{"_id":"5c089659bdec224179148dde","slug":"sit-reached-rampur-for-investigation-against-azam-khan","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"आजम खां के खिलाफ जांच के लिए रामपुर पहुंची एसआईटी, जौहर शोध संस्थान समेत सभी मामलों की करेगी जांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आजम खां के खिलाफ जांच के लिए रामपुर पहुंची एसआईटी, जौहर शोध संस्थान समेत सभी मामलों की करेगी जांच
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रामपुर
Updated Thu, 06 Dec 2018 08:54 AM IST
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एसआईटी की टीम जांच के लिए पहुंची
- फोटो : अमर उजाला
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पूर्व मंत्री आजम खां के खिलाफ जांच के लिए गठित की गई एसआईटी (विशेष जांच दल ) बुधवार की शाम रामपुर पहुंच गई। यहां आने के बाद टीम ने देर रात अधिकारियों के साथ बैठक की, जिसमें तमाम बिंदुओं के बारे में जानकारी हासिल की। वहीं, टीम तीन दिन तक रामपुर में रहेगी, जिसको लेकर अधिकारियों में खलबली मची हुई है।
समाजवादी सरकार में मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी में तमाम कार्य हुए थे। ये काम विभिन्न विभागों की ओर से किए गए थे। जल निगम ने पानी की टंकियों का निर्माण किया है तो लोक निर्माण विभाग की ओर से गेस्ट हाउस बनाया गया है। इसके अलावा जौहर शोध संस्थान को सौ रुपये सलाना लीज पर देने, एकता तिराहा पुल समेत कार्य हुए हैं।
इस बावत सरकार को तमाम शिकायतें भी मिलीं हैं, जिसमें सरकारी धन का दुरुपयोग करने से लेकर नियमों को दरकिनार कर काम करने का आरोप लगाया गया है।
लघु उद्योग भारती के क्षेत्रीय संयोजक आकाश सक्सेना, अधिवक्ता मुस्तफा हुसैन, कांग्रेसी नेता फैसल खां लाला और जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष अब्दुल सलाम ने आजम खां पर अनियमितता का आरोप लगाते हुए राज्यपाल, मुख्यमंत्री और अधिकारियों से शिकायत की थीं। इन सभी आरोपों की जांच के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एसआईटी के गठन का आदेश दिया था।
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समाजवादी सरकार में मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी में तमाम कार्य हुए थे। ये काम विभिन्न विभागों की ओर से किए गए थे। जल निगम ने पानी की टंकियों का निर्माण किया है तो लोक निर्माण विभाग की ओर से गेस्ट हाउस बनाया गया है। इसके अलावा जौहर शोध संस्थान को सौ रुपये सलाना लीज पर देने, एकता तिराहा पुल समेत कार्य हुए हैं।
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इस बावत सरकार को तमाम शिकायतें भी मिलीं हैं, जिसमें सरकारी धन का दुरुपयोग करने से लेकर नियमों को दरकिनार कर काम करने का आरोप लगाया गया है।
लघु उद्योग भारती के क्षेत्रीय संयोजक आकाश सक्सेना, अधिवक्ता मुस्तफा हुसैन, कांग्रेसी नेता फैसल खां लाला और जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष अब्दुल सलाम ने आजम खां पर अनियमितता का आरोप लगाते हुए राज्यपाल, मुख्यमंत्री और अधिकारियों से शिकायत की थीं। इन सभी आरोपों की जांच के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एसआईटी के गठन का आदेश दिया था।
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बुधवार को शाम को साढ़े पांच बजे एसआईटी रामपुर पहुंच गई। सीओ अशोक यादव के नेतृत्व में आई इस टीम ने देर रात तमाम अधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें अधिकारियों ने विभागीय जांचों, निर्माण से संबंधित दस्तावेजों के बारे में पूछताछ की। साथ ही रिकार्ड भी मांगा है। अब टीम ने गुरुवार को अपनी जांच को आगे बढ़ाएगी।
कानून के दायरे में हुए हैं सभी कार्य : आजम
एसआईटी के रामपुर पहुंचने पर पूर्व मंत्री आजम खां कहना है कि हमने अपने लिए कुछ नहीं किया है, जो भी कार्य कराए हैं वह समाज के लिए हैं। सभी कार्य सरकार की अनुमति से कानून में दायरे में रहकर कराए गए हैं। प्रदेश सरकार अगर समाज का अहित करना चाहती है तो इस पर मैं कुछ नहीं कह सकता हूं।
मुस्तफा ने बयान दर्ज कराने से किया इंकार
आजम खां के मामलों की शिकायत करने वाले मुख्य शिकायतकर्ता मुस्तफा हुसैन ने आरोप लगाया है कि जिले के अधिकारी पूर्व मंत्री के साथ मिले हुए हैं। इस वजह से वह अपना बयान एसआईटी को दर्ज नहीं कराएंगे। मुस्तफा का कहना है कि एसआईटी जांच दल के आने से पूर्व ही रामपुर पब्लिक स्कूल को मौलाना मोहम्मद अली जौहर शोध संस्थान के होर्डिंग लगा दिए गए हैं।
जब जिले अधिकारी ही आजम खां से मिले हुए हैं तो कोई भी व्यक्ति एसआईटी जांच दल को अपने बयान दर्ज कैसे करा सकता है। मुझे धमकी भी मिल चुकी है, जिस पर अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने कहा कि एसआईटी ने मुझे बयान दर्ज कराने के लिए लखनऊ बुलाया था, लेकिन मैं वहां नहीं गया, क्योंकि मुझे निष्पक्ष जांच की उम्मीद नहीं है।
कानून के दायरे में हुए हैं सभी कार्य : आजम
एसआईटी के रामपुर पहुंचने पर पूर्व मंत्री आजम खां कहना है कि हमने अपने लिए कुछ नहीं किया है, जो भी कार्य कराए हैं वह समाज के लिए हैं। सभी कार्य सरकार की अनुमति से कानून में दायरे में रहकर कराए गए हैं। प्रदेश सरकार अगर समाज का अहित करना चाहती है तो इस पर मैं कुछ नहीं कह सकता हूं।
मुस्तफा ने बयान दर्ज कराने से किया इंकार
आजम खां के मामलों की शिकायत करने वाले मुख्य शिकायतकर्ता मुस्तफा हुसैन ने आरोप लगाया है कि जिले के अधिकारी पूर्व मंत्री के साथ मिले हुए हैं। इस वजह से वह अपना बयान एसआईटी को दर्ज नहीं कराएंगे। मुस्तफा का कहना है कि एसआईटी जांच दल के आने से पूर्व ही रामपुर पब्लिक स्कूल को मौलाना मोहम्मद अली जौहर शोध संस्थान के होर्डिंग लगा दिए गए हैं।
जब जिले अधिकारी ही आजम खां से मिले हुए हैं तो कोई भी व्यक्ति एसआईटी जांच दल को अपने बयान दर्ज कैसे करा सकता है। मुझे धमकी भी मिल चुकी है, जिस पर अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने कहा कि एसआईटी ने मुझे बयान दर्ज कराने के लिए लखनऊ बुलाया था, लेकिन मैं वहां नहीं गया, क्योंकि मुझे निष्पक्ष जांच की उम्मीद नहीं है।
जांच से बौखला गए हैं आजम : फैसल
कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश उपाध्यक्ष फैसल खां लाला ने कहा है कि जांच का शिकंजा कसने बाद आजम खां बौखला गए हैं। उन्होंने कहा है कि पूर्व मंत्री की शिकायत राज्यपाल और मुख्यमंत्री से की गई थी। पिछली सरकार में तैनात कुछ अधिकारियों से आजम ने साठगांठ कर ली थी तथा उन विभागों ने लीपा पोती कर के मामला शासन स्तर पर भेज दिया था, जिसको शासन ने अस्वीकृत करते हुए दोबारा जांच के आदेश दिए हैं।
एसआईटी गहनता से जांच कर रही है। आजम पर शिकंजा कसता जा रहा है और साल 2019 से पहले उनका जेल जाना तय माना जा रहा है, जिसकी बौखलाहट उनके चेहरे पर साफ दिखाई दे रही है।
आकाश और सलाम ने कहा दर्ज कराएंगे बयान
भाजपा लघु उद्योग प्रकोष्ठ के क्षेत्रीय संयोजक आकाश सक्सेना और जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष अब्दुल सलाम ने कहा है कि वह एसआईटी को बयान दर्ज कराएंगे। आकाश और सलाम ने कहा कि बयान दर्ज कराने के साथ-साथ वह एसआईटी को पुख्ता प्रमाण भङी देंगे ताकि साबित हो सके कि पूर्व मंत्री ने किस स्तर पर अनियमितता की है।
एसआईटी गहनता से जांच कर रही है। आजम पर शिकंजा कसता जा रहा है और साल 2019 से पहले उनका जेल जाना तय माना जा रहा है, जिसकी बौखलाहट उनके चेहरे पर साफ दिखाई दे रही है।
आकाश और सलाम ने कहा दर्ज कराएंगे बयान
भाजपा लघु उद्योग प्रकोष्ठ के क्षेत्रीय संयोजक आकाश सक्सेना और जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष अब्दुल सलाम ने कहा है कि वह एसआईटी को बयान दर्ज कराएंगे। आकाश और सलाम ने कहा कि बयान दर्ज कराने के साथ-साथ वह एसआईटी को पुख्ता प्रमाण भङी देंगे ताकि साबित हो सके कि पूर्व मंत्री ने किस स्तर पर अनियमितता की है।