{"_id":"6144ebdc8ebc3ef2c071575c","slug":"survey-started-for-getting-brass-color-on-buildings-city-news-mbd403049920","type":"story","status":"publish","title_hn":"इमारतों पर पीतल कलर कराने को शहर में सर्वे शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इमारतों पर पीतल कलर कराने को शहर में सर्वे शुरू
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुरादाबाद। शहर के मुख्य मार्गों के भवन, दुकानों को पीतल के रंग में रंगने के लिए एमडीए ने बुद्ध बाजार से सर्वे शुरू करा दिया है। सर्वे में बाजार में बनीं दुकान, मकानों के क्षेत्रफल आदि कई बिंदुओं पर जानकारी जुटाई जा रही है। पूरा मसौदा तैयार होने के बाद एमडीए और नगर निगम, व्यापार संगठनों के साथ बैठक कर यहां के लोगों को अपने मकान, दुकानों पर पीतल कलर कराने को प्रेरित करेगा।
दरअसल शासन की मंशा है कि इमारतों से ही शहर की सांस्कृतिक विरासत नजर आए। लोग शहर में प्रवेश करते ही मुख्य मार्गों पर पड़ने वाले भवनों को देखकर ये अनुमान लगा लें कि ये शहर किस चीज के लिए मशहूर है। मुरादाबाद शहर अपने पीतल कारोबार के लिए विदेेश तक मशहूर है। लिहाजा, एमडीए ने शहर के मुख्य मार्गों के भवनों पर पीतल कलर कराने की योजना तैयार की थी। इसमें शहर के बुद्ध बाजार, ईदगाह रोड और प्रिंस रोड को चुना गया है।
एमडीए ने इस योजना पर काम की शुरुआत करते हुए शहर में सर्वे शुरू करा दिया है। बुद्ध बाजार में एमडीए की टीम ने बाजार के मेन रोड पर पड़ रही दुकान, मकान का सर्वे कर कई बिदुंओं पर जानकारी जुटाई है। इसी तरह ईदगाह और प्रिंस रोड पर भी सर्वे कार्य होगा। एमडीए सचिव सर्वेश गुप्ता के अनुसार सर्वे में आंकड़े जुटाकर एक मसौदा तैयार किया जाएगा। इसके बाद इस मसौदे पर क्षेत्र के व्यापार मंडल, गणमान्य लोगों और जनप्रतिनिधियों की बैठक बुलाई जाएगी। उसमें लोगों को अपने मकान, दुकानों पर पीतल कलर कराने को प्ररित किया जाएगा। इसके अलावा सभी मकान, दुकान एक सीध में लाने को उनके आगे हुए हुए अतिक्रमण को भी व्यापार संगठनों की मदद से हटवाया जाएगा। इस कार्य में नगर निगम के अलावा प्रशासनिक अधिकारियों का भी सहयोग रहेगा।
विज्ञापन
इन बिंदुओं पर जुटा रहे जानकारी
-भवन का क्षेत्रफल कितना है।
-कितना मंजिला बना हुआ है।
-दुकान है तो उसमें क्या काम होता है।
-मकान, दुकान किराए पर है या मालिक खुद रहते हैं।
-मकान के आगे कितने क्षेत्र में अतिक्रमण हो रहा है।
-सरकारी संपत्ति कितनी है, क्या-क्या है।
==
दिक्कतों को भी जनसहयोग से ही दूर करेंगे
मुख्य मार्गों के भवनों पर पीतल रंग कराने की मंशा तो अच्छी है लेकिन इसमें कई व्यवहारिक अड़चने भी संभव हैं। मसलन बहुत से लोगों ने अपने परिवार की पसंद का कलर कराया हुआ है, ऐसे में इन लोगों को रंग बदलवाने के लिए तैयार करना बड़ी चुनौती होगी। ऐसे भी लोग हो सकते हैं जो मकान, दुुकान पर कलर कराने का खर्चा उठाने लायक स्थिति में नहीं हों। इमारतों को एक सीध में कराने के लिए दुकानों के बाहर हुआ अतिक्रमण हटाना भी बड़ी चुनौती होगा ।
इस बारे में एमडीए सचिव सर्वेश गुप्ता से बात की गई तो उन्होंने बताया कि ये पूरी योजना जनसहयोग पर है। मुख्य मार्ग पर नए भवनों के निर्माण पर तो नक्शा पास करते वक्त ही पीतल रंग कराने को कह दिया जाएगा, पुराने भवनों पर कलर कराने और अस्थायी अतिक्रमण हटाने को व्यापार संगठनों व सामाजिक संगठनों से मदद ली जाएगी। प्रशासनिक और नगर निगम अधिकारी भी साथ रहेंगे। आर्थिक वजहों से जो लोग वास्तव में कलर कराने की स्थति में नहीं होंगे, उनके मकान पर सामाजिक संगठनों की मदद से कलर कराने की कोशिश होगी।
