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लोकतंत्र के महापर्व से कहीं दिखी दूरी तो कहीं निभाई जिम्मेदारी पूरी
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मुरादाबाद। लोकतंत्र के महापर्व में कहीं लोगों में दूरी दिखी तो कहीं पूरी जिम्मेदारी। पॉश कॉलोनी वाले मतदान में पीछे रहे, जबकि मोहल्ले वाले पास हो गए। चालीस फीसदी से कम वोट वाले अधिकांश बूथ पॉश इलाकों के रहे हैं। वहीं, 80 फीसदी से अधिक वोट वाले बूथ मोहल्लों के रहे हैं। पॉश इलाके के कई परिवार तीन दिन के अवकाश होने पर टूर पर निकल गए, जबकि कुछ परिवार के सदस्य चुनाव ड्यूटी में चले गए। घर में जो सदस्य बचे उन्होंने वोटिंग में दिलचस्पी नहीं दिखाई। दूसरी ओर, मोहल्लों के मतदाताओं ने उत्साह दिखाया। यही वजह है कि दस बूथों पर अस्सी फीसदी से अधिक मतदान हुआ।
नहीं दिखाई दिलचस्पी, मनाई छुट्टी
मुरादाबाद। जिला समाज कल्याण जूनियर हाईस्कूल में 349 बूथ की बीएलओ पूजा सिंह का कहना है कि पीएसी के आधे मतदाता चुनाव की ड्यूटी पर थे। इसकी वजह से उनके परिजन भी वोट डालने नहीं पहुंचे। पुष्पांजलि और मधुबनी कॉलोनी में ज्यादातर मतदाताओं के बच्चे बाहर पढ़ रहे हैं। यहां पर उच्च वर्गीय लोग रहते हैं। 14 फरवरी को मतदान की वजह से सार्वजनिक अवकाश था, जबकि 15 को अली डे और 16 को रविदास जयंती का अवकाश होने की वजह से कई परिवार तीन दिनों की छुट्टी प्लान कर बाहर चले गए। बहुत से युवाओं ने ऑनलाइन आवेदन किया था, लेकिन वोटर कार्ड नहीं बन पाए हैं।
50 फीसदी मतदाताओं का हो चुका ट्रांसफर
मुरादाबाद। ग्रीनमिडोज स्कूल के 357 बूथ के बीएलओ संघराज लोकाधिपति सहमपति का कहना है कि यहां के मतदाता पुलिस विभाग से जुड़े हैं। 50 फीसदी ऐसे मतदाता हैं, जो पहले स्थानांतरित होकर जा चुके हैं, उनका वोट अभी भी है। पीटीसी, पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज, ट्यूबवेल कॉलोनी में 25 फीसदी ऐसे वोट हैं, जो परिक्षेत्र से बाहर के वोट हैं।
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अधिकतर मतदाता चुनाव ड्यूटी में रहे
मुरादाबाद। आरएन इंटर कॉलेज में 359 बूथ की बीएलओ सोनिया यादव का कहना है कि पीटीसी और रेलवे कॉलोनी में ज्यादातर कर्मचारी वर्ग के मतदाता रहते हैं। इनमें से ज्यादातर मतदाताओं की चुनाव में ड्यूटी लगी थी। आवास विकास कॉलोनी के मतदाताओं ने मतदान किया है।
अधिक मतदान वाले बूथों से लोगों की प्रतिक्रिया
- 1994 में हमारा क्षेत्र शहर की सीमा में आया था। इसके 28 साल बाद भी सड़कें बदहाल हैं। जनप्रतिनिधि कभी क्षेत्र में नहीं आते। हम लोगों ने क्षेत्र के विकास की उम्मीद पर अपने मत का प्रयोग किया है। उम्मीद है असर होगा।
- सरफराज, मैनाठेर
महंगाई और बेरोजगारी इस समय प्रदेश की सबसे बड़ी समस्या है। हमने क्षेत्रीय समस्याओं को ध्यान रखते हुए। उम्मीद के साथ मतदान किया है। बिना रोजगार के युवाओं की प्रतिभाएं दम तोड़ रही हैं।
- शाहिद हुसैन, भीमाठेर
क्षेत्र की सड़कें बदहाल अवस्था में हैं। पिछले दस वर्षों में कोई जनप्रतिनिधि हमारे क्षेत्र में लोगों की समस्याएं सुनने के लिए नहीं आए। इसके अलावा प्रदेश में महंगाई, शिक्षा के मुद्दे को ध्यान में रखकर मतदान किया है।
- डॉ. अली शेर, मैनाठेर
प्रदेश में कानून- व्यवस्था में सुधार हुआ है। महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर काम हुआ है। कोरोना काल में जब लोगों के रोजगार बंद हो गए, उस समय लोगों को मुफ्त राशन मिला। इन सभी सुविधाओं को ध्यान में रखकर हमने वोट किया है।
- अकरम, लोदीपुर जवाहरनगर
- काजीपुरा नगर विधानसभा क्षेत्र में आता है। यहां के मतदाता जागरूक हैं। एक-एक वोट की कीमत को समझते हैं। उनके लिए हर चुनाव महत्वपूर्ण होता है। इसलिए सभी चुनावों में बढ़चढ़कर हिस्सा लेते हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में 78 प्रतिशत वोटिंग हुई थी। इस बार पिछला रिकार्ड तोड़ दिया है।
- दयानंद शर्मा, काजीपुरा
- पिछले चुनाव के मुकाबले इस बार मतदान को लेकर लोगों में ज्यादा दिलचस्पी देखने को मिली। मतदाताओं ने अपनी पूरी जिम्मेदारी निभाई। इस लगन की बदौलत इस बार पहले से ज्यादा मतदान हुआ है।
