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तिरंगे में लिपटे रवि को देख गर्व और गम में डूबा शहर

Fri, 02 Jun 2017 02:42 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद Updated Fri, 02 Jun 2017 02:42 AM IST
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ravi dead body come back to home
पर्वतारोही रवि कुमार (फाइल फोटो)
भोला सिंह की मिलक गांव के हर शख्स की आंख से आंसू बह रहे थे। बच्चे, युवक और युवतियां पर्वतारोही रवि कुमार के जिंदाबाद के नारे लगा रहे थे तो बूढ़े बुजुर्ग और महिलाएं रवि को याद कर रो रहीं थीं।
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तिरंगे में लिपटा रवि कुमार का शव देखकर लोग गर्व और गम में डूब गए। उन्हें दुख था कि रवि कुमार इस दुनिया में नहीं रहे, लेकिन गर्व इस बात का था कि दुनिया की सबसे ऊंची चोटी पर तिरंगा लगाकर गांव का नाम रोशन कर दिया। वह जांबाज रवि कुमार जिंदाबाद के नारे लगते रहे।
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भोला सिंह की मिलक निवासी रेलवे कर्मचारी हरकेश सिंह के तीसरे नंबर के बेटे रवि कुमार को बचपन से ही दुनिया की ऊंची चोटियों पर भारतीय तिरंगा लहराने का जुनून सवार था। जिस गांव से वह 19 मार्च को सभी का आशीर्वाद लेकर माउंट एवरेस्ट को फतह करने निकला था।
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गुरुवार को तिरंगे में लिपटा उसका शव पहुंचा तो गांव में चीख पुकार मच गई। हर आंख नम हो गई। उसके अंतिम दर्शन के लिए भीड़ उमड़ पड़ी। बच्चे, युवक, युवती और महिलाएं व बुजुर्ग सभी रवि के घर पहुंच गए। रवि कुमार जिंदाबाद के नारे लगाते रहे।


गम में डूबे पिता ने दी बेटे को मुखाग्नि


कहते हैं दुनिया में सबसे बड़ा बोझ पिता के कांधे पर बेटे के शव का होता है। बेटे की मौत से पिता इतना टूट जाते हैं कि उन्हें संभालना भी मुश्किल होता है। लेकिन रवि के पिता के न तो कदम डगमगाए और न ही उन्होंने हिम्मत हारी।

उन्होंने खुद को तो संभाला ही परिजनों की हिम्मत नहीं टूटने दी। हरकेश सिंह ने जांबाज बेटे को कांधा भी दिया और मुखाग्नि देकर उसे विदा भी किया। भोला सिंह की मिलक निवासी हरकेश सिंह के बेटे रवि कुमार ने 20 मई को माउंट एवरेस्ट फतह किया था।

बेटे ने इतिहास रचा तो पूरा परिवार खुश था। उसके घर लौटने का इंतजार हो रहा था। लेकिन अगले ही दिन उनके लापता होने की खबर ने पूरे परिवार को तोड़ दिया था। भाई मनोज कुमार, गौरव और सुनील कुमार दुखी थे। लेकिन पिता ने एक पल के लिए भी हिम्मत नहीं हारी।


पिता के इस साहस को देखकर परिवार को शक्ति मिल रही थी। बुधवार देर रात रवि कुमार का शव मुरादाबाद पहुंच गया था। गुरुवार दोपहर शव रवि के घर पहुंचा। गुरुवार दोपहर पिता हरकेश सिंह ने रवि कुमार को मुखाग्नि दी।
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