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मंदिर निर्माण में कांग्रेस करवा रही देरी, अगले साल शुरू हो जाएगा कार्य- वेदांती
Mon, 22 Jul 2019 05:56 AM IST
Abhishek Singh
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुरादाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुरादाबाद
Published by: Abhishek Singh
Updated Mon, 22 Jul 2019 05:56 AM IST
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पूर्व सांसद राम विलास वेदांती
- फोटो : Amar Ujala
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श्री परिवार दिव्य महायज्ञ की ओर से 26 जनवरी में होने वाली महायज्ञ की तैयारियों के मद्देनजर आयोध्या से राम मंदिर जन्म भूमि न्यास के सदस्य डॉ. रामविलास वेदांती शहर पहुंचे। उन्होंने कहा कि यदि सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई में कोई हल नहीं निकलता है तो वर्ष 2020 में राज्यसभा में बहुमत मिलने के बाद कानून बनाकर मंदिर निर्माण करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि मुस्लिम समुदाय सड़क पर नमाज पढ़ सकता है तो हिंदू धर्म के लोग सुंदरकांड का पाठ भी कर सकते हैं। इससे किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए।
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हनुमान मूर्ति स्थित एक निर्यात फर्म पर पहुंचे वेदांती ने कहा कि कांग्रेस मंदिर निर्माण में देरी करवा रही है। कांग्रेस के नेता दूसरे पक्ष की तरफ से केस लड़ रहे हैं। इस केस को उलझाने के लिए पाकिस्तान से फंडिग की जा रही है, क्योंकि पाकिस्तान नहीं चाहता कि भारत में सांप्रदायिक सौहार्द बना रहे।
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समझौते के लिए जिन तीन महापुरुषों को लगाया गया था, उनमें श्रीश्री रविशंकर ने अपना पक्ष रखा, जिसमें उन्होंने कभी बाबर के अयोध्या न आने की बात कही है। बाबर के नाम पर अयोध्या में कोई चिह्न नहीं है, जबकि राम के नाम पर अनगिनत प्रमाण हैं। हाईकोर्ट ने 30 सितंबर 2010 को सिद्ध किया, जहां रामलला विराजमान हैं, वहीं मंदिर बने। लखनऊ में मस्जिद बनाने का प्रस्ताव किया था।
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रामलला के नीचे भगवान शिव का अष्टदल कमल का मंदिर है। वैज्ञानिकों और नासा के उपग्रह ने सिद्ध कर दिया है। खुदाई में मंदिर के चिह्न मिले हैं, जबकि मस्जिद में मूर्ति नहीं होती है। अब सुप्रीम कोर्ट में सिद्ध करना बाकी है। उन्होंने भरोसा है कि साक्ष्यों के आधार पर फैसला हो जाएगा। यदि निर्णय सही या गलत आता है तो संसद में कानून बनकर मंदिर बन जाएगा।
उन्होंने कहा कि मॉब लिंचिंग की प्रत्येक घटना को जय श्रीराम के नारे से जोड़ना गलत है। जय श्री राम के नारे पर राक्षस और मुगल प्रतिबंध नहीं लगा पाए तो यदि ममता बनर्जी क्या रोक लगाएगी। रोक लगाती हैं तो हम नारा लगाएंगे। अब हम जवाब दे रहे हैं।
स्वयं कथावाचक के रूप में आमंत्रित करने की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि 26 जनवरी 2020 को शिव शक्ति महायज्ञ की कलश यात्रा मुरादाबाद शहर में निकलेगी और 27 जनवरी से यज्ञ प्रारंभ होगा। शाम चार बजे से शिव शक्ति कथा होगी। दो फरवरी 2020 को विराट संत सम्मेलन होगा।
जिसमें सभी शंकराचार्य और महामंडलेश्वर के आने की उम्मीद है। इस दौरान अध्यक्ष महेश कुमार, पंडित कृष्णा स्वामी, सुधीर श्रीवास्तव, नरेश सक्सेना, राजीव अग्रवाल, विकास ममगई आदि मौजूद रहे।