सता रहा है। राज्य कर विभाग ने ठाकुरद्वारा में जिले के दस कारोबारियों की फर्मों के नाम पर केस दर्ज कराया है।
इनपुट के आधार पर तीन अन्य फर्मों की जांच राज्य कर विभाग कर रहे हैं। इस स्थिति में शहर के कुछ कारोबारियों के लपेटे में आने की संभावना जताई जा रही है। अभी राज्य कर के अधिकारी इस बारे में कुछ बोलने के लिए तैयार नहीं हैं।
माल मंगाने वालों से होगी वसूली
जांच में आया है कि दिल्ली के कारोबारी ने इस प्रक्रिया से करीब 26 करोड़ की टैक्स चोरी की है। राज्य कर अधिकारी इन बोगस फर्मों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। माल मंगाने वालों से वसूली की जाएगी। यह मामला मास्टर माइंड अंकित कुमार से अलग है।