- भूपेंद्र सिंह, भाटावली
- इस बार मतदाताओं में उत्साह था। वह हर हाल में अपना वोट डालने चाहते थे। वोट के लिए मतदाताओं को घंटों तक लाइन में भी लगना पड़ा, लेकिन बिना मतदान नहीं लौटे। हमारे यहां दो बूथ थे। दोनों पर जबरदस्त मतदान हुआ। इस बार पहले के सभी रिकार्ड टूट गए।
मो. असलम, लोधीपुर
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नहीं दिखाई दिलचस्पी, मनाई छुट्टी
मुरादाबाद। जिला समाज कल्याण जूनियर हाईस्कूल में 349 बूथ की बीएलओ पूजा सिंह का कहना है कि पीएसी के आधे मतदाता चुनाव की ड्यूटी पर थे। इसकी वजह से उनके परिजन भी वोट डालने नहीं पहुंचे। पुष्पांजलि और मधुबनी कॉलोनी में ज्यादातर मतदाताओं के बच्चे बाहर पढ़ रहे हैं। यहां पर उच्च वर्गीय लोग रहते हैं। 14 फरवरी को मतदान की वजह से सार्वजनिक अवकाश था, जबकि 15 को अली डे और 16 को रविदास जयंती का अवकाश होने की वजह से कई परिवार तीन दिनों की छुट्टी प्लान कर बाहर चले गए। बहुत से युवाओं ने ऑनलाइन आवेदन किया था, लेकिन वोटर कार्ड नहीं बन पाए हैं।
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50 फीसदी मतदाताओं का हो चुका ट्रांसफर
मुरादाबाद। ग्रीनमिडोज स्कूल के 357 बूथ के बीएलओ संघराज लोकाधिपति सहमपति का कहना है कि यहां के मतदाता पुलिस विभाग से जुड़े हैं। 50 फीसदी ऐसे मतदाता हैं, जो पहले स्थानांतरित होकर जा चुके हैं, उनका वोट अभी भी है। पीटीसी, पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज, ट्यूबवेल कॉलोनी में 25 फीसदी ऐसे वोट हैं, जो परिक्षेत्र से बाहर के वोट हैं।
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अधिकतर मतदाता चुनाव ड्यूटी में रहे
मुरादाबाद। आरएन इंटर कॉलेज में 359 बूथ की बीएलओ सोनिया यादव का कहना है कि पीटीसी और रेलवे कॉलोनी में ज्यादातर कर्मचारी वर्ग के मतदाता रहते हैं। इनमें से ज्यादातर मतदाताओं की चुनाव में ड्यूटी लगी थी। आवास विकास कॉलोनी के मतदाताओं ने मतदान किया है।
अधिक मतदान वाले बूथों से लोगों की प्रतिक्रिया
- 1994 में हमारा क्षेत्र शहर की सीमा में आया था। इसके 28 साल बाद भी सड़कें बदहाल हैं। जनप्रतिनिधि कभी क्षेत्र में नहीं आते। हम लोगों ने क्षेत्र के विकास की उम्मीद पर अपने मत का प्रयोग किया है। उम्मीद है असर होगा।
- सरफराज, मैनाठेर
महंगाई और बेरोजगारी इस समय प्रदेश की सबसे बड़ी समस्या है। हमने क्षेत्रीय समस्याओं को ध्यान रखते हुए। उम्मीद के साथ मतदान किया है। बिना रोजगार के युवाओं की प्रतिभाएं दम तोड़ रही हैं।
- शाहिद हुसैन, भीमाठेर
क्षेत्र की सड़कें बदहाल अवस्था में हैं। पिछले दस वर्षों में कोई जनप्रतिनिधि हमारे क्षेत्र में लोगों की समस्याएं सुनने के लिए नहीं आए। इसके अलावा प्रदेश में महंगाई, शिक्षा के मुद्दे को ध्यान में रखकर मतदान किया है।
- डॉ. अली शेर, मैनाठेर
प्रदेश में कानून- व्यवस्था में सुधार हुआ है। महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर काम हुआ है। कोरोना काल में जब लोगों के रोजगार बंद हो गए, उस समय लोगों को मुफ्त राशन मिला। इन सभी सुविधाओं को ध्यान में रखकर हमने वोट किया है।
- अकरम, लोदीपुर जवाहरनगर
- काजीपुरा नगर विधानसभा क्षेत्र में आता है। यहां के मतदाता जागरूक हैं। एक-एक वोट की कीमत को समझते हैं। उनके लिए हर चुनाव महत्वपूर्ण होता है। इसलिए सभी चुनावों में बढ़चढ़कर हिस्सा लेते हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में 78 प्रतिशत वोटिंग हुई थी। इस बार पिछला रिकार्ड तोड़ दिया है।
- दयानंद शर्मा, काजीपुरा
- पिछले चुनाव के मुकाबले इस बार मतदान को लेकर लोगों में ज्यादा दिलचस्पी देखने को मिली। मतदाताओं ने अपनी पूरी जिम्मेदारी निभाई। इस लगन की बदौलत इस बार पहले से ज्यादा मतदान हुआ है।
- भूपेंद्र सिंह, भाटावली
- इस बार मतदाताओं में उत्साह था। वह हर हाल में अपना वोट डालने चाहते थे। वोट के लिए मतदाताओं को घंटों तक लाइन में भी लगना पड़ा, लेकिन बिना मतदान नहीं लौटे। हमारे यहां दो बूथ थे। दोनों पर जबरदस्त मतदान हुआ। इस बार पहले के सभी रिकार्ड टूट गए।
मो. असलम, लोधीपुर