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Moradabad News: मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के लक्ष्य में कटौती
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मुरादाबाद। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत इस बार पिछले साल की अपेक्षा बजट में कटौती हो गई है। माना जा रहा है कि यह कटौती पिछले साल दो समारोहों में हुई 1636 शादियों में हेराफेरी के आरोप लगने के कारण हुई है। इस साल पहला लक्ष्य 243 जोड़ों की शादी का आया है।
जिला समाज कल्याण अधिकारी के अनुसार वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के पहले लक्ष्य के लिए 2.43 करोड़ का बजट तय किया गया है। पिछले वित्तीय वर्ष में पहले लक्ष्य के लिए बजट 5.67 करोड़ का था। वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान जिले में चार व पांच दिसंबर को आयोजित सामूहिक शादी समारोह में कुल 1636 जोड़ों की शादियां कराई गई थीं।
जिसमें बरातियों पर होने व्यय के साथ साथ दुल्हन को दिए जाने वाले सामान में भी हेराफेरी की गई। शिकायत के बाद मुद्दा उठा तो जिलास्तर पर भी जांच कराई गई। 35 जोड़े अपात्र मिले और सामान देने में भी भारी हेराफेरी सामने आई थी। जिसमें पंचायत विभाग के नौ सचिवों को निलंबित भी किया गया था। पिछले साल कुल 2015 शादियां कराई गई थीं लेकिन इस बार अभी तक सिर्फ 243 जोडो़ं की शादी कराने का ही लक्ष्य मिला है।
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हालांकि विभागीय अधिकारियों का उम्मीद है कि दूसरी बार आने वाले लक्ष्य में बढ़ोतरी हो सकती है। इस योजना के तहत सरकार की ओर से प्रति जोड़ा एक लाख रुपये व्यय किया जाता है, इसमें 60 हजार रुपये दुल्हन को खाते में दिया जाता है।
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जिला समाज कल्याण अधिकारी के अनुसार वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के पहले लक्ष्य के लिए 2.43 करोड़ का बजट तय किया गया है। पिछले वित्तीय वर्ष में पहले लक्ष्य के लिए बजट 5.67 करोड़ का था। वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान जिले में चार व पांच दिसंबर को आयोजित सामूहिक शादी समारोह में कुल 1636 जोड़ों की शादियां कराई गई थीं।
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जिसमें बरातियों पर होने व्यय के साथ साथ दुल्हन को दिए जाने वाले सामान में भी हेराफेरी की गई। शिकायत के बाद मुद्दा उठा तो जिलास्तर पर भी जांच कराई गई। 35 जोड़े अपात्र मिले और सामान देने में भी भारी हेराफेरी सामने आई थी। जिसमें पंचायत विभाग के नौ सचिवों को निलंबित भी किया गया था। पिछले साल कुल 2015 शादियां कराई गई थीं लेकिन इस बार अभी तक सिर्फ 243 जोडो़ं की शादी कराने का ही लक्ष्य मिला है।
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हालांकि विभागीय अधिकारियों का उम्मीद है कि दूसरी बार आने वाले लक्ष्य में बढ़ोतरी हो सकती है। इस योजना के तहत सरकार की ओर से प्रति जोड़ा एक लाख रुपये व्यय किया जाता है, इसमें 60 हजार रुपये दुल्हन को खाते में दिया जाता है।