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आजम खां के खिलाफ एसआईटी जांच शुरू, तलब किए रिकार्ड, जौहर शोध संस्थान एवं उर्दू गेट की भी हुई जांच

Fri, 07 Dec 2018 10:08 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली Updated Fri, 07 Dec 2018 10:08 AM IST
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SIT team investigation Start Against Azam Khan
जौहर यूनिवर्सिटी के बाहर खड़े अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
एसआईटी (विशेष जांच दल) ने पूर्व मंत्री आजम खां पर शिकंजा कस दिया है। टीम ने लालपुर पुल, जौहर विश्वविद्यालय के पास बने बिजली घर, जौहर शोध संस्थान, किसानों की जमीनों, उर्दू गेट आदि का जायजा लिया। साथ ही तमाम निर्माण कार्यों से संबंधित विभागों से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। साथ ही अधिकारियों से बात कर विस्तार से जानकारी हासिल की है।       
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 समाजवादी सरकार के समय जिले में तमाम विकास कार्य हुए थे। करोड़ों रुपये के काम मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी में भी हुए थे। ये काम विभिन्न विभागों की ओर से किए गए थे। जल निगम ने पानी की टंकियों का निर्माण किया है तो लोक निर्माण विभाग की ओर से गेस्ट हाउस बनाया गया है। 
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जौहर शोध संस्थान को सौ रुपये सालाना लीज पर देने और एकता तिराहा पुल का निर्माण भी सपा सरकार में ही हुआ था। इसके अलावा बिजलीघर का निर्माण हुआ था, जो बाद में यूनिवर्सिटी परिसर में ले लिया था। स्वार रोड पर उर्दू गेट का निर्माण कराया गया था, जो काफी नीचा है। 
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इस बाबत सरकार को तमाम शिकायतें भी मिलीं हैं, जिसमें सरकारी धन का दुरुपयोग करने से लेकर नियमों को दरकिनार कर काम करने का आरोप लगाया गया है। भाजपा लघु उद्योग प्रकोष्ठ के क्षेत्रीय संयोजक आकाश सक्सेना, अधिवक्ता मुस्तफा हुसैन, कांग्रेसी नेता फैसल खां लाला और जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष अब्दुल सलाम ने आजम खां पर अनियमितता का आरोप लगाते हुए  राज्यपाल, मुख्यमंत्री और अधिकारियों से शिकायत की थीं। 

आरोप था कि यूनिवर्सिटी में ग्राम समाज की जमीनों पर अवैध कब्जा कर निर्माण कार्य कराए गए हैं। चकरोडों पर भी कब्जे हैं। इन सभी आरोपों की जांच के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एसआईटी के गठन का आदेश दिया था।  
                
बुधवार को शाम को एसआईटी रामपुर पहुंच गई। सीओ अशोक यादव के नेतृत्व में आई इस टीम ने गुरुवार से जांच शुरु कर दी। टीम ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ लालपुर पुल, जौहर शोध संस्थान, कस्तूरबा गांधी पक्षी बिहार, उर्दू गेट, एकता तिराहा पुल आदि का जायजा लिया। इस संबंध में अधिकारियों से भी पूछताछ की। 

सभी विभागों से बिंदुवार रिपोर्ट देने को कहा, जिस पर विभागों ने रिपोर्ट तैयार करना शुरू कर दिया है। दिनभर की मशक्कत के बाद शाम को निरीक्षण भवन में अलग अलग विभाग वार अधिकारियों से बातचीत भी की। 

निर्माण कार्यों को लेकर पूरी जानकारी ली गई। लीज पर देने को लेकर सवाल जवाब किए। देर रात तक अधिकारियों से चर्चा की और विभागीय जांच के बारे में पूछा। इस दौरान सभी विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।   

एसआईटी की जांच से सकते में कई विभाग      

पूर्व मंत्री आजम खां के खिलाफ चल रही एसआईटी जांच के बाद कई विभागों के अधिकारी सकते में आ गए हैं। अधिकारियों में जांच को लेकर तरह तरह की चर्चाएं हैं। कई अधिकारियों के मन में डर है कि उनके ऊपर कोई आंच न आ जाए। लिहाजा, अधिकारियों के माथे पर पसीने की बूंदें भी साफ झलक रहीं थीं।  

लालपुर पुल और जौहर यूनिवर्सिटी का कार में बैठे हुए लिया जायजा       
योगी सरकार ने भले ही विशेष जांच दल बना दिया हो, लेकिन अफसरों में आजम खां का खौफ साफ झलक रहा था। यही वजह रही कि टीम लालपुर पुल की जांच करने तो गई, लेकिन वहां जाने के बाद अधिकारी कार से नीचे भी नहीं उतरे।

गाड़ी जैसे गई वैसे ही लौट आई। इसके अलावा जौहर विश्वविद्यालय तक भी अफसर पहुंचे। यहां गेट के बाहर से ही यूनिवर्सिटी का जायजा ले लिया। यूनिवर्सिटी के पिछले हिस्से में भी अधिकारियों ने जांच की। इसके अतिरिक्त बिजलीघर का भी कार के भीतर से ही मुआयना किया।  

एसआईटी के सामने पहुंचे आकाश, कई बिंदुओं पर दिखाए कागजात      

पूर्व मंत्री आजम खां के खिलाफ जांच के लिए एसआईटी का दल रामपुर पहुंच गया है। एसआईटी ने शिकायतकर्ताओं को भी बुलाया। भाजपा लघु उद्योग प्रकोष्ठ के क्षेत्रीय संयोजक आकाश सक्सेना ने एसआईटी के अधिकारियों से मुलाकात की।

उन्होंने एक एक बिंदु पर एसआईटी को जानकारी दी। सारे कागजात दिखाए। उन्होंने बताया कि जौहर यूनिवर्सिटी में तमाम गड़बड़ियां हुई हैं। यहां जो भी काम हुए है उनमें किस तरह से नियमों को दरकिनार किया गया है? साथ ही जौहर शोध संस्थान भी ट्रस्ट को महज सौ रुपये सलाना देने पर भी सवाल खड़े किए।

उन्होंने एकता तिराहा पुल, लालपुर पुल, उर्दू गेट के बारे में बताया। साथ ही टीम से कहा कि किसी जांच या योजना से संबंधित कोई भी कागजात लिए तो वह पेश किए जाएंगे।
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