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7000 फर्जी बैंक खाते खोलकर हड़प लिया करोड़ों का वजीफा 

Wed, 28 Aug 2019 03:28 AM IST
दुष्यंत शर्मा उमेश शर्मा, मुरादाबाद
उमेश शर्मा, मुरादाबाद Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Wed, 28 Aug 2019 03:28 AM IST
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scholarship fraud of crores after opening 7000 fake bank accounts in uttar pradesh
डेमो - फोटो : डेमो

भारत सरकार की ओर से नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल के माध्यम से अल्पसंख्यक छात्र-छात्राओं के लिए संचालित पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना में मंडल में बड़े पैमाने पर घोटाला सामने आया है। मंडल के मुरादाबाद, अमरोहा और संभल जिले में करीब 7000 फर्जी बैंक खाते खोलकर छात्रवृत्ति के 10 करोड़ रुपये से ज्यादा हड़पे गए हैं। 

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पुलिस की विवेचना में उजागर हुआ है कि छात्रवृत्ति की रकम हड़पने के लिए गैंग ने जिन शिक्षण संस्थाओं और बच्चों के नाम का इस्तेमाल किया, वह सभी फर्जी थे। गैंग में अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अफसरों की भूमिका भी सामने आई है। पुलिस ने अमरोहा के एक पूर्व जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को रविवार को गिरफ्तार कर लिया है।
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सरकार ने छात्रवृत्ति में घोटाला रोकने के लिए रकम सीधा बच्चों के बैंक खातों में ट्रांसफर करना शुरू किया लेकिन घोटालेबाजों ने उसका भी तोड़ ढूंढ निकाला। मामला तब खुला जब अल्पसंख्यक कल्याण निदेशालय की ओर से वजीफे के लिए छात्रों की सूची अग्रसारित करने वाली कुछ संस्थाओं पर संदेह जताते हुए इनकी जांच कराई गई। 
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जांच में पता चला कि मुरादाबाद की तीन, अमरोहा की पांच और संभल की 12 शिक्षण संस्थाएं फर्जी हैं। वजीफा हड़पने के लिए ये सिर्फ कागजों में चल रही हैं। निदेशालय की इस जांच के आधार पर अमरोहा में कोतवाली नगर, डिडौली और धनौरा में अमरोहा के तत्कालीन जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी हेमराज सिंह की ओर से तीन मुकदमे दर्ज कराए गए। इसी तरह संभल में भी हयातनगर थाने में दो और नखासा थाने में एक मुकदमा दर्ज कराया गया। लेकिन मुरादाबाद जिले में इस बाबत कोई एफआईआर ही दर्ज नहीं कराई गई।

अमरोहा में दर्ज कराए गए मुकदमों में जितेंद्र सिंह प्रबंधक कौशल कला केंद्र मंडी धनौरा, गिरीश चंद्र आर्य प्रबंधक राजहंस संगीत कला केंद्र धनौरा, शुभम सक्सेना प्रबंधक संगीत विद्यालय अहमद नगर अमरोहा और राकेश कुमार प्रबंधक जागृति संगीत विद्यालय बंगला अमरोहा को नामजद किया गया था। 

क्राइम ब्रांच की जांच में खुला कांड

अमरोहा क्राइम ब्रांच ने इसकी जांच की तो इस नाम पते पर कोई व्यक्ति हाथ नहीं आया। संस्थाएं भी फर्जी निकलीं। जब पुलिस ने आगे जांच की तो पता चला कि संस्थाएं, उनके पदाधिकारी और भारत सरकार को भेजी गई बच्चों की सूची व उनके दस्तावेज एकदम फर्जी थे। बैंक खाते भी फर्जी दस्तावेजों से खुलवाए गए थे। विवेचना के बाद अमरोहा पुलिस इस खेल को संचालित करने वाले गैंग तक पहुंच गई है। 

अमरोहा क्राइम ब्रांच ने खेल में शामिल अमरोहा के पूर्व जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी चंद्रभान श्रीवास्तव को रविवार को मुरादाबाद में अवंतिका कालोनी स्थित उनके आवास से गिरफ्तार कर लिया है। रिमांड मजिस्ट्रेट ने उन्हें जेल भेज दिया है। इससे पहले अमरोहा क्राइम ब्रांच अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के बाबू मयंक अग्रवाल, विभाग के संविदा कंप्यूटर आपरेटर आस मोहम्मद निवासी फतेहपुर डिडौली, ग्राहक सेवा केंद्र संचालक मुज्जमिल हसन निवासी संभल और हर्षवर्धन निवासी हिमगिरी मुरादाबाद को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। 

मुरादाबाद के हिमगिरी निवासी संजोग अग्रवाल उर्फ संजू मैसी की पुलिस को इस मामले में सरगरमी से तलाश है। संभल के अंकित त्यागी, अजीमुल हसन और नईमुल हसन के नाम भी पुलिस वांछितों की सूची में हैं। मामले में मास्टरमाइंड मुरादाबाद के ही हैं। संभल पुलिस ने भी विभाग के एक बाबू को गिरफ्तार कर लिया है।
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