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नशा मुक्ति केंद्र संचालक की कैद से 38 हुए आजाद
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मुरादाबाद। रामगंगा विहार स्थित नशा मुक्ति केंद्र और उसके संचालक के घर से मंगलवार को ताला तोड़कर 35 युवकों को मुक्त कराया गया। ताला केंद्र संचालक के पिता ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के कहने पर उनकी मौजूदगी में तोड़ा। इस मामले में केंद्र संचालक के खिलाफ मंगलवार देर रात तक भी रिपोर्ट दर्ज नहीं करवाई गई है। हालांकि प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इस मामले में कार्रवाई की जाएगी।
एसएचओ सिविल लाइन नवल मारवाह ने बताया कि नशा मुक्ति केंद्र संचालक के खिलाफ शिकायत मिली थी कि वह नशा मुक्ति केंद्र में बंद सांई गार्डन निवासी एक प्रापर्टी डीलर संजय को उसकी पत्नी ऋतु से नहीं मिलने दिया जा रहा है। शिकायत पर सोमवार रात को पुलिस के मौके पर पहुंचने पर भी केंद्र संचालक ने प्रापर्टी डीलर को नहीं छोड़ा न ही उसकी पत्नी से मिलने दिया। उसे चेतावनी दी गई थी कि मंगलवार तक नशा मुक्ति केंद्र के वैध दस्तावेज दिखाए। केंद्र संचालक ने थाने पहुंचकर दस्तावेज दिखाने की बात कही थी लेकिन उसने मंगलवार तक कागज नहीं दिखाए। इसकी सूचना क्षेत्रीय मद्यानिषेध अधिकारी उत्तम सिंह को दी गई। इसके बाद एएसपी आदित्य लांग्हे, और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। नशा मुक्ति केंद्र संचालक के पिता को छजलैट स्थित उनके गांव से बुलाया गया। उन्होंने ही दरवाजे का ताला अधिकारियों की मौजूदगी में तोड़ा और घर और नशा मुक्ति से 35 लोगों को बंधन मुक्त करवा उनके परिवार के सुपुर्द कर दिया गया। 10-12 लोग ऐसे हैं, जिनके परिवार वाले नहीं आए। फिलहाल उनको नशा मुक्ति केंद्र में रखा गया है। बुधवार को परिवार वाले पहुंचेंगे तो उनको भी छोड़ दिया जाएगा। नशा मुक्ति केंद्र को पूरी तरह से खाली करवाया जाएगा। एसएचओ ने बताया कि अगर इस मामले में अब उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट सौंपी जाएगी, उनके निर्देश पर कार्रवाई की जाएगी।
एक महिला ने आवाज उठाई और हो गया इंसाफ!
मुरादाबाद। बंधनमुक्त कराए गए युवकों ने बताया कि वह लंबे समय से मांग कर रहे थे कि उनको वहां से बाहर निकाला गया लेकिन कोई उनकी नहीं सुन रहा था। एक महिला ने आवाज उठाई तो उनको इंसाफ मिल गया है, वह वापस अपने घर पहुंच गए हैं। उन्होंने बताया कि नशा मुक्ति केंद्र में उनको यातनाएं दी जाती थी।
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पत्नी की बहादुरी की संजय ने की सराहना
मुरादाबाद। एसएचओ सिविल लाइन नवल मारवाह ने बताया कि संजय ने कहा कि उनकी पत्नी ऋतु को नशा मुक्ति केंद्र संचालक चार दिन से घर के बाहर से भगा देता था, उनसे मिलने नहीं देता था। लेकिन ऋतु ने हार नहीं मानी, वह उनसे मिलने की जिद पर अड़ी रहीं। जिसकी वजह से वह कैद से आजाद हो सके हैं।
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एसएचओ सिविल लाइन नवल मारवाह ने बताया कि नशा मुक्ति केंद्र संचालक के खिलाफ शिकायत मिली थी कि वह नशा मुक्ति केंद्र में बंद सांई गार्डन निवासी एक प्रापर्टी डीलर संजय को उसकी पत्नी ऋतु से नहीं मिलने दिया जा रहा है। शिकायत पर सोमवार रात को पुलिस के मौके पर पहुंचने पर भी केंद्र संचालक ने प्रापर्टी डीलर को नहीं छोड़ा न ही उसकी पत्नी से मिलने दिया। उसे चेतावनी दी गई थी कि मंगलवार तक नशा मुक्ति केंद्र के वैध दस्तावेज दिखाए। केंद्र संचालक ने थाने पहुंचकर दस्तावेज दिखाने की बात कही थी लेकिन उसने मंगलवार तक कागज नहीं दिखाए। इसकी सूचना क्षेत्रीय मद्यानिषेध अधिकारी उत्तम सिंह को दी गई। इसके बाद एएसपी आदित्य लांग्हे, और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। नशा मुक्ति केंद्र संचालक के पिता को छजलैट स्थित उनके गांव से बुलाया गया। उन्होंने ही दरवाजे का ताला अधिकारियों की मौजूदगी में तोड़ा और घर और नशा मुक्ति से 35 लोगों को बंधन मुक्त करवा उनके परिवार के सुपुर्द कर दिया गया। 10-12 लोग ऐसे हैं, जिनके परिवार वाले नहीं आए। फिलहाल उनको नशा मुक्ति केंद्र में रखा गया है। बुधवार को परिवार वाले पहुंचेंगे तो उनको भी छोड़ दिया जाएगा। नशा मुक्ति केंद्र को पूरी तरह से खाली करवाया जाएगा। एसएचओ ने बताया कि अगर इस मामले में अब उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट सौंपी जाएगी, उनके निर्देश पर कार्रवाई की जाएगी।
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एक महिला ने आवाज उठाई और हो गया इंसाफ!
मुरादाबाद। बंधनमुक्त कराए गए युवकों ने बताया कि वह लंबे समय से मांग कर रहे थे कि उनको वहां से बाहर निकाला गया लेकिन कोई उनकी नहीं सुन रहा था। एक महिला ने आवाज उठाई तो उनको इंसाफ मिल गया है, वह वापस अपने घर पहुंच गए हैं। उन्होंने बताया कि नशा मुक्ति केंद्र में उनको यातनाएं दी जाती थी।
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पत्नी की बहादुरी की संजय ने की सराहना
मुरादाबाद। एसएचओ सिविल लाइन नवल मारवाह ने बताया कि संजय ने कहा कि उनकी पत्नी ऋतु को नशा मुक्ति केंद्र संचालक चार दिन से घर के बाहर से भगा देता था, उनसे मिलने नहीं देता था। लेकिन ऋतु ने हार नहीं मानी, वह उनसे मिलने की जिद पर अड़ी रहीं। जिसकी वजह से वह कैद से आजाद हो सके हैं।