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बच्चों की किताबों पर भी मचाई लूट-खसोट
ब्यूरो/ अमर उजाला मुरादाबाद
Updated Thu, 04 Jun 2015 06:53 PM IST
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कोर्स की किताबों पर खूब वसूली की गई है। कुछ किताबों पर स्लिप लगाकर रेट बदल दिए गए थे। बुधवार को विधिक माप विज्ञान विभाग की टीम ने छापा मारकर इसका खुलासा किया है। एक किताब की कीमत 95 रुपये थी लेकिन उस पर स्लिप लगाकर 110 रुपये कर दिया गया था। कई प्रकाशकों की किताबों पर एमआरपी करों के साथ नहीं लिखी गई थी।
छह प्रकाशकों को नोटिस जारी कर दिया गया है। बुधवार को विधिक माप विज्ञान विभाग के जिला प्रभारी प्रमोद पाल ने इंडियन बुक डिपो पर छापा मारा था। यहां सभी प्रकाशकों की किताबों को चेक किया गया। नवदीप पब्लिकेशन नई दिल्ली की किताब सुलेख माला भाग चार को जब देखा गया तो जहां एमआरपी लिखी थी वहां एक स्लिप नजर आई। जब इसे हटाया तो रेट का ‘खेल’ नजर आया।
पहली स्लिप पर 95 रुपये लिखा था जबकि दूसरी पर 110 रुपये। जिला प्रभारी ने बताया कि यह प्रकाशक स्तर से ही गड़बड़ी हुई है लिहाजा नवदीप पब्लिकेशन को नोटिस जारी कर दिया गया है। यहां तीन प्रकाशकों की किताबों पर एमआरपी कर के साथ नहीं लिखी गई थी इस पर सृजन पब्लिकेशन प्राइवेट लिमिटेड दिल्ली, पीयरसन इंडिया एजूकेशन सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड नई दिल्ली और हेडवर्ड पब्लिशिंग कंपनी प्राइवेट लिमिटेड नोएडा को नोटिस भेजा है। इसके बाद हिमालय बुक डिपो पर छापा मारा गया।
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यहां ऐवरग्रीन पब्लिकेशन लिमिटेड नई दिल्ली और स्टर्लिंग पब्लिसर प्राइवेट लिमिटेड नई दिल्ली ने भी किताब का रेट करों को जोड़कर नहीं दर्शाया है। विधिक माप विज्ञान के जिला प्रभारी प्रमोद पाल ने बताया कि विधिक माप विज्ञान अधिनियन 2009 के तहत प्रकाशकों को नोटिस जारी किया गया है। दोनों बुक डिपो का भी चालान कर दिया गया है।
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छह प्रकाशकों को नोटिस जारी कर दिया गया है। बुधवार को विधिक माप विज्ञान विभाग के जिला प्रभारी प्रमोद पाल ने इंडियन बुक डिपो पर छापा मारा था। यहां सभी प्रकाशकों की किताबों को चेक किया गया। नवदीप पब्लिकेशन नई दिल्ली की किताब सुलेख माला भाग चार को जब देखा गया तो जहां एमआरपी लिखी थी वहां एक स्लिप नजर आई। जब इसे हटाया तो रेट का ‘खेल’ नजर आया।
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पहली स्लिप पर 95 रुपये लिखा था जबकि दूसरी पर 110 रुपये। जिला प्रभारी ने बताया कि यह प्रकाशक स्तर से ही गड़बड़ी हुई है लिहाजा नवदीप पब्लिकेशन को नोटिस जारी कर दिया गया है। यहां तीन प्रकाशकों की किताबों पर एमआरपी कर के साथ नहीं लिखी गई थी इस पर सृजन पब्लिकेशन प्राइवेट लिमिटेड दिल्ली, पीयरसन इंडिया एजूकेशन सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड नई दिल्ली और हेडवर्ड पब्लिशिंग कंपनी प्राइवेट लिमिटेड नोएडा को नोटिस भेजा है। इसके बाद हिमालय बुक डिपो पर छापा मारा गया।
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यहां ऐवरग्रीन पब्लिकेशन लिमिटेड नई दिल्ली और स्टर्लिंग पब्लिसर प्राइवेट लिमिटेड नई दिल्ली ने भी किताब का रेट करों को जोड़कर नहीं दर्शाया है। विधिक माप विज्ञान के जिला प्रभारी प्रमोद पाल ने बताया कि विधिक माप विज्ञान अधिनियन 2009 के तहत प्रकाशकों को नोटिस जारी किया गया है। दोनों बुक डिपो का भी चालान कर दिया गया है।