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Moradabad News: विद्यार्थियों को परीक्षा से रोका, हंगामा
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मुरादाबाद। केंद्रीय विद्यालय में शनिवार को कक्षा में कम उपस्थिति होने के कारण 21 विद्यार्थियों को परीक्षा देने से रोक दिया गया। इसके विरोध में विद्यार्थियों ने जमकर हंगामा किया। उप प्रधानाचार्य का कहना है कि केंद्रीय विद्यालय संगठन के क्षेत्रीय कार्यालय के अधिकारियों के निर्देश पर यह फैसला लिया गया है।
विद्यालय में बोर्ड परीक्षाओं के साथ अन्य कक्षाओं की वार्षिक परीक्षाएं भी करवाई जा रही हैं। शनिवार को कक्षा नौ के विद्यार्थियों की सामाजिक विज्ञान और कक्षा 11 के विद्यार्थियों की रसायन विज्ञान व वाणिज्य विषय की परीक्षा थी। विद्यार्थी निर्धारित समय पर परीक्षा देने पहुंचे। इसी दौरान स्कूल प्रशासन ने कक्षा नौ के 13 और कक्षा 11 के आठ विद्यार्थियों को परीक्षा देने से रोक दिया।
विद्यालय प्रशासन का कहना है कि वार्षिक परीक्षा में बैठने के लिए विद्यार्थी की कक्षा में न्यूनतम उपस्थिति 75 फीसदी होनी चाहिए। इसमें ज्यादातर विद्यार्थियों की उपस्थिति 35 से 50 फीसदी है, जबकि कुछ ही विद्यार्थियों की 50 फीसदी से ऊपर है। 50 फीसदी उपस्थिति वाले जिन विद्यार्थियों ने अपने चिकित्सकीय प्रमाणपत्र जमा करवाए हैं, वह भी प्रामाणिक नहीं थे। हमने उन प्रमाणपत्रों को अनुमोदन के लिए क्षेत्रीय कार्यालय भेजा तो वहां से स्वीकृति नहीं मिली। अधिकारियों के आदेश पर ही 21 विद्यार्थियों को परीक्षा में बैठने से रोका गया।
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विद्यालय में बोर्ड परीक्षाओं के साथ अन्य कक्षाओं की वार्षिक परीक्षाएं भी करवाई जा रही हैं। शनिवार को कक्षा नौ के विद्यार्थियों की सामाजिक विज्ञान और कक्षा 11 के विद्यार्थियों की रसायन विज्ञान व वाणिज्य विषय की परीक्षा थी। विद्यार्थी निर्धारित समय पर परीक्षा देने पहुंचे। इसी दौरान स्कूल प्रशासन ने कक्षा नौ के 13 और कक्षा 11 के आठ विद्यार्थियों को परीक्षा देने से रोक दिया।
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विद्यालय प्रशासन का कहना है कि वार्षिक परीक्षा में बैठने के लिए विद्यार्थी की कक्षा में न्यूनतम उपस्थिति 75 फीसदी होनी चाहिए। इसमें ज्यादातर विद्यार्थियों की उपस्थिति 35 से 50 फीसदी है, जबकि कुछ ही विद्यार्थियों की 50 फीसदी से ऊपर है। 50 फीसदी उपस्थिति वाले जिन विद्यार्थियों ने अपने चिकित्सकीय प्रमाणपत्र जमा करवाए हैं, वह भी प्रामाणिक नहीं थे। हमने उन प्रमाणपत्रों को अनुमोदन के लिए क्षेत्रीय कार्यालय भेजा तो वहां से स्वीकृति नहीं मिली। अधिकारियों के आदेश पर ही 21 विद्यार्थियों को परीक्षा में बैठने से रोका गया।
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