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Moradabad News: गैर इरादतन हत्या और दुष्कर्म में झोलाछाप को 10 साल कैद
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मुरादाबाद। गैर इरादतन हत्या और दुष्कर्म के मामले में अदालत ने झोलाछाप डॉक्टर मनीष वर्मा को अदालत ने दस साल की कैद की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 22 हजार का जुर्माना भी लगाया है।
रामपुर जिले के मिलक थाना क्षेत्र निवासी महिला ने मूंढापांडे थाने में नौ मई 2019 को मूढ़ापांडे के बूजुपुर मान निवासी झोलाछाप डाक्टर मनीष वर्मा के खिलाफ केस दर्ज कराया था। इसमें महिला ने बताया कि वह मां, पिता और पति के संग रसौली का इलाज कराने के लिए आरोपी मनीष के क्लीनिक में गई थी। उसके पिता किसी काम से चले गए थे। इस बीच डाक्टर ने पति को सोने के लिए पास में टाल पर भेज दिया था जबकि मां बेटी क्लीनिक में ही रुक गई थीं।
झोलाछाप ने मां का सिर का दर्द ठीक करने के लिए नशीला इंजेक्शन लगा दिया था और दुष्कर्म की कोशिश की। महिला ने विरोध किया तो आरोपी उसे धमकाने लगा। वह मां के पास पहुंची तो वह बेहोशी की हालत में मिली थी। महिला ने पति और पिता को बुला लिया था। इसके बाद महिला की मां को अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उसकी मौत हो गई थी।
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पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। मुकदमे की सुनवाई विशेष न्यायाधीश एससी-एससी सुरेंद्र कुमार की कोर्ट में चली। विशेष लोक अभियोजन आनंद सिंह ने सरकार की ओर पक्ष रखा। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आरोपी मनीष वर्मा को दोषी करार देते हुए दस साल की कैद की सजा सुनाई है।
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रामपुर जिले के मिलक थाना क्षेत्र निवासी महिला ने मूंढापांडे थाने में नौ मई 2019 को मूढ़ापांडे के बूजुपुर मान निवासी झोलाछाप डाक्टर मनीष वर्मा के खिलाफ केस दर्ज कराया था। इसमें महिला ने बताया कि वह मां, पिता और पति के संग रसौली का इलाज कराने के लिए आरोपी मनीष के क्लीनिक में गई थी। उसके पिता किसी काम से चले गए थे। इस बीच डाक्टर ने पति को सोने के लिए पास में टाल पर भेज दिया था जबकि मां बेटी क्लीनिक में ही रुक गई थीं।
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झोलाछाप ने मां का सिर का दर्द ठीक करने के लिए नशीला इंजेक्शन लगा दिया था और दुष्कर्म की कोशिश की। महिला ने विरोध किया तो आरोपी उसे धमकाने लगा। वह मां के पास पहुंची तो वह बेहोशी की हालत में मिली थी। महिला ने पति और पिता को बुला लिया था। इसके बाद महिला की मां को अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उसकी मौत हो गई थी।
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पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। मुकदमे की सुनवाई विशेष न्यायाधीश एससी-एससी सुरेंद्र कुमार की कोर्ट में चली। विशेष लोक अभियोजन आनंद सिंह ने सरकार की ओर पक्ष रखा। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आरोपी मनीष वर्मा को दोषी करार देते हुए दस साल की कैद की सजा सुनाई है।