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चलते-चलते हमेशा के लिए थम गई पुनीत की जिंदगी की ‘साइकिल’

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 03 Dec 2020 01:50 AM IST
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punit died when he did his homework
कांठ रोड स्थित हिमगिरी कालोनी का रहने वाला बच्चा पुनीत कुमार लोगी लगने के बाद छत के उपर रखी पुस्त? - फोटो : CITY
मुरादाबाद। सात साल के मासूम पुनीत को शायद ये न मालूम हो कि जिंदगी और साइकिल चलने का नाम है। लेकिन उसे साइकिल चलाने का बहुत शौक था। घर की छत और सड़क पर खूब साइकिल दौड़ाता था। ऑनलाइन पढ़ाई में उसे मिले आखिरी होमवर्क में भी साइकिल शब्द ही 36 बार लिखना था। मगर वह 13 बार ही साइकिल लिख पाया। पुनीत की जिंदगी की साइकिल चलते-चलते हमेशा के लिए थम गई। उसका होमवर्क अधूरा रह गया।
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हिमगिरी कालोनी में भारत गैस एजेंसी के पास ही विजय कुमार का मकान है। इस मकान में विजय के तीन भाई दीपू, रिंकू उर्फ विजय कुमार, रीनू उर्फ अजय और अमन भी रहते हैं। जबकि पांचवां भाई विष्णु कुमार दूसरे मकान में रहता है। विजय का सात वर्षीय बेटा पुनीत मोहन पब्लिक स्कूल में पहली कक्षा में पढ़ता था। जबकि एक बेटी श्रुति (3) है। बुधवार सुबह पुनीत ने ऑनलाइन क्लास की थी। टीचर ने उसे होमवर्क दिया था। पुनीत की चाची आलिया छत पर उसका होमवर्क करा रही थी। इस बीच चाची दूध लेने चली गई। उसे होमवर्क में हिंदी में 36 बार साइकिल लिखना था। अभी वह कॉपी पर 13 बार ही साइकिल लिख पाया था कि घर के सामने रहने वाले पड़ोसी के घर में हंगामा होने लगा। शोर शराब सुनकर पुनीत अपना होमवर्क छोड़कर अपनी मां के पास पहुंच गया। इसी दौरान आरोपी के घर से गोली चली। जो मासूम पुनीत के गले में जा धंसी और उसकी मौत हो गई। उसकी कॉपी पर पेंसिल और ईरेजर रखे मिले। जिस साइकिल को उसे चलाने का शौक था वही साइकिल पुनीत की सात साल की जिंदगी का आखिरी शब्द बन गया।
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होमवर्क पूरा करके ही सोता था पुनीत
पिता विजय कुमार ने बताया कि उसके बेटे को पढ़ने लिखने का बहुत शौक था। वह रात को अपना होमवर्क पूरा करने के बाद ही सोता था। सुबह जागने पर फिर से अपनी कॉपी किताबें और पेंसिल उठा लेता था। विजय और उसकी पत्नी तमाम सपने देख रहे थे। लेकिन आरोपियों ने उसके सपनों को चकनाचूर कर दिया।
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ताऊ ताई और चाचा चाची का भी लाडला था मासूम
पुनीत अपने मां बाप का तो प्यारा था ही, अपनी ताई-ताऊ और चाचा-चाची का भी लाडला था। वह मां बाप से अधिक ताऊ-ताई और चाचा-चाची के पास रहता था। आखिरी समय भी वह चाची के पास ही बैठकर होमवर्क कर रहा था।
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