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सीटें छह और प्रत्याशी दस.. जनता के साथ बहुत नाइंसाफी है
ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद
Updated Fri, 30 Dec 2016 02:35 AM IST
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समाजवादी पार्टी
- फोटो : अमर उजाला
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सीटें छह और प्रत्याशी दस.. जनता के साथ तो बहुत नाइंसाफी है। जनता तो जनता कार्यकर्ता खुद भी कंफ्यूज्ड हैं कि चुनाव किसे लड़ाया जाय। सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल ने बुधवार को जिले के जिन चार विधायकों का टिकट काटा था गुरुवार को सीएम अखिलेश यादव ने उन चारों विधायकों को अपनी लिस्ट में उम्मीदवार बना दिया।
मुलायम सिंह ने चारों विधायकों के टिकट काटकर जिन दूसरे चेहरों को पार्टी प्रत्याशी घोषित किया था उनके नाम सीएम ने अपनी सूची में काट दिए। हालांकि कुंदरकी और कांठ सीट पर चाचा - भतीजे की पसंद कॉमन रही। लेकिन सीएम की लिस्ट में अपना नाम कटने पर मुुलायम की लिस्ट के उम्मीदवार सीएम पर भड़क गए हैं।
इनका साफ कहना है कि सीएम सरकार हो सकते हैं, पार्टी नहीं। लिहाजा टिकट जारी करने और काटने का हक सिर्फ पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह और प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल को ही है।
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मुलायम सिंह की ओर से बुधवार को जारी की गई प्रत्याशियों की सूची में बिलारी विधायक मोहम्मद फहीम, ठाकुरद्वारा विधायक नवाबजान खां, शहर विधायक हाजी यूसुफ अंसारी और देहात विधायक शमीमुल हक का टिकट काट दिया गया था।
बुधवार को सपा की ओर से जारी की गई सूची में शहर सीट से पूर्व मेयर हुमायूं कदीर, बिलारी सीट से पूर्व सांसद डा. बर्क के पोते जियाउर्रहमान बर्क, देहात सीट से सौलत अली व ठाकुरद्वारा से महमूद हसन को टिकट दिया गया था।
लेकिन गुरुवार को सीएम अखिलेश यादव ने इन चारों ही सीटों पर मुलायम सिंह की लिस्ट वाले ये चारों प्रत्याशी बदल डाले हैं। इन चारों की जगह सीएम ने पहले लिस्ट से आउट हुए विधायकों को ही पार्टी प्रत्याशी बनाने का एलान किया है। सीएम की लिस्ट में अपना नाम काटे जाने से ये प्रत्याशी भड़के हुए हैं।
इनका कहना है कि अखिलेश यादव सीएम हैं इस नाते वह सरकार तो हैं लेकिन सपा के टिकट जारी करने या काटने का उन्हें कोई नहीं है। चारों प्रत्याशियों का कहना है कि मुलायम सिंह पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं लिहाजा पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी वही माने जाएंगे जिनका नाम बुधवार को मुलायम सिंह की ओर से जारी की गई सूची में दर्ज है। चारों का कहना है कि सपा के टिकट पर वही चुनाव लड़ेंगे।
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मुलायम सिंह ने चारों विधायकों के टिकट काटकर जिन दूसरे चेहरों को पार्टी प्रत्याशी घोषित किया था उनके नाम सीएम ने अपनी सूची में काट दिए। हालांकि कुंदरकी और कांठ सीट पर चाचा - भतीजे की पसंद कॉमन रही। लेकिन सीएम की लिस्ट में अपना नाम कटने पर मुुलायम की लिस्ट के उम्मीदवार सीएम पर भड़क गए हैं।
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इनका साफ कहना है कि सीएम सरकार हो सकते हैं, पार्टी नहीं। लिहाजा टिकट जारी करने और काटने का हक सिर्फ पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह और प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल को ही है।
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मुलायम सिंह की ओर से बुधवार को जारी की गई प्रत्याशियों की सूची में बिलारी विधायक मोहम्मद फहीम, ठाकुरद्वारा विधायक नवाबजान खां, शहर विधायक हाजी यूसुफ अंसारी और देहात विधायक शमीमुल हक का टिकट काट दिया गया था।
बुधवार को सपा की ओर से जारी की गई सूची में शहर सीट से पूर्व मेयर हुमायूं कदीर, बिलारी सीट से पूर्व सांसद डा. बर्क के पोते जियाउर्रहमान बर्क, देहात सीट से सौलत अली व ठाकुरद्वारा से महमूद हसन को टिकट दिया गया था।
लेकिन गुरुवार को सीएम अखिलेश यादव ने इन चारों ही सीटों पर मुलायम सिंह की लिस्ट वाले ये चारों प्रत्याशी बदल डाले हैं। इन चारों की जगह सीएम ने पहले लिस्ट से आउट हुए विधायकों को ही पार्टी प्रत्याशी बनाने का एलान किया है। सीएम की लिस्ट में अपना नाम काटे जाने से ये प्रत्याशी भड़के हुए हैं।
इनका कहना है कि अखिलेश यादव सीएम हैं इस नाते वह सरकार तो हैं लेकिन सपा के टिकट जारी करने या काटने का उन्हें कोई नहीं है। चारों प्रत्याशियों का कहना है कि मुलायम सिंह पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं लिहाजा पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी वही माने जाएंगे जिनका नाम बुधवार को मुलायम सिंह की ओर से जारी की गई सूची में दर्ज है। चारों का कहना है कि सपा के टिकट पर वही चुनाव लड़ेंगे।