शासन स्तर से नियमावली बनी है, इस पर काम शुरू कराया गया है। जनसहयोग से मुख्य मार्गों पर पड़ने वाली इमारतों पर पीतल कलर कराया जाएगा। शहरवासियों, व्यापार संगठन और संस्थाओं को भी इसमें सहयोग करना चाहिए।
आंजनेय कुमार सिंह, मंडलायुक्त
विज्ञापन
दरअसल शासन की मंशा है कि इमारतों से ही शहर की सांस्कृतिक विरासत नजर आए। लोग शहर में प्रवेश करते ही मुख्य मार्गों पर पड़ने वाले भवनों को देखकर ये अनुमान लगा लें कि ये शहर किस चीज के लिए मशहूर है। मुरादाबाद शहर अपने पीतल कारोबार के लिए विदेेश तक मशहूर है। लिहाजा, एमडीए ने शहर के मुख्य मार्गों के भवनों पर पीतल कलर कराने की योजना तैयार की थी। इसमें शहर के बुद्ध बाजार, ईदगाह रोड और प्रिंस रोड को चुना गया है।
विज्ञापन
एमडीए ने इस योजना पर काम की शुरुआत करते हुए शहर में सर्वे शुरू करा दिया है। बुद्ध बाजार में एमडीए की टीम ने बाजार के मेन रोड पर पड़ रही दुकान, मकान का सर्वे कर कई बिदुंओं पर जानकारी जुटाई है। इसी तरह ईदगाह और प्रिंस रोड पर भी सर्वे कार्य होगा। एमडीए सचिव सर्वेश गुप्ता के अनुसार सर्वे में आंकड़े जुटाकर एक मसौदा तैयार किया जाएगा। इसके बाद इस मसौदे पर क्षेत्र के व्यापार मंडल, गणमान्य लोगों और जनप्रतिनिधियों की बैठक बुलाई जाएगी। उसमें लोगों को अपने मकान, दुकानों पर पीतल कलर कराने को प्ररित किया जाएगा। इसके अलावा सभी मकान, दुकान एक सीध में लाने को उनके आगे हुए हुए अतिक्रमण को भी व्यापार संगठनों की मदद से हटवाया जाएगा। इस कार्य में नगर निगम के अलावा प्रशासनिक अधिकारियों का भी सहयोग रहेगा।
विज्ञापन
इन बिंदुओं पर जुटा रहे जानकारी
-भवन का क्षेत्रफल कितना है।
-कितना मंजिला बना हुआ है।
-दुकान है तो उसमें क्या काम होता है।
-मकान, दुकान किराए पर है या मालिक खुद रहते हैं।
-मकान के आगे कितने क्षेत्र में अतिक्रमण हो रहा है।
-सरकारी संपत्ति कितनी है, क्या-क्या है।
==
दिक्कतों को भी जनसहयोग से ही दूर करेंगे
मुख्य मार्गों के भवनों पर पीतल रंग कराने की मंशा तो अच्छी है लेकिन इसमें कई व्यवहारिक अड़चने भी संभव हैं। मसलन बहुत से लोगों ने अपने परिवार की पसंद का कलर कराया हुआ है, ऐसे में इन लोगों को रंग बदलवाने के लिए तैयार करना बड़ी चुनौती होगी। ऐसे भी लोग हो सकते हैं जो मकान, दुुकान पर कलर कराने का खर्चा उठाने लायक स्थिति में नहीं हों। इमारतों को एक सीध में कराने के लिए दुकानों के बाहर हुआ अतिक्रमण हटाना भी बड़ी चुनौती होगा ।
इस बारे में एमडीए सचिव सर्वेश गुप्ता से बात की गई तो उन्होंने बताया कि ये पूरी योजना जनसहयोग पर है। मुख्य मार्ग पर नए भवनों के निर्माण पर तो नक्शा पास करते वक्त ही पीतल रंग कराने को कह दिया जाएगा, पुराने भवनों पर कलर कराने और अस्थायी अतिक्रमण हटाने को व्यापार संगठनों व सामाजिक संगठनों से मदद ली जाएगी। प्रशासनिक और नगर निगम अधिकारी भी साथ रहेंगे। आर्थिक वजहों से जो लोग वास्तव में कलर कराने की स्थति में नहीं होंगे, उनके मकान पर सामाजिक संगठनों की मदद से कलर कराने की कोशिश होगी।
शासन स्तर से नियमावली बनी है, इस पर काम शुरू कराया गया है। जनसहयोग से मुख्य मार्गों पर पड़ने वाली इमारतों पर पीतल कलर कराया जाएगा। शहरवासियों, व्यापार संगठन और संस्थाओं को भी इसमें सहयोग करना चाहिए।
आंजनेय कुमार सिंह, मंडलायुक्त