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जब जालिम ही मुंसिफ हो जाए तो इंसाफ कहां से मिलेगा ः आजम खां
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रामपुर। लोकसभा उपचुनाव में सपा के आसिम राजा के मुकाबले भाजपा के घनश्याम सिंह लोधी की 42192 वोटों से जीत के बाद सपा के कद्दावर नेता आजम खां ने कहा कि हम ही मुल्जिम बने और हमारे ही खिलाफ फैसला हुआ। जब जालिम ही मुंसिफ बन जाए तो इंसाफ कहां से मिलेगा।
अमर उजाला से खास बातचीत में उपचुनाव को लेकर आजम खां ने कहा कि एक तरफा अन्याय हुआ, एकतरफा घृणा हुई। इसमें किससे शिकायत करें अब, किससे रहम मांगें।
मतदान के दिन पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि सिर्फ एक ही वर्ग के साथ इतना अपमानजनक और इतना जालिम रवैया, महिलाओं को गंदी-गंदी गालियां देना, हाथ-पैर तोड़ देना, गला दबाना, अभद्र व्यवहार करना ऐसे में कौन निकलेगा। इससे ये तो साबित हो गया न कि रामपुर के लोग बहुत शरीफ हैं। अब उनकी शराफत को बुजदिली समझ लिया गया तो ये ही सही, अगर शरीफ बुजदिल होता है तो हम बुजदिल ही सही।
आजम खां ने कहा कि जहां सिर्फ मुस्लिम आबादी है ऐसे मोहल्ले में जो 1500 वोट का बूथ था वहां सिर्फ नौ वोट पड़े, जहां पांच सौ का पोलिंग था वहां सिर्फ एक वोट पड़ा। इसे आप क्या कहेंगे।
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चुनाव परिणाम के बाद कोर्ट या आयोग का दरवाजा खटखटाने के सवाल पर कहा कि देखिए अब कोर्ट में भी देखना पड़ेेगा कि किस हद तक हम जा सकते हैं। कहा कि पूरा देश और जो सब लोग ये देख रहे हैं उनसे बात होगी। जिनको हमारा वोट चाहिए और लेते भी हैं। उनका हमारे गम पर एक आंसू तक नहीं निकलता, उनके बारे में भी हमें कुछ सोचना चाहिए।
परिणामों को लेकर कार्यकर्ताओं को संदेश दिए जाने पर कहा कि कार्यकर्ताओं को अब थकान उतारनी है। जो जख्म मिले हैं, उनका उपचार कराना है। जिनकी हड्डियां टूटी हैं, उन्हें प्लास्तर कराना है। लोकतंत्र के पर्व में जो अपमानित किया गया है उसका जख्म भरना है। कहा कि सबसे मिलेंगे सांत्वना देंगे और दे भी रहे हैं।
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अमर उजाला से खास बातचीत में उपचुनाव को लेकर आजम खां ने कहा कि एक तरफा अन्याय हुआ, एकतरफा घृणा हुई। इसमें किससे शिकायत करें अब, किससे रहम मांगें।
मतदान के दिन पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि सिर्फ एक ही वर्ग के साथ इतना अपमानजनक और इतना जालिम रवैया, महिलाओं को गंदी-गंदी गालियां देना, हाथ-पैर तोड़ देना, गला दबाना, अभद्र व्यवहार करना ऐसे में कौन निकलेगा। इससे ये तो साबित हो गया न कि रामपुर के लोग बहुत शरीफ हैं। अब उनकी शराफत को बुजदिली समझ लिया गया तो ये ही सही, अगर शरीफ बुजदिल होता है तो हम बुजदिल ही सही।
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आजम खां ने कहा कि जहां सिर्फ मुस्लिम आबादी है ऐसे मोहल्ले में जो 1500 वोट का बूथ था वहां सिर्फ नौ वोट पड़े, जहां पांच सौ का पोलिंग था वहां सिर्फ एक वोट पड़ा। इसे आप क्या कहेंगे।
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चुनाव परिणाम के बाद कोर्ट या आयोग का दरवाजा खटखटाने के सवाल पर कहा कि देखिए अब कोर्ट में भी देखना पड़ेेगा कि किस हद तक हम जा सकते हैं। कहा कि पूरा देश और जो सब लोग ये देख रहे हैं उनसे बात होगी। जिनको हमारा वोट चाहिए और लेते भी हैं। उनका हमारे गम पर एक आंसू तक नहीं निकलता, उनके बारे में भी हमें कुछ सोचना चाहिए।
परिणामों को लेकर कार्यकर्ताओं को संदेश दिए जाने पर कहा कि कार्यकर्ताओं को अब थकान उतारनी है। जो जख्म मिले हैं, उनका उपचार कराना है। जिनकी हड्डियां टूटी हैं, उन्हें प्लास्तर कराना है। लोकतंत्र के पर्व में जो अपमानित किया गया है उसका जख्म भरना है। कहा कि सबसे मिलेंगे सांत्वना देंगे और दे भी रहे हैं।