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खनन की रकम में हिस्सा मांगने पर पिटा था दरोगा
ब्यूरो/अमर उजाला मुरादाबाद
Updated Mon, 14 Dec 2015 06:30 PM IST
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भोजपुर थाने में तीन महीने पहले दरोगा और सिपाही के बीच मारपीट की वजह खनन के पैसे का बंटवारा था। विभागीय जांच में उजागर हुआ है कि मारपीट करने वाला सिपाही खनन करने वालों से उगाही करके लाया था। दरोगा ने उस रकम में हिस्सा मांगा था लेकिन सिपाही ने रकम देने से इंकार कर दिया था।
इसी को लेकर भोजपुर थाने में दोनों में मारपीट हो गई थी। सिपाही ने दरोगा को डंडों से पीटा था। जिसके बाद दोनों को निनलंबित कर दिया गया था। सीओ कांठ को मामले की जांच सौंपी गई थी। जिन्होंने जांच पूरी करके रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंप दी है।
भोजपुर थाने में सिपाही और दरोगा के बीच मारपीट की यह घटना 18 सितंबर को हुई थी। दरोगा राधेश्याम शर्मा और सिपाही बुद्ध प्रकाश के बीच कहासुनी के बाद मारपीट हो गई थी। सिपाही को तत्कालीन एसओ का कारखास बताया जाता था। उस वक्त भी मारपीट के पीछे खनन की बात बताई जा रही थी।
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लेकिन अब विभागीय जांच में भी इसकी पुष्टि हो गई है। सीओ कांठ राहुल सिंह ने उच्चाधिकारियों को भेजी जांच रिपोर्ट में कहा है कि दरोगा राधेश्याम और सिपाही बुद्ध प्रकाश के बीच मारपीट की वजह अवैध खनन था। अवैध खनन करने वालों से वसूली के रूप में आने वाली रकम के बंटवारे को लेकर ही दोनों आपस में भिड़े थे।
सीओ ने बताया कि सिपाही अवैध खनन करने वालों से रकम वसूलकर लाया था। दरोगा का कहना था कि खनन उसके एरिया में हो रहा था लिहाजा हिस्सा उसे भी मिलना चाहिए। लेकिन सिपाही ने दरोगा को हिस्सा देने से इंकार कर दिया था। इसी बात पर बात बढ़ी और सिपाही ने दरोगा को पीट दिया था। दरोगा और सिपाही में मारपीट की सूचना पर तुरंत पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए थे और दोनों को सस्पेंड कर दिया गया था।
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इसी को लेकर भोजपुर थाने में दोनों में मारपीट हो गई थी। सिपाही ने दरोगा को डंडों से पीटा था। जिसके बाद दोनों को निनलंबित कर दिया गया था। सीओ कांठ को मामले की जांच सौंपी गई थी। जिन्होंने जांच पूरी करके रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंप दी है।
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भोजपुर थाने में सिपाही और दरोगा के बीच मारपीट की यह घटना 18 सितंबर को हुई थी। दरोगा राधेश्याम शर्मा और सिपाही बुद्ध प्रकाश के बीच कहासुनी के बाद मारपीट हो गई थी। सिपाही को तत्कालीन एसओ का कारखास बताया जाता था। उस वक्त भी मारपीट के पीछे खनन की बात बताई जा रही थी।
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लेकिन अब विभागीय जांच में भी इसकी पुष्टि हो गई है। सीओ कांठ राहुल सिंह ने उच्चाधिकारियों को भेजी जांच रिपोर्ट में कहा है कि दरोगा राधेश्याम और सिपाही बुद्ध प्रकाश के बीच मारपीट की वजह अवैध खनन था। अवैध खनन करने वालों से वसूली के रूप में आने वाली रकम के बंटवारे को लेकर ही दोनों आपस में भिड़े थे।
सीओ ने बताया कि सिपाही अवैध खनन करने वालों से रकम वसूलकर लाया था। दरोगा का कहना था कि खनन उसके एरिया में हो रहा था लिहाजा हिस्सा उसे भी मिलना चाहिए। लेकिन सिपाही ने दरोगा को हिस्सा देने से इंकार कर दिया था। इसी बात पर बात बढ़ी और सिपाही ने दरोगा को पीट दिया था। दरोगा और सिपाही में मारपीट की सूचना पर तुरंत पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए थे और दोनों को सस्पेंड कर दिया गया था।