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रियल टाइम डाटा एक्विजिशन सिस्टम से होगी बिजलीघरों की निगरानी
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मुरादाबाद। उपभोक्ताओं को बेहतर विद्युत सप्लाई देने के लिए विभाग पर सरकार का दबाव बढ़ता जा रहा है। अब शहर के हर बिजलीजर और प्रत्येक फीडर की निगरानी के लिए रियल टाइम डाटा एक्विजिशन सिस्टम तैयार किया गया है। मुरादाबाद शहर के सभी बिजलीघरों पर इसे लगाया जा रहा है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सबसे पहले इसकी शुरूआत भी मुरादाबाद से ही हुई थी।
इस सिस्टम के माध्यम से शहर के प्रत्येक फीडर की मॉनिटरिंग के लिए मुख्य अभियंता कार्यालय पर डिवाइस लगाई जाएगी। इस डिवाइस से पल-पल की अपडेट पीवीवीएनएल मुख्यालय मेरठ और यूपीपीसीएल मुख्यालय लखनऊ तक पहुंचेगी। ब्रेक डाउन की वजह, इमरजेंसी फाल्ट की स्थिति, फाल्ट ठीक करने में देरी की वजह आदि की जानकारी मुख्यालय को उपलब्ध करानी होगी। हालांकि यह सिस्टम कितना कारगर साबित होगा यह कुछ माह में पता चल जाएगा। इसके अलावा विद्युत विभाग स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत स्काडा योजना पर भी काम कर रहा है।
इस योजना के तहत शहर के सभी बिजलीघरों को एक सिस्टम के साथ जोड़ दिया जाएगा। ऐसे में यदि किसी बिजलीघर से जुड़े किसी भी इलाके में फाल्ट होता है तो दूसरे बिजलीघर से बिजली की सप्लाई स्वत: ही चालू हो जाएगी। बुधवार को मुख्य अभियंता पंकज कुमार ने इस विषय पर अधीक्षण अभियंता संजय गुप्ता और अन्य अधिकारियों के साथ चर्चा की। इसके अलावा राजस्व बढ़ाने के लिए बिलिंग पर ध्यान देने के लिए कहा गया। अधीक्षण अभियंता ने कहा कि अब शहर में बिलिंग फीडर के आधार पर न होकर ट्रांसफार्मर के आधार पर हो रही है। इस तरह कार्य को छोटी इकाई में बांटने से ज्यादा उपभोक्ताओं तक कम समय में पहुंचा जा सकता है।
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इस सिस्टम के माध्यम से शहर के प्रत्येक फीडर की मॉनिटरिंग के लिए मुख्य अभियंता कार्यालय पर डिवाइस लगाई जाएगी। इस डिवाइस से पल-पल की अपडेट पीवीवीएनएल मुख्यालय मेरठ और यूपीपीसीएल मुख्यालय लखनऊ तक पहुंचेगी। ब्रेक डाउन की वजह, इमरजेंसी फाल्ट की स्थिति, फाल्ट ठीक करने में देरी की वजह आदि की जानकारी मुख्यालय को उपलब्ध करानी होगी। हालांकि यह सिस्टम कितना कारगर साबित होगा यह कुछ माह में पता चल जाएगा। इसके अलावा विद्युत विभाग स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत स्काडा योजना पर भी काम कर रहा है।
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इस योजना के तहत शहर के सभी बिजलीघरों को एक सिस्टम के साथ जोड़ दिया जाएगा। ऐसे में यदि किसी बिजलीघर से जुड़े किसी भी इलाके में फाल्ट होता है तो दूसरे बिजलीघर से बिजली की सप्लाई स्वत: ही चालू हो जाएगी। बुधवार को मुख्य अभियंता पंकज कुमार ने इस विषय पर अधीक्षण अभियंता संजय गुप्ता और अन्य अधिकारियों के साथ चर्चा की। इसके अलावा राजस्व बढ़ाने के लिए बिलिंग पर ध्यान देने के लिए कहा गया। अधीक्षण अभियंता ने कहा कि अब शहर में बिलिंग फीडर के आधार पर न होकर ट्रांसफार्मर के आधार पर हो रही है। इस तरह कार्य को छोटी इकाई में बांटने से ज्यादा उपभोक्ताओं तक कम समय में पहुंचा जा सकता है।